टुडे न्यूज़हिसार

रिश्वत देकर छूटने वाले अधिकारियों पर सरकार बरते सख्ती

ऐसे मामलों में संलिप्त अधिकारियों पर विभागिय जांच कर सरकार करे कार्यवाही : महत्ता

Today News | हिसार

भ्रष्टाचार में लिप्त और घूसखोरी करने वाले गिरफ्तार अधिकतर सरकारी मुलाजिम कुछ समय बाद गवाहों के मुकरने से बरी हो जाते हैं। ऐसा काफी बार होता है कि यही भ्रष्ट अधिकारी गवाहों से साठ-गांठ कर आरोप से मुक्त हो जाते हैं और दौबरा भ्रष्ट गतिविधियों को अंजाम देकर सरकारी प्रशासन और लोगों को ठेंगा दिखाते है। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आर्टिकल 14 और 311 के तहत ऐसे घूसखोर भ्रष्ट सरकारी अधिकारी गवाहों के मुकरने के बाद अगर छूट जातें है तो उन पर सरकार को अधिकार है कि वह विभागीय जांच करवाए और उनको सस्पेंड कर दे। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश यह भी कहते हैं कि सरकार को यह अधिकार है कि ऐसे लोगों की पेंशन तक रोकी जा सकती है।

मुलखराज महत्ता
मुलखराज महत्ता

सुप्रीम कोर्ट के ऐसे स्पष्ट आदेशों के बावजूद खुलेआम घूम रहे ऐसे अधिकारियों के खिलाफ मशहूर एडवोकेट मुल्ख राज मेहता ने अपनी आवाज बुलंद की है। हाल में उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त देश का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सुब्रह्मनियम स्वामी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर ऐसे अधिकारियो के खिलाफ एक सख्त पॉलिसी बनाने की मांग भी की है। मुल्ख राज मेहता का कहना है कि हरियाणा में काफी सरकारी मुलाजिम भ्रष्टाचार के तहत गिरफ्तार होते हंै, इन भ्रष्ट अधिकारियों के बयान सीआरपीसी 164 के तहत दर्ज भी करवाए जाते हैं, मगर बाद में वो पैसे देकर बयान बदल देते हैं, जिससे अभियुक्त बरी हो जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने बहुत सारी गॉइडलाइन्स दी है, ऐसे लोगों के खिलाफ विभागीय जांच की जा सकती है। अगर सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ पाॅलिसी बनाकर, उनके खिलाफ विभागीय जांच करवाकर उन्हें नौकरी से हटाए, साथ ही उनकी पेंशन को रोक दे तो इससे सरकार की तिजोरी भी भर सकती है। ऐसे कदम से सरकार को इससे काफी फायदा हो सकता है।उन्होंने आगे बताया की हिसार में भ्रष्टाचार के मामले में आरोपित सुरेश चंद्र चौधरी इन दिनों ड्रग कंट्रोलर अफसर है उनके खिलाफ प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को शिकायत की है कि इनके खिलाफ विभागीय जांच करवाकर उसे सस्पेंड किया जाए और ऐसे भ्रष्ट लोगों को नौकरी से हमेशा के लिए बर्खास्त कर दिया जाए।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close