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भाजपा को सबक सिखाने का सही मौका: भव्य

 हिसार
हिसार लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी भव्य बिश्नोई ने कहा है कि जनता के आशीर्वाद से सांसद बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा व परिवहन सुविधाओं का विस्तार करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश की ग्रामीण जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है जो सरकार के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि यदि जनता ने गलती से भाजपा को वोट दे दिया तो यह पार्टी किसानों, कर्मचारियों, व्यापारियों, आढ़तियों व आम जनता को बर्बाद करके रख देगी, इसलिए 12 मई को कांग्रेस के पक्ष में मतदान करके इस जनविरोधी भाजपा को सबक सिखाने का मौका अपने हाथ से न जाने दें। भव्य बिश्नोई चुनाव प्रचार के अंतिम दिन नारनौंद विधानसभा क्षेत्र के गांवों का दौरा कर रहे थे। इस दौरान युवाओं ने उनका जोरदार स्वागत किया और भारी मतों से विजयी बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नारनौंद क्षेत्र के अनेक गांव आज भी शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन व पेयजल की तंगी से जूझ रहे हैं। सरकार ने दावे तो अनेक किये लेकिन जनसुविधाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि हांसी व नारनौंद क्षेत्र के कई गांव बरसात के दिनों में सेम की समस्या से जूझते हैं, सांसद बनने के बाद इन गांवों के लिए विशेष स्कीम लाकर ग्रामीणों को राहत दिलाई जाएगी क्योंकि सेम आने से किसानों को एक नहीं बल्कि दो फसलों का नुकसान होता है। उसकी एक फसल तो सेम की वजह से बर्बाद हो जाती है तो दूसरी फसल वो बो भी नहीं पाता। भव्य बिश्नोई ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि हर वर्ग का हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार कर्मचारियों व किसानों की सबसे बड़ी दुश्मन साबित हुई है। भाजपा सरकार बनने के बाद किसान को अपनी हर फसल बेचने में दिक्कत झेलनी पड़ी, उसके बावजूद भी उसे पूरा भाव नहीं मिला। यही नहीं, किसानों को ऑनलाईन के नाम पर तो आढ़तियों को उनके माध्यम से फसल न खरीद कर परेशान किया गया। इसी तरह सत्ता में आने से पूर्व भाजपा प्रदेश के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतन देने का वादा करती थी लेकिन सरकार की कारस्तानी देखिए कि कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतन देना तो दूर अभी तक सरकार अपने कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार मकान किराया भत्ता भी नहीं दे पाई है। देश छोड़कर भागने वालों को तो यह सरकार करोड़ों का लोन देने को तैयार है लेकिन अपने कर्मचारियों को सरकार निर्धारित सुविधाएं भी नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सेवारत कर्मचारी निजीकरण व छंटनी के खिलाफ तथा पुरानी पैंशन बहाली की मांग पर आंदोलनरत है लेकिन सरकार उनकी आवाज दबा रही है, वहीं सेवानिवृत कर्मचारी, जो बुजुर्ग हो चुके हैं उन्हें भी सरकार निर्धारित सुविधाएं न देकर बार-बार आंदोलन को मजबूर कर रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर कर्मचारियों के पुरानी पैंशन नीति लागू करवाने का प्रयास किया जाएगा।

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