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‘भोजन के समय न टीवी देखें, न अखबार’

Hisar News | हिसार

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के हिसार केंद्र द्वारा पीस पैलेस में मुंबई से पधारे ब्रह्माकुमार डॉ. ई.वी. स्वामीनाथन ने अपने संबोधन में दूसरे दिन भोजन के बारे में बताते हुए कहा कि भोजन वही खाएं जो आसानी से पच जाए। शरीर की प्रकृति के अनुसार शुद्ध शाकाहारी भोजन करना चाहिए क्योंकि ‘जैसा अन्न वैसा मन’ व ‘जैसा पानी वैसी वाणी’ होती है। भोजन बहुत प्यार व खुशी से खाएं। भोजन खाते समय न तो टी.वी. देखें न अखबार पढ़ें। उन्होंने बताया कि प्रकृति के 5 तत्वों पर हमारे संकल्पों का प्रभाव पड़ता है। अत: भोजन बनाते समय भी बहुत आनंद से परमात्मा की याद में भोजन बनाया जाए व परमात्मा की याद में ही उसे ग्रहण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम अपने शरीर की तंदुरुस्ती के लिए अच्छा भोजन करते हैं व एक्सरसाइज करते हैं उसी तरह मन को भी अच्छे संकल्पों का भोजन दें।

व्यर्थ व नकारात्मक संकल्पों का परहेज करें। मन की एक्सरसाइज है मैडिटेशन अथवा ध्यान। प्रतिदिन सुबह उठकर राजयोग का अभ्यास करें। राजयोग का अभ्यास करने से विषय विकार सब दूर होते हैं व मन शक्तिशाली बनता है। उन्होंने बीमारियों को ठीक करने के लिए अपने ‘औरा’ को क्लीन(साफ) करने के तरीके बताए व कहा जितना औरा क्लीन होता जाएगा उतनी शारीरिक बीमारियां दूर होती जाएंगी। उन्होंने संस्कार परिवर्तन के भिन्न-भिन्न तरीके बताए व बच्चों को याददाश्त तेज करने के टिप्स दिए।

इस अवसर पर सी.ए. राजकुमार गांधी, ओ.पी. आर्य भूतपूर्व डी.ई.ओ., प्रो. सुदक्षिणा बामल, प्रो. गीता शर्मा, डॉ. आर.के. मलिक, संजय तिवारी, डॉ. सोमप्रकाश, डॉ. राजकपूर नरवाल, डॉ. जितेंद्र, मुलकराज, नीरज लीक्खा, डॉ. जितेंद्र, उमेद मोर, अशोक वधवा, डॉ. रामफल कुंडू, डॉ. अशोक भठेजा, प्रो. रविंद्र बैनीवाल, डॉ. पवन सिंह सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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