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माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा लौटी मनीषा पायल को हिसार वासियों ने पलकों पर बैठाया

माउंट एवरेस्ट की 37 दिन में पुरी की लुकला एयरपोर्ट बेस कैंप से एवरेस्ट तक की चढ़ाई दो बार बर्फीले तूफान ने रोका रास्ता, हार नहीं मानी

हिसार टुडे।
माउंट एवरेस्ट की 37 दिन में पुरी की  लुकला एयरपोर्ट बेस कैंप से एवरेस्ट तक की चढ़ाई,  दो बार बर्फीले तूफान ने रोका रास्ता, हार नहीं मानी, आखिरकार पहली बार में ही पूरा किया मिशन एवरेस्ट , उसके बाद तबीयत खराब होने से काठमांडू, दिल्ली व गु्ररुगांव के अलग-अलग अस्पतालों में हुआ ईलाज
तमाम विपरित परिस्थितियों के बावजूद भी विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा कर लौटी पर्वतारोही मनीषा पायल का वीरवार को शहर में अलग-अलग स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया।
मुख्य सम्मान समारोह रेड स्केयर मार्केट में राह ग्रुप फाउंडेशन की ओर से किया गया। इस दौरान राह ग्रुप फाउंडेशन के राष्ट्रीय चेयरमैन नरेश सेलपाड़, संरक्षक प्रवीन त्यागी, पी. सी. ज्वैलर्स के मैनेजर सतपाल माचीवाल, राह क्लबों के हरियाणा प्रभारी कमल हांडा, राह संस्था की महिला प्रभारी पूनम मलिक, उपाध्यक्ष निर्मला सैनी, यूथ मॉटिवेटर सुनिता तंवर, रामअवतार वर्मा, सतीश सरोहा हेलिक्स एकेडमी, समाजसेविका अनू सोनी, हरियाणा रीति रिवाज मंच की सचिव डा. बबली चाहर सहित भारी संख्या में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारीगण व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ध्यान हो कि राह संस्था की ब्रांड एम्बेसडर मनीषा पायल ने 14 अप्रैल से लुकला एयरपोर्ट के पास स्थित बेस से अपनी टीम के साथ चढ़ाई आरंभ की थी। कई बाधाओं के बावजूद भी 22 मई को मनीषा ने अपने हौसले के सामने माउंट एवरेस्ट की उंचाई को भी बौना साबित कर दिया था।
इस अभियान के दौरान मनीषा 7 मई को वह बर्फीले से तूफान घिर गई थी और उसकी जान पर बन आई थी। जिस कारण उसे दोबारा से वापस बेस कैंप लौटना पड़ा। इसी प्रकार दूसरी बार बार भी तुफान के कारण उसे वापस बेस कैम्प में लोटना पड़ गया था।
मुलरुप से फतेहाबाद जिले के बनावाली गांव की मनीषा पायल के पिता महेन्द्र पायल वर्तमान में हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और वे लंबे समय से हिसार पुलिस लाईन में ही रह रहें हैं। इस मिशन के दौरान माईनस 37 डिग्री तापमान होने के कारण मनीषा चिल बर्न के कारण उसकी तबीयत बहुत अधिक खराब हो गई थी। जिसके चलते उसे काठमांडू,दिल्ली व गु्ररुगांव के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती होना पड़ा था।
होनहार विद्यार्थियों का करेगी सम्मान:-
पर्वतारोही मनीषा पायल की इच्छा है कि वह राह ग्रुप फाउंडेशन के प्रदेश स्तरीय अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस कार्यक्रम के तहत के प्रदेश होनहार व टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित करे। वर्ष 2019 में होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित करने के इस कार्यक्रम की शुरुआत मनीषा पायल ने पर्वतारोहण से पहले मोठ गांव में होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित करके की थी।
26 जनवरी को किली मंजारो की थी फतेह:-
पर्वतारोही मनीषा पायल ने इससे पहले भी 26 जनवरी 2019 को दक्षिणी अफ्रीका की 19430 फुट ऊंची चोटी किली मंजारो फतह की थी। उस समय वहां पर माईनस 70 डिग्री से भी कम तापमान रहता है। यह ऐसा समय होता है जब बहुत पर्वतारोही इस विपरित मौसम में इस चोटी की तरफ जाने की भी सोचते होंगे।
सेवन समिट पर तिरंगा लहराने का इरादा:-
दक्षिणी अफ्रीका की किली मंजारो व माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने वाली मनीषा सेवन समिट यानी सातों महाद्वीपों की 7 ऊंची चोटियों में शेष बची पांच चोटियों को फतेह करने का इरादा रखती है। जिनमें से इंडोनेशिया की कारस्टेन्स पिरामिड शिखर, यूरोप की एलबुर्स, अमेरिका की माउंट देनाली, अंटार्कटिका की विन्सन की चढ़ाई करना उसका अगला लक्ष्य है।
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