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5G को लेकर अमेरिका और चीन में क्यों चल रही ‘जंग’

मोबाइल नेटवर्क्स की फिफ्थ जेनरेशन किस तरह से हमारी दिनचर्या को बदल देगा, 5G आपके मोबाइल और कंप्यूटर के अलावा बहुत से डिवाइसेज को इंटरनेट से जोड़ेगा।

हिसार टुडे।
5G या मोबाइल नेटवर्क्स की फिफ्थ जेनरेशन किस तरह से हमारी दिनचर्या को बदल देगा, इसे अभी कुछ ही लोग समझ सकते हैं। 5G आपके मोबाइल और कंप्यूटर के अलावा बहुत से डिवाइसेज को इंटरनेट से जोड़ेगा। ऐसे में 5G टेक्नॉलजी पर दबदबा बनाना बेहद अहम हो जाता है और इसी को लेकर दुनिया के दो सुपरपावर अमेरिका और चीन के बीच एक तरह की ‘जंग’ छिड़ी है।

5G का कौन पहले और ज्यादा फायदा उठाएगा, इसको लेकर चीन और अमेरिका के बीच तगड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है। हम आपको बता रहे हैं कि क्या है 5G और यह कैसे दुनिया की तस्वीर बदल सकता है।

ज्यादा होगी डाउनलोड स्पीड

निश्चित रूप से 4G से हैंडहेल्ड डिवाइसेज का परफॉर्मेंस बेहतर और तेज हुआ है। अगर 5G की बात करें तो न केवल यह फास्ट होगा, बल्कि यह चिप वाले सभी डिवाइसेज को हर समय नेटवर्क से जोड़े रखेगा।

5G नेटवर्क में आपका स्मार्टफोन, टैबलेट, टेलिविजन, होम सिक्यॉरिटी सिस्टम, रेफ्रिजरेटर, कार, ट्रैफिक लाइट, पार्किंग मीटर और बहुत सारी चीजें कनेक्ट रहेंगी। अगर डाउनलोड स्पीड के मामले में 4G और 5G की तुलना करें तो जहां 4G की डाउनलोड स्पीड 1Gb/S है। वहीं, 5G की डाउनलोड स्पीड 20Gb/S होगी।

40 सेकंड में डाउनलोड होगी 5GB फुल HD मूवी

अगर हम 5GB फुल HD मूवी के डाउनलोड में लगने वाले समय की बात करें तो 2G में इस फिल्म की डाउनलोडिंग में 1 महीने से ज्यादा का समय लगता था। वहीं, 3G में यह मूवी 1 दिन में डाउनलोड होती थी। जबकि 4G में 5GB फुल HD मूवी के डाउनलोड में 7 मिनट का वक्त लगता है। वहीं, 5G नेटवर्क पर यह फिल्म सिर्फ 40 सेकंड में डाउनलोड हो जाएगी। 4G/LTE की मैक्सिमम बैंडविद्थ 100 मेगाहर्ट्ज है। वहीं, 5G में बैंडविद्थ 1,000 मेगाहर्ट्ज होगी।

बिना ड्राइवर वाली कार से लेकर स्मार्ट पिल्स तक

ड्राइवरलेस कारों को वीइकल और फिक्स्ड इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच डेटा साझा करने के लिए 5G की जरूरत होगी, ताकि गाड़ियों के बीच टक्कर से बचा जा सके। 5G मोबाइल टेक्नॉलजी ऑटोमेशन को भी रफ्तार देगी।

फैक्ट्रियों को दूर से कंट्रोल करने के साथ मशीनों को कैसे ऑपरेट किया जा सकता है, 5G इसमें मदद करेगा। साथ ही, इस टेक्नॉलजी की मदद से सप्लाई चेन को मॉनिटर करने के अलावा बाहरी सिस्टम के साथ आप कम्युनिकेट कर पाएंगे।

5G मोबाइल टेक्नॉलजी वियरेबल डिवाइसेज को सपॉर्ट करेगी, जिससे मरीजों को मॉनिटर करने के साथ हाई-डेफिनिशन विडियो के जरिए ऑनलाइन कंसल्टेशन संभव होगा। साथ ही, रोबॉटिक सर्जरी और स्मार्ट पिल्स का इस्तेमाल आसान होगा। गेमिंग के अलावा, टेलिमेडिसिन, एजुकेशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे दूसरे सेगमेंट में वर्चुअल रियल्टी और एग्युमेंटेड रियल्टी का इस्तेमाल हो सकेगा।

अमेरिका के मुकाबले चीन को बढ़त

जो देश पहले 5G मोबाइल टेक्नॉलजी अपनाएगा, उसे उतना अधिक आर्थिक फायदा होगा। अमेरिका और चीन के बीच इसी कारण हुवावे को लेकर लंबे समय से तकरार चल रही है। हुवावे को 5G टेक्नॉलजी के मामले में लीडर के रूप में देखा जा रहा है।

चीन ने 2018 में ही एक दर्जन से ज्यादा शहरों में 5G का ट्रॉयल शुरू कर दिया था। वहीं, अमेरिका में इस साल 5G का पहला डेप्लॉयमेंट अभी चल रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 तक चीन की टेलिकॉम कंपनियों का 5G का कंबाइंड स्पेंड 45.3 अरब डॉलर पहुंच जाएगा। जापान में 2020 में 5G की कमर्शियल शुरुआत हो सकती है।

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