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फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसान समूहों को 80 प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगे कृषि यंत्र

योजना का लाभ लेने के लिए 10 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन

हिसार ।

फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत वित्तवर्ष 2019-20 के दौरान जिला में 29 नए कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा गया है जिन्हें 80 प्रतिशत अनुदान पर कृषि उपकरण व यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन केंद्रों पर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपकरण व यंत्र सहजता से उपलब्ध हो सकेंगे।

सहायक कृषि अभियंता ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत वर्ष 2019-20 के दौरान जिले के हिसार-प्रथम खंड में 1, हिसार-द्वितीय खंड में 3, हांसी-प्रथम खंड में 5, हांसी-द्वितीय खंड में 5, नारनौंद खंड में 7, उकलाना खंड में 3, बरवाला खंड में 2 तथा अग्रोहा खंड में 3 कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

ये उपकरण खरीदे जा सकेंगे:

उन्होंने बताया कि इन कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए फसल अवशेष प्रबंधन में उपयोगी कृषि यंत्रों, जैसे सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्रा चोपर, शर्ब मास्टर, कटर कम स्प्रेडर, रिवर्सिबल प्लो, रोटरी स्लेसर, जीरो टिल ड्रिल एवं रोटावेटर आदि की खरीद पर किसान समूहों को 80 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा।

10 लाख रुपये तक के यंत्र खरीद सकेंगे:

उन्होंने बताया कि योजना के तहत फसल पैटर्न के अनुसार मशीनों का चयन करते हुए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की कीमत के कृषि यंत्र व मशीनें खरीदी जा सकती हैं। इस पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। कस्टम हायरिंग सेंटर कलस्टर बेसिस आधार पर अलॉट किए जाएंगे। इसमें उन गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां फसल अवशेष जलाने की घटनाएं ज्यादा हुई हैं।

ये कर सकते हैं आवेदन:

उन्होंने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए किसानों के समूह, सहकारी समितियां, महिला किसान समूह, पंजीकृत किसान समूह, स्वयं सहायता समूह व पैक्स आदि आवेदन कर सकते हैं। कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए 10 जून से 10 जुलाई सायं 5 बजे तक ऑफलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। किसान समूह या सोसायटी के पास अपना ट्रैक्टर या कम्बाइन होना अनिवार्य है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में होगा चयन:

उन्होंने बताया कि लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर लाभार्थी का चयन उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा किया जाएगा। सभी किसान केवल भारत सरकार द्वारा अनुमोदित निर्माताओं की सूची से ही कृषि यंत्र खरीद सकते हैं। एक लाख रुपये से अधिक कीमत के कृषि यंत्र व मशीनरी पर जीपीएस सिस्टम निर्माता द्वारा लगाना अनिवार्य है। किसान अधिक जानकारी के लिए हिसार स्थित सहायक कृषि अभियंता कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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