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सांसद का काम नहीं, सरकार प्रशासन ने करना नहीं, तो जनता की सुनेगा कौन : हनुमान ऐरन

हमसे का भूल हुई जो ये सजा हमको मिली, सांसद ने किया लोगों को यह गाना गाने पर मजबूर किया

हिसार टुडे 

नगर परिषद के पूर्व प्रधान एवं कांग्रेसी नेता हनुमान ऐरन ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भाजपा के नेता सत्ता के नशे में पूरी तरह से चूर हो चुके हैं और उन्हें लोगों की तकलीफों से कोई सरकार नहीं है जिसका उदाहरण हिसार लोकसभा के सांसद बृजेंद्र सिंह ने हांसी में दिया है। पानी, सडक़, सीवरेज आदि की समस्याओं से साफ किनारा करते हुए उन्होंने कहा कि सांसद का काम यह नहीं है। हनुमान ऐरन ने कहा कि सांसद का यह बेहद गैर जिम्मेदाराना वक्तव्य है क्योंकि क्षेत्र की जनता ने उन्हें सांसद चुनकर इसीलिए सांसद की कुर्सी पर बिठाया है ताकि वे उनकी समस्याओं को दूर कर सकें लेकिन सांसद का लोगों को यूं टका सा जवाब दे देना जता रहा है कि भाजपा के नेताओं को सत्ता का गुमान हो गया है लेकिन शायद वे जनता की ताकत को भूल रहे हैं।

ऐरन ने कहा कि 6 महीने पहले बनी हिसार शहर की सरकार, विधायक तो पहले हीप  फ्लॉसाबित हो चुके हैं अब लोकसभा क्षेत्र के सांसद ने भी दो महीने में ही अपने तेवर दिखा दिए हैं कि जनता ने उन्हें चुनने की जो गलती की है उसे वह खुद ही भुगतें क्योंकि भरी सभा में उन्होंने साफ कह दिया है कि जनता की समस्याएं दूर करवाना उनका काम नहीं है। ऐसे में उन्हें वोट देने वाली लोकसभा क्षेत्र की जनता को यही गाना याद आ रहा होगा कि सांसद जी… हमसे का भूल हुई, जो ये सजा हमको मिली। हिसार लोकसभा क्षेत्र की जनता अब खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। ऐरन ने कहा कि आने वाले समय में सांसद महोदय यह भी कह सकते हैं कि जनता ने उन्हें वोट थोड़े ही दिया था लोगों ने तो मोदी को वोट दिया था। इसलिए लोगों के पास भूल सुधारने का पूरा मौका है और आने वाले विधानसभा में चुनावों में भाजपा को सत्ता से बेदखल कर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार लाने का काम करे ताकि लोगों की समस्याएं दूर हों और प्रदेश की जनता को राहत मिल सके।

हनुमान ऐरन ने कहा कि वहीं दूसरी ओर हिसार में शहर की सरकार, विधायक, सांसद, प्रशासन सब फेल साबित हो रहे हैं और सरकार व प्रशासन की नाकामी ने हिसार शहर को कस्बा बना कर रख दिया है। जनता समस्याएं दूर करवाने के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है और सरकार व प्रशासन राहगिरी में व्यस्त हैं। मुख्यमंत्री भले ही राहगिरी को राजनीतिक कार्यक्रम न बताएं लेकिन वे अच्छी तरह से जानते हैं कि भाजपा के पास भीड़ जुटाने का दूसरा कोई विकल्प नहीं है इसीलिए ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को इकट्ठा करने का कार्य किया जा रहा है। जनता के खून-पसीने की कमाई को राहगिरी जैसे कार्यक्रमों में खर्च करने की बजाय उसे जन सुविधाएं उपलब्ध करवाने व लोगों की समस्याएं दूर करने में खर्च किया जाना चाहिए। एक तरफ तो भाजपा बुलेट ट्रेन और हिसार में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे सब्जबाग दिखा रही है दूसरी तरफ जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सरकार प्रशासन नाकाम साबित हो रहे हैं।

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