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नोटबंदी में 23 जगह खपाए गए पुराने नोट, RBI के पास आंकड़ा नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को इस बात की जानकारी नहीं है कि नोटबंदी के दौरान पेट्रोल पंप , रेलवे टिकट और बिजली- पानी आदि के बिलों के भुगतान में लोगों ने कितने 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट खपा दिए| दरअसल, 8 नवंबर 2016 को पीएम नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था| इस ऐलान के तहत 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को बंद कर दिया गया था| लेकिन लोगों की सहूलियत के लिए सरकार ने 23 सर्विसेज के बिलों का भुगतान कुछ समय के लिए ऐसे पुराने नोट के जरिए करने की छूट दे रखी थी|

नोटबंदी के दौरान जिन जगहों पर 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट इस्‍तेमाल हो रहे थे उनमें सरकारी अस्पताल , रेल , सार्वजनिक परिवहन , हवाई अड्डों पर विमान टिकट शामिल थे| इसी तरह दुग्ध केंद्रों , श्मशान / कब्रिस्तान , पेट्रोल पंप , मेट्रो रेल टिकट , डॉक्टर के पर्चे पर सरकारी और निजी फार्मेसी से दवा खरीदने वालों को भी पुराने नोट के इस्‍तेमाल की इजाजत थी|

इसके अलावा एलपीजी गैस सिलेंडर , रेलवे खानपान , बिजली और पानी के बिल , एएसआई स्मारकों के प्रवेश टिकट और नाकों पर शुल्क आदि जगह पर भी पुराने नोट लिए जा रहे थे| हालांकि कुछ दिनों बाद छूट की यह सुविधा हटा ली गई थी|

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत यह जानकारी मांगी गई थी कि इन 23 सेवाओं में कितने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बैंकों में वापस आ गए| आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा  बिलों के भुगताने के लिए इस्तेमाल किए गए पुराने नोटों के संबंध में हमारे पास जानकारी उपलब्ध नहीं है| माना जा रहा है ऐसे भुगतानों के जरिए पुराने नोट अच्छी खासी संख्या में पुन: बैंकों में वापस आ गए थे|

 बता दें कि सरकार ने 25 नवबंर 2016 से 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट बदलने पर रोक लगा दी थी और इन 23 सेवाओं के लिए सिर्फ 500 का पुराना नोट स्वीकार करने की अनुमति दी थी| हालांकि , सरकार ने 2 दिसंबर 2016 से पेट्रोल पंप और हवाई अड्डों पर टिकट खरीदने में 500 रुपये के पुराने नोटों का इस्तेमाल भी रोक दिया था|

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