अंतरराष्ट्रीय

अब अमेरिकी वीजा के लिए देना होगा पांच सालों के सोशल मीडिया का रिकॉर्ड

सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करने वाले आवेदकों के पास इसमें एक अन्य विकल्प मौजूद होगा ताकि वे यह बता सकें कि वह इनका इस्तेमाल नहीं करते हैं।

नई दिल्ली,( एजेंसी ) अमेरिका ने अपने वीजा नियमों में बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत अब जो भी अमेरिका जाना चाहेगा उसको अपना सोशल एकाउंट भी मेटेंन रखना होगा। अमेरिकी गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए नियमों के अनुसार अब आवेदकों को सोशल मीडिया अकाउंट का नाम और उसके पांच सालों के रिकॉर्ड की जानकारी जमा करवानी होगी। इसके अलावा उसे अपना ईमेल अड्रेस और फोन नंबर भी देना होगा। ट्रंप प्रशासन जब चाहे आपके अकाउंट की जांच कर सकता है। दरअसल अमेरिका ने ये बदलाव इस बात को ध्यान में रखते हुए किया है कि अमेरिका आने वाले हर किसी नागरिक को सोशल एकाउंट के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

जानकारी के अनुसार अमेरिका में विदेशी नागरिकों की बारीकी से जांच करने के लिए अपनाई गई नीति के तहत यहां प्रवेश के लिए लगभग सभी वीजा आवेदकों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल के बारे में जानकारी देनी होगी। विदेश विभाग ने एक नई नीति अपनाई है जिसके तहत अस्थायी आगंतुकों समेत सभी वीजा आवेदकों को अन्य जानकारी के साथ-साथ एक ड्रॉप डाउन मेनू में अपने सोशल मीडिया पहचानकर्ताओं को सूचीबद्ध करने की जरूरत होगी।  वीजा आवेदनकर्ता से पिछले 15 सालों में उसके जीवन और शरीर में आए बदलावों के बारे में पूछा जा सकता है। इन नियमों का प्रस्ताव पिछले साल दिया गया था। तब अधिकारियों ने अनुमान लगाया था कि इस प्रस्ताव से प्रति वर्ष 14.7 करोड़ लोग प्रभावित होंगे। कुछ कूटनीतिक और आधिकारिक वीजा आवेदकों को नए नियमों से छूट दी जाएगी।

सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करने वाले आवेदकों के पास इसमें एक अन्य विकल्प मौजूद होगा ताकि वे यह बता सकें कि वह इनका इस्तेमाल नहीं करते हैं। अब तक इस ड्राप डाउन मेनू में केवल बड़े सोशल मीडिया वेबसाइटों की जानकारी थी, लेकिन अब इसमें आवेदकों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सभी साइटों की जानकारी देने की सुविधा उपलब्ध होगी। एक अमेरिकी अधिकारी ने इस बारे में बताया कि यह अमेरिका में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले सभी विदेशी नागरिकों की बारीकी से जांच के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया कि हाल के सालों में जैसा हम लोगों ने दुनिया भर में देखा है कि आतंकवादी भावनाओं और गतिविधियों के लिए सोशल मीडिया एक बड़ा मंच हो सकता है। यह आतंकवादियों, जन सुरक्षा के खतरे और अन्य खतरनाक गतिविधियों की पहचान करने का एक उपकरण साबित होगा। अमेरिका के लिए अमेरिकी वीजा आवेदक को अपने पांच साल के सोशल मीडिया के रिकॉर्ड के अलावा अपने पुराने पासपोर्ट का ब्योरा और नंबर, पांच साल के दौरान इस्तेमाल किए गए ईमेल अड्रेस और फोन नंबर और 15 साल की बायोलॉजिकल जानकारी जैसे कि कहां-कहां रहे, कहां पढ़ाई या नौकरी की और किन जगहों की यात्रा की- जैसी जानकारियां भी देनी पड़ सकती हैं।

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