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हरियाणा सरकार की स्थानांतरण पॉलिसी हुई फेल: दलबीर पंघाल

हरियाणा सरकार सार्वजनिक मंचो से देश भर में शिक्षकों का ऑनलाइन स्थानांतरण करने तथा इसके लिये पारदर्शी पॉलिसी बनाने का ढिंढोरा सदैव पीटती रही है।

हिसार टुडे | 

हरियाणा सरकार सार्वजनिक मंचो से देश भर में शिक्षकों का ऑनलाइन स्थानांतरण करने तथा इसके लिये पारदर्शी पॉलिसी बनाने का ढिंढोरा सदैव पीटती रही है।

सरकार के नुमाइंदों द्वारा प्रधानमंत्री ऑफिस तक इसका श्रेय लेने का प्रयास होता रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि क्रांतिकारी कदम समझे जाने वाली सरकार की ये स्थानांतरण पॉलिसी बुरी तरह से फेल हुई है। यह बात आज हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन(हसला) के जिला प्रधान दलबीर पंघाल ने आज एक बयान जारी कर कही। बयान में उन्होंने कहा कि सिर्फ एक बार 2016 में ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों का तबादला जरूर हुआ था। उस तबादले की प्रक्रिया में भी कुछ खामियां रह गई थीं जिसमें कुछ अध्यापक एनिव्हेयर तबादलों के नाम पर प्रताडि़त हुए। तबादले में यह समस्या आज तक भी जस की तस बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की किरकिरी का पुल तब और मजबूत हो गया जब एमआईएस पोर्टल से हाई कोर्ट के आदेशानुसार जेबीटी अध्यापकों का अंतरजिला तबादला कर दिया गया। मेवात में लगे जेबीटी अध्यापकों के तबादले से वंचित होने की वजह से अगले ही दिन पोर्टल से तबादला आदेशों को हटा दिया गया।

यह सरकार का एक हास्यास्पद कार्य नहीं तो और क्या है? फिर से एक निश्चित अवधि में प्रिंसिपल, पीजीटी, टीजीटी तथा जेबीटी शिक्षकों का ऑनलाइन प्रक्रिया से तबादला करने के पूर्वकदम के रूप में एमआईएस पोर्टल पर ब्यौरा अपडेट करने का शिक्षा विभाग द्वारा फरमान जारी हुआ।

हसला जिला प्रधान ने कहा कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने पत्रकार कांफ्रेंस में बयान जारी कर दिया कि 23-24 जून को सभी अध्यापकों का तबादला कर दिया जाएगा। यह केवल दो घण्टे का काम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के बयान से अध्यापकों को उम्मीद बंधी थी कि अब तो जरूर कुछ होने वाला है। परन्तु हुआ क्या ? शिक्षा विभाग के ऑनलाइन तबादलों का जनक समझे जाने वाले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास का ही शिक्षा विभाग से ही तबादला कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि शायद अधिकारी का त्वरित कार्य करने का प्रयास सरकार को रास नहीं आया। उनकी जगह अब आईएएस महावीर सिंह को अब शिक्षा विभाग का चीफ बनाया गया है, लेकिन जब तक उक्त अधिकारी विभाग के सिस्टम को समझ पाएंगे तब तक स्कूली शिक्षा का मिड स्तर आ जाएगा। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक बहाना बनाकर फिर से स्थानंतरण के मामले को अगले शैक्षणिक स्तर तक टाला जा सकता है। इसमें सरकार की नीति की वही ढाक के तीन पात वाली बात चरितार्थ होगी।

हसला जिला प्रधान दलबीर पंघाल ने बताया कि हसला की राज्य सरकार से मांग है कि सरकार तुरंत एचआरए दे, सभी पदों के लिए तुरंत प्रमोशन किए जाएं, एलटीसी के सभी मामले निपटाए जाएं, कॉलेज केडर में प्रमोशन की जाए, पांचवी व आठवीं कक्षा के लिए बोर्ड परीक्षा ली जाए, मुख्याध्यापक व प्राध्यापक पदोन्नति अनुपात ठीक किया जाए व पदनाम पीजीटी से लेक्चरर किया जाए।

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