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“उम्मीद पर दुनिया कायम है”: डीएसपी

  • नेताओं का चला था मुलकात का दौर, मगर अब सब मामला ठन्डे बस्ते में बंद

  • वारदात के बाद 165 हाई रेसोलेशन सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रस्ताव बजट के इंतजार पर अटका

  • हम भयभीत हैं, अभी तक कुछ नहीं हुआ, सारा मामला ठन्डे बस्ते में हो गया बंद : पीड़ित दुकानदार अमित जैन

अर्चना त्रिपाठी | Hisar News

8 अगस्त 2018 को जब नागोरी गेट में एक साथ कई दुकानों में चोरी की वारदात हुई। उस घटना ने हिसार को झकझौर कर रख दिया था। उस समय पुलिस प्रशासन और हिसार नगर निगम की लापरवाही के खिलाफ व्यापारी रास्ते पर उतर आये थे। एक साथ इतनी दुकानों में हुई चोरी की वारदात ने जहां कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया था, वहीं मार्किट में लगाए गए बंद सीसीटीवी ने हिसार नगरनिगम की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए थे। यह एक ऐसी वारदात थी जो खुलेआम पुलिस प्रशासन और निगम को चुनौती दे रही थी कि अगर हिम्मत है तो पकड़ कर दिखाओ। नागोरी गेट में चोरी की वारदात के खिलाफ व्यापारियों ने बंद भी रखा। मामले को तूल पकड़ता देख हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने 23 अगस्त को यहां के व्यापारियों से मुलाकात करके समस्या का जायजा लिया उस समय सांसद दुष्यंत चौटाला ने अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि “पुलिस एक सप्ताह में चोरों को गिरफ्तार करे, नहीं तो व्यापारियों के साथ सिटी थाने के सामने धरने पर बैठूंगा।” उस समय दुष्यंत चौटाला ने कहा था कि नगर में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, चोर बेखौफ होकर दुकानों-मकानों से लाखों का माल उड़ा रहे हैं और अपराधी हत्या और अपहरण की घाटनाओं को दिन-दहाड़े अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। इतना ही नहीं उस समय दुष्यंत चौटाला ने यह भी कहा था कि यह मनोहर लाल खट्टर सरकार की सबसे बड़ी विफलता है।

इतना ही नहीं 24 अगस्त 2018 को कांग्रेस की पूर्व मंत्री रही सावित्री जिंदल भी व्यापारियों से मिलने पहुंची थी। उन्होंने उस दौरान व्यापारियों से मुलाकात के बाद कहा था कि आज भय के माहौल से आम आदमी का जीना दुर्भर हो गया है। शहर में चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और शहर में भय का माहौल है। पुलिस प्रशासन इसपर अंकुश लगाने में नाकामयाब रहा तो दूसरी तरफ कानून व्यवस्था भी चौपट हो गयी है। उस समय सावित्री जिंदल ने भी एसपी को फोन करके तुरंत कार्यवाई करने का आग्रह किया था। प्रशासन ने मीडिया के साथ राजनीतिक दबाव में एसएचओ का तबादला कर मामला एसआईटी को सौंप दिया था। उस समय पुलिस ने बड़े-बड़े वादे करते हुए कहा था कि हम आरोपियों के बेहद करीब हैं और जल्द वो हमारी गिरफ्त में होंगे। मगर आज सब दावे हवाहवाई साबित हो चुके हैं। इस पूरे प्रकरण को 2 महीने से ऊपर समय बीत चुका है और पुलिस प्रशासन के हाथ लगा सिर्फ ठेंगा। 2 महीने गुजर जाने के बाद न आरोपी हत्थे चढ़े और न ही अब तक आरोपियों का कोई सुराख ही मिल पाया।

गौरतलब है कि जिस महीने हिसार में 7 दुकानों में एक साथ चोरी कि वारदात हुई थी तब आरोपीयों के फरार होने का ठीकरा निगम के बंद सीसीटीवी कैमरे पर फोड़ा गया था। इतना ही नहीं उस समय शहर में 42 सीसीटीवी कैमरे के अकार्यशीलता पर हिसार नगर निगम और प्रशासन को भी कटघरे में ला खड़ा किया गया था। उस समय उपायुक्त अशोक कुमार मीणा और हिसार नगरनिगम आयुक्त ने कहा था कि जल्द ही वह बंद पड़े सीसीटीवी के साथ नए हाई डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरे लगवाएंगे। मगर अब तक 42 सीसीटीवी कैमरे का वर्कऑडर तो दूर 165 हाई डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरा भी सरकार के बजट के इंतजार के कारण अटका पड़ा हुआ है। तकरीबन साढ़े 7 करोड़ लागत का यह प्रोजेक्ट केवल सरकार की सुस्ती की वजह से रूका हुआ है। जिस मदर मेडिसीन दुकान में चोरी की वारदात हुई थी उसके मालिक अमित जैन पुलिस प्रशासन के खोखले वादों से पूरी तरह त्रस्त हो चुके हैं। उनके अनुसार पहले तो यह मामला बहुत उछला मगर आज पुलिस की अकार्यक्षम शैली के कारण ठन्डे बस्ते में चला गया है, हम रोज डर कर व्यापार करने को मजबूर हो गए हैं। मगर पुलिस प्रशासन तो अब तक हमारा सामान तक नहीं दिलवा पाई है। हालांकि जब हिसार टुडे की टीम ने निगम जेई आर.डी शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि जैसे ही सरकार से बजट की मान्यता मिलेगी तभी काम की शुरुअात की जा सकेगी। फिलहाल वहां से प्रस्ताव वापस आया है, उसमें कुछ सुधार करके हम दोबारा प्रस्ताव भेजेंगे।

बजट की मंजूरी के बिना अटका 165 सीसीटीवी कैमरों का प्रस्ताव

करनाल, पानीपत और सोनीपत के बाद हिसार में भी 165 नए हाई डेफिनेशन कैमराें को लगाने की प्रशासन ने योजना बनायीं थी और जिस महीने हिसार में 7 दुकानों में एक साथ चोरी हुई थी तब आरोपियों के फरार होने का ठीकरा निगम के बंद सीसीटीवी कैमरे पर फोड़ा गया था। उस समय प्रशासन ने हिसार में नए हाई रेसोलेशन सीसीटीवी लगाने की बात करते हुए बजट की मान्यता के लिए सरकार के पास तकरीबन 7 करोड़ 63 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। मगर अभी तक इस प्रस्ताव को सरकार से मंजूरी नहीं मिली है।

खासियत
> इनबिल्ट हीटर के कारण ठंडी में नहीं होगी दिक्कत
> 60 डिग्री तापमान को सहने की क्षमता
> 48 घंटे बैकअप की व्यवस्था
> फेस डिटेक्शन की व्यवस्था
> आपत्ति पर अलार्म की भी सुविधा
> प्रति कैमरे की कीमत तकरीबन सवा एक लाख

बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण कि सरकार के राजनीतिक द्वेष के कारण अटकी जनता की सुरक्षा

दुष्यंत चौटाला, सांसद
दुष्यंत चौटाला, सांसद

मैंने अपने 15 लाख सांसद निधी से हिसार में चोरी की वारदात काबू करने के लिए सीसीटीवी लगवाए थे। मगर प्रशासन उनको हीं संभाल नहीं पाया। मुझे लगता है कि प्रशासन सरकार के दबाव में आकर काम कर रहा है। आज सरकार ने एमपी ग्रांट के लिए “पिक एंड चूज” की नीति अपना रही है। यह बड़ी दुखद बात है कि सरकार को बजट पास न कर पा रही है। लेकिन इस देरी के लिए मुझे सरकार से ज्यादा यहां कि स्थानिक राजनीति ज्यादा नजर आ रही है। सरकारी अधिकारी चाहे तो 2 दिन में वह इस काम के लिए बजट की मंजूरी लेके आ जाएं। इतना ही नहीं मैं इस बार आयोजित दिशा की बैठक में एसपी से सवाल करूंगा, कि 2 महीने बाद भी मामला हल क्यों नहीं हुआ ? अगर पुलिस प्रशासन इस मामले में कोई जवाब नहीं देगी तो फिर नई रणनीति बनायी जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था का प्रश्न, सरकार की विफलता को करता उजागर

कुलदीप बिश्नोई, पूर्व सांसद, कांग्रेस
कुलदीप बिश्नोई, पूर्व सांसद, कांग्रेस

2012 में बतौर सांसद मैंने खुद के 50 लाख रूपए खर्च कर 9 हलकों में तकरीबन 200 के करीब सीसीटीवी लगाने का काम किया था। जिसका परिणाम ही था जब हांसी में एक लड़की के अपहरण की वारदात हुई थी, तब आरोपी इसी सीसीटीवी कैमरे के मदद से पकड़े गए थे। मगर नगर निगम ने इन कैमरों के रखरखाव की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। आज हिसार में कानून व्यवस्था का प्रश्न दिन प्रतिदिन विकट होता जा रहा है। 2 महीने पहले घाटी वारदात के अब तक आरोपी का न पकड़ा जाना पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता पर सवाल उठता है, इतना ही नहीं सीसीटीवी के लिए भी अब तक बजट की मंजूरी न मिल पाना मनोहर लाल खट्टर सरकार की नाकामी और विफलता को साफ उजागर करता है।

 

शहर की सबसे बड़ी जरुरत है सीसीटीवी

विनोद राठोड, अध्यक्ष, लोकनिर्माण एनजीओ
विनोद राठोड, अध्यक्ष, लोकनिर्माण एनजीओ

सीसीटीवी एक ऐसा मुद्दा है जो शहर की सबसे बड़ी जरुरत है। लड़कियों की सुरक्षा का मामला हो या चोरी, डकैती की वारदातें। इन सब पर लगाम तभी लग सकती है जब शहर में जल्द से जल्द यह हाई डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। निगम और मनोहर लाल खट्टर सरकार को चाहिए कि वह इस मामले को प्राथमिकता से लेकर जल्द से जल्द बजट मंजूर करवाकर हिसार में इन सभी 165 सीसीटीवी लगवाने का रास्ता साफ करे।

 

 

“उम्मीद पर दुनिया कायम है”

2 महीने से आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं मगर डीएसपी दलजीत सिंह का कहना है कि मामला एसआईटी के पास है और जांच चल रही है। उम्मीद है कि जल्द आरोपी पकड़े जायेंगे क्योंकि अब “उम्मीद पर ही दुनिया कायम है”
दलजीत सिंह, डीएसपी

डर के काम करने को मजबूर

मार्किट में अधिकतर सीसीटीवी कैमरे काम नहीं करते। जब हमारे साथ चोरी की घटना घटी तब सीसीटीवी की मदद से उन्हें तत्काल ही पकड़ा जा सकता था, मगर कैमरे बंद होने से आरोपी भागने में कामयाब रहे। इतना ही नहीं पुलिस और नेताओं ने जल्द से जल्द कार्यवाही का भरोसा दिया था, मगर 2 महीने बाद आज हम डर के काम करने को मजबूर है, क्योंकि न तो हमें हमारे सामान की रिकवरी मिली है और न आरोपी पकड़े गए हैं।अमित जैन, मालिक, मदर मेडिसिन

 

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