हिसार

आप नेताओं पर दर्ज मामले संविधान विरुद्ध, आप खटखटाएगी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

भाजपा की सरकार दूर होती जा रही है आम आदमी की पहुंच से : राजीव सरदाना

टुडे न्यूज | हिसार

  • सर्वोच्च न्यायालय द्वारा धारा 66 A खारिज करने के बावजूद आप कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज।

हरियाणा प्रदेश प्रवक्ता और सोशल मीडिया आईटी सेल प्रमुख कुलदीप कादयान ने बताया कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से संबंधित एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसके चलते हरियाणा के अलग अलग हिस्सों से आम आदमी पार्टी के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को आधी रात उठा लिया गया था। हिसार से भी लोकसभा अध्यक्ष अनूप सिंह चानौत और राज्य टीम के सदस्य हरपाल क्रांति को भी घर से रात डेढ़ बजे उठाने का आरोप लगाया गया था। इतना ही नहीं गिरफ्तारी के बाद हरपाल क्रांति पर IT एक्ट 2008 की गैर संवैधानिक धारा 66 A के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। मगर हरपाल क्रांति अभी जमानत पर बाहर है। उन्होने और जानकारी देते हुए आगे बताया कि IT एक्ट सन 2000 में बना था। 2008 में एक संशोधन के बाद इसमें धारा 66 A जोड़ी गई जो 2009 में लागू हुई।

मगर 24 मार्च 2015 को सर्वोच्च न्यायालय ने इस धारा को अभिव्यक्ति की आजादी का हनन बताते हुए “अस्पष्ट” और “असंवैधानिक” करार दिया था। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इस निर्णय के बावजूद भी देश भर में पुलिस अधिकारी इस धारा के तहत मुकदमे दर्ज कर रहे हैं। अभी भी इस धारा के तहत सैंकड़ों लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैंै, जो कानून तौर पर अपराध और गलत है। हाल में सुप्रीम कोर्ट में पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज नामक गैरसरकारी संस्था द्वारा एक याचिका दाखिल की गई थी जिसकी सुनवाई करते हुए इस मामले को लेकर कोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और कहा है कि अगर कोई अधिकारी इस धारा के तहत एक्शन लेता पाया गया तो उसे जेल भेजा जायेगा। इतना ही नहीं इस मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकारसे 4 हफ्ते में जवाब तलब किया है। कोर्ट ने इस धारा को संविधान के अनुच्छेद 19 (मत और वैचारिक स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (जीने का अधिकार) के विपरीत बताया।

पुलिस के तानाशाही के खिलाफ कोर्ट में उठाएंगे मामला
इस गैर और असंवैधानिक धारा लगाने के लिए आप आदमी पार्टी नेता प्रवक्ता कुलदीप कादयान ने इस बता की गहरी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार के इशारे में पुलिस ने तानशाही रवैय्या रखकर गैरकानूनी तरीके से यह धारा उनके कार्यकर्ताओं पर लगाई है. जिसे लेकर वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। बता दे कि इस मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी जहां वह इस मुद्दे को कोर्ट के सामने पेश करेंगे और खिलाफ सरकार को घेरने का काम करेंगे। राज्य IT और सोशल मीडिया प्रमुख कुलदीप कादयान ने यह भी बताया कि सरकार और पुलिस को कोर्ट में पता चलेगा कि कैसे फर्जी मामलों में आम आदमी को परेशान करने का नतीजा क्या होता है।

ज्यादती के विरुद्ध कोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा

प्रेस प्रवक्ता राजीव सरदाना ने बताया कि इस प्रकार के मामलो से सिद्ध होता है जमीनीस्तर पर सरकार और प्रशासन के बीच कितनी बड़ी संवादहीनता की स्थिति है। आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। राजीव सरदाना ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी अपनी टीम के साथ खड़ी है और सरकार को मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। इस तानाशाही और गलत धारा लगाकर कार्यकर्ताओ पर कार्यवाई करने के मामले को गंभीरता से नहीं लिया जायेगा।

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