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हम काम गिनाते हैं और वो केवल नाम बताते हैं, जनता करे फैसला : दुष्यंत चौटाला

 हिसार
हिसार लोकसभा क्षेत्र के चुनाव मैदान में जनता के सामने काम-दार और नाम-दार प्रत्याशी हैं। कामदार वो लोग हैं जिन्होंने हिसार लोकसभा क्षेत्र की जनता के लिए पिछले पांच सालों में काम करके दिखाए हैं और दूसरी तरफ वो लोग हैं जिनका देश व प्रदेश की राजनीति में नाम है, पिछले चार दशकों से राजनीति कर रहे हैं, केंद्र में कैबिनेट मंत्री जैसे पद पर आज भी विराजमान हैं और अलग-अलग स्थानों से विधायक व सांसद बने हैं।
काम के नाम गिनाने के लिए उनके पास कुछ नहीं है और वे सिर्फ नाम गिनवाने में लगे हैं। कांग्रेसी प्रत्याशी के सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों से विधायक व सांसद रहे हैं फिर भी उनके पास भी गिनाने को कुछ नहीं है। फैसला हिसार लोकसभा की जनता को करना है कि उन्हें काम करने वाला सांसद चाहिए या सिर्फ नामदार। 12 मई को वोट डालने से पहले जाते समय हर मतदाता मंथन जरूर करके जाएं जिससे कि हिसार लोकसभा क्षेत्र को एक श्रेष्ठ सांसद मिले, प्रगति के मार्ग पर हिसार आगे बढ़े, लोगों के सुख-दुख में शामिल हो और जनसमस्याओं का समाधान करवाने का जुनून एवं अधिकारियों से काम करवाने का मादा रखता हो। यह बात जेजेपी-आप गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी दुष्यंत चौटाला ने उकलाना हलके के गांव कुलेरी में नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कही। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसी भी संंसदीय क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान केवल बड़े नाम से नहीं हो सकता और न ही क्षेत्र का विकास हो सकता, चाहे नाम कितना ही बड़ा क्यों न हो। जनप्रतिनिधि के काम करने की नीयत, लोगों के सुख-दुख के प्रति संवेदनशीलता, नया विजन और लोगों से सीधा जुड़ाव होना चाहिए। समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर संघर्ष करे और सदन में क्षेत्र की समस्याएं उठाए।

दुष्यंत ने कहा कि पर अफसोसजनक बात है कि इन कसोटियों पर न तो भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह खरे उतर रहे हैं और न ही कांग्रेस प्रत्याशी। इतिहास गवाह है कि भाजपा प्रत्याशी के पिता मोदी के मंत्रीमंडल में केंद्रीय इस्पात मंत्री हैं तथा पिछले 15 सालों से लगातार सत्ता पक्ष में बड़े पदों पर रहे और हिसार लोकसभा के लिए एक फूटी कौड़ी तक नहीं दी। विकास करवाना तो दूर की बात वे तो लोगों की समस्याओं सुनने में बड़ा परहेज करते हैं। लाडवा में हुई घटना इसका जीता-जागता प्रमाण है। भाजपा प्रत्याशी ने कलम की पावर से एमडी के पद पर रहते जो जिस प्रकार के आदेश जारी किए वह किसी से छिपे नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी भव्य बिश्नोई के पिता कुलदीप बिश्नोई और उनकी माता हांसी से कांग्रेस विधायक हैं। उनकी उपस्थित देख प्रतीत होता है कि जिस तरह से चुनाव के बाद हलके में जाना उन्हें पंसद नहीं है, उसी तरह विधानसभा में क्षेत्र की समस्याएं उठाना तो दूर उन्हें जाना तक पंसद नहीं। कुलदीप बिश् नोई सांसद भी रहे परन्तु केवल लोकसभा में अपने पूरे कार्यकाल के दौरान 8 बार ही सदन में बोले और उनकी हाजिरी लोकसभा में 50 प्रतिशत रही।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मेरा पिछले पांच साल का रिकार्ड चैक कर लो मेरी लोकसभा में अब तक के हिसार लोकसभा क्षेत्र के इतिहास में जनसमस्याओं से जुड़े 682 सवाल पूछे हैं 239 बार विभिन्न मुद्दों पर बहस की। मैंने काम करके दिखाएं है, समस्या को हर पहलू से उठाया और समाधान करवाया। लोगों के सुख-दुख का साथी बन कर उनके बीच रहा। हिसार को एक नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि हिसार लोकसभा क्षेत्र पूरे देश में सर्र्वाेपरी रखना मेरी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फैसला हिसार की जनता को करना है कि वह आगामी पांच वर्ष के लिए हिसार लोकसभा क्षेत्र को काम करने वाले सांसद के हाथ में सौंपना चाहते हैं अथवा केवल नामदार के हाथों में।

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