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जेल में 25 महिला बंदियों ने लिया मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण, दस दिन में सीखी मोमबत्ती बनाने की कला

Today News | हिसार

सीजेएम सुरेंद्र कुमार की पहल पर केंद्रीय कारागार-2 में महिला बंदियों को स्वरोजगार में निपुण बनाने हेतु मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। 10 दिन के प्रशिक्षण शिविर में 25 महिला बंदियों ने मोमबत्ती तैयार करने का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के समापन पर सीजेएम सुरेंद्र कुमार ने इन महिला बंदियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। दरअसल, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव व सीजेएम सुरेंद्र कुमार के निर्देशानुसार जेल में बंद महिलाओं को स्वरोजगार हेतु किसी कला में प्रशिक्षित करने के लिए गंगवा स्थित आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) ने जेल में मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण शिविर शुरू किया था। 10 दिन तक चले प्रशिक्षण शिविर में 25 महिला बंदियों ने विभिन्न प्रकार की मोमबत्तियां बनाने की प्रक्रियाओं को सीखा।

सीजेएम सुरेंद्र कुमार ने कारागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त सभी महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने महिला बंदियों को बताया कि जेल से छूटकर बाहर जाने पर बंदियों के समक्ष रोजगार की समस्या सबसे बड़ी दिक्कत के रूप में सामने आती है। लेकिन यहां से लिया गया मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण बाहर की दुनिया में जाने के बाद उनके काफी काम आएगा। इसकी सहायता से वे अपना गुजारा करने लायक आमदनी आसानी से कमा सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण उपरांत प्राप्त किए गए प्रमाण पत्र के आधार पर वे रोजगार शुरू करने लायक ऋण भी किसी बैंक से प्राप्त कर सकती हैं अथवा किसी स्वयं सहायता समूह से जुडक़र अपना कार्य शुरू कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस प्रकार की गतिविधियों से भविष्य में भी सक्रिय रूप से जुड़ें और जितना अधिक सीख सकती हैं, उतना सीखने की कोशिश करें। इससे उनकी कार्य दक्षता व कुशलता में वृद्धि होगी जो भविष्य में उनका जीवन आसान बनाएगी।

उन्होंने जेल प्रशासन व आरसेटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे भविष्य में भी महिला बंदियों के लिए सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटिशियन व आचार बनाने जैसी की गतिविधियों के प्रशिक्षण का प्रबंध करें ताकि महिलाओं को अपनी कार्य कुशलता बढ़ाने का अवसर मिल सके। इस अवसर पर एलडीएम बीके धींगड़ा, आरसेटी निदेशक आरके खत्री, डिप्टी सर्कल हैड अबरार अहमद व कारागार के उप अधीक्षक नरेश बूरा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे।

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