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तुरंत चालान काटने का अधिकार ट्रैफिक पुलिस को नहीं!

महंगी पड़ सकती है पब्लिक पर सख्ती

अर्चना त्रिपाठी| हिसार टुडे
ट्रैफिक नियमों की बात करते ही आजकल सभी के रोंगटे खड़े हो रहे हैं। क्योंकि इन दिनों लोगों को नियमों का पाठ करवाने के मकसद से केंद्र सरकार ने नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू कर दिया है। जब से यह कानून लागू हुआ है, तब से वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट (आरसी), इंश्योरेंस सर्टीफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट सर्टिफिकेट तत्काल नहीं दिखाने पर चालकों के ताबड़तोड़ चालान काटने की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि इसे लेकर नियमों की जानकारी न होने के कारण लोग चुपचाप चालान कटवाकर भरने को मजबूर हो जाते है। हालांकि सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के मुताबिक अगर आप ट्रैफिक पुलिस को मांगने पर फौरन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), इंश्योरेंस सर्टिफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और परमिट सर्टिफिकेट नहीं दिखाते हैं, तो यह जुर्म नहीं है।
वैसे जब से यह नया नियम लगा है अभी तक हरियाणा के गुरुग्राम से कई ऐसे मामले सामने आए हैं जो चौंकाने वाले हैं। जैसे किसी की बाइक की कीमत 15 हजार रुपये है तो उसका चालान ही 23 हजार रुपये का कट गया, एक ऑटो चालक का 39 हजार रुपये का चलान कटा तो वहीं ट्रैक्टर चालक पर भी 50 हजार से ऊपर का जुर्माना लगा दिया गया। हालांकि इन सभी ने बड़े स्तर पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया, जिनमें रेड लाइट पार करना, RC ना होना, ड्राइविंग लाइसेंस ना होना या कुछ मामलों में शराब पीकर वाहन चलाना आदि शामिल है।
हालांकि इस नए नियम की हर जगह निंदा की जा रही है। काफी लोग जहां इसे गलत नियम बता रहे तो कुछ ने इसका स्वागत भी किया है।नया कानून लागु होते ही हरियाणा में धड़ाधड़ चालान काटने की घटना सामने आयी। गुरुग्राम में एक स्कूटी के 23 हजार रुपये के पांच चालान हुए। वहीं, मोटरसाइकिल पर बिना हेलमेट ट्रिपल राइडिंग और साइलेंसर से पटाखे की आवाज निकालने के मामले में 35 हजार रुपये का चालान काटा गया। इतना ही नहीं ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली के चालक को 59,000 का चालान काटा गया। ट्रैक्टर चालक ने रेड लाइट जंप करने के चक्कर में बाइक को टक्कर मार दी थी। ट्रैफिक पुलिस ने चालक लाइसेंस, आरसी, फिटनेस प्रमाण पत्र, इंश्योरेंस, खतरनाक सामान रखने तथा खतरनाक ड्राइविंग, ट्रैफिक नियम की अनुपालना नहीं करना तथा रेड लाइट जंप करने, वाहन की लाइट को हाईबीम में चलाने के आरोप में चालक राम गोपाल को 59 हजार रुपये का चालान थमा दिया था। इसी तरह देर रात ब्रिस्टल चौक के पास रेड लाइट जंप कर भाग रहे ऑटो के चालक को पुलिस ने पकड़ कर कागजात की जांच की तो चालक के पास जरूरी कागज तो दूर लाइसेंस भी नहीं था। चालक को 32,500 का चालान थमा ऑटो जब्त कर लिया गया। एक मोटरसाइकिल चालक संतराम के पास लाइसेंस व जरूरी कागजात नहीं होने पर 27 हजार का चालान कर बाइक जब्त कर ली गई। पुलिस ने बुधवार को एक हजार से अधिक चालान किए।

तत्काल चालान काटने पर चालक के पास कोर्ट में इसे खारिज करवाने का है विकल्प
एडवोकेट श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट 2019 की धारा 158 के तहत एक्सीडेंट होने या किसी विशेष मामलों में इन दस्तावेजों को दिखाने का समय 7 दिन का होता है. इसके अलावा ट्रैफिक कानून के जानकार लॉ प्रोफेसर डॉ राजेश दुबे का कहना है कि अगर ट्रैफिक पुलिस आरसी, डीएल, इंश्योरेंस सर्टीफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट सर्टिफिकेट तत्काल नहीं दिखाने पर चालान काटती है, तो चालक के पास कोर्ट में इसको खारिज कराने का विकल्प रहता है।

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट विनय कुमार गर्ग और एडवोकेट रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 139 में प्रावधान किया गया है कि वाहन चालक को दस्तावेजों को पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस तत्काल उसका चालान नहीं काट सकती है। – एडवोकेट विनय कुमार गर्ग

ट्रैफिक पुलिस का चालान कोई कोर्ट का आदेश नहीं

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीनियर एडवोकेट गर्ग का यह भी मानना है कि अगर ट्रैफिक पुलिस गैर कानूनी तरीके चालान काटती है तो इसका मतलब यह कतई नहीं होता है कि चालक को चालान भरना ही पड़ेगा। ट्रैफिक पुलिस का चालान कोई कोर्ट का आदेश नहीं है। इसको कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। अगर कोर्ट को लगता है कि चालक के पास सभी दस्तावेज हैं और उसको इन दस्तावेजों को पेश करने के लिए 15 दिन का समय नहीं दिया गया, तो वह जुर्माना माफ कर सकता है।

इतना चालान भरने से अच्छा है लोग गाड़ी छोड़कर पैदल ही चलें : ऑटो चालक

Traffic Police is not empowered to cut challan immediately!
Traffic Police is not empowered to cut challan immediately!

सरकार का फैसला बिलकुल गलत है। सरकार ने 100 का चालान 1000 कर दिया कौन देगा? कौन भरेगा? अभी तो इतनी कमाई भी नहीं रही। 15 रूपए सवारी लेते हैं और आज तेल की कीमत 70 रूपए लीटर हो गयी है। इतनी महंगाई हो गयी है। अगर कोई इंसान 5000 हजार चालान भरता है तो इससे अच्छा है लोग पैदल ही चल पड़ें, गाड़ी चलाने की जरुरत ही नहीं।

 

चालान में एक विटनेस के साइन होना अनिवार्य, अगर विटनेस नहीं तो माफ हो सकता है चालान
एडवोकेट रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि चालान में एक विटनेस के साइन होना भी जरूरी है। कोर्ट में मामले के समरी ट्रायल के दौरान ट्रैफिक पुलिस को विटनेस पेश करना होता है। अगर पुलिस विटनेस पेश नहीं कर पाती है, तो कोर्ट चालान माफ कर सकती है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मामलों में पुलिस विटनेस पेश नहीं कर पाती है और इसका फायदा चालक को मिलता है।

विद्यार्थियों के लिए मुश्किल होगा इतना महंगा चालान भरना : विद्यार्थी
नियम तो सही है मगर हम स्टूडेंट हैं इतना पैसा कहां से लाएंगे? अक्सर हम कॉलेज, क्लासेस, घर की भागदौड़ में कभी-कभी हेलमेट या कोई और सामान भूल जातें है तो हम इतना ज्यादा पैसा कहां से भरेंगे कहां से लाएंगे? हम अफ्फोर्ड नहीं कर सकते?

 

 

लोगों की आदत है जब तक सख्ती न बरते, सुनते नहीं, सरकार का नियम बेहतरीन: वरिष्ठ नागरिक
हिसार के एक वरिष्ठ नागरिक ने सरकार के नियमों की तारीफे करते हुए कहा कि यह नियम बेहद उपयुक्त हैं। हमारे यहां के लोगों की आदत है कि जब तक सख्ती न बरतें तो सुनते ही नहीं। मुझे तो लगता है इस नियम से अभिभावक भी सुधरेंगे और अपने बच्चों को भी कम से कम नियमों का पाठ पढ़ाएंगे।

 

 

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तरह जुर्माने की राशि बढ़ाने की सरकार की इच्छा नहीं थी। अहम बात ये है कि एक समय ऐसा आना चाहिए जहां पर इस तरह कोई जुर्माना ही ना हो और हर कोई नियमों का पालन करें। – नितिन गडकरी, केंद्रीय परिवहन मंत्री

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