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नलवा विधानसभा में टिकट को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच कांटे की टक्कर

रणधीर पनिहार- अनिल मान और सम्पत सिंह के बीच कांटे की टक्कर, कुलदीप बिश्नोई और हुड्डा की प्रतिष्ठा लगी दांव पर, प्रदेशाध्यक्ष शैलजा क्या लेंगी फैसला

महेश मेहता | हिसार टुडे

नलवा विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के दमदार प्रत्याशियों के बीच जोरदार कांटे की टक्कर होने की गुंजाइशें जताई जा रही हैं। क्योंकि यह चुनाव मात्र आम चुनाव नहीं बल्कि यह चुनाव है कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की पार्टी हाई कमान में पहुंच और उनके रुतबे के आकलन का। यही कारण है कांग्रेस के दिग्गज नेता अपने खास समर्थकों को टिकट दिलवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। नलवा में जिन कांग्रेस के दमदार नेताओं के बीच कांटे के टक्कर होने की उम्मीद जताई जा रही है, उसमें शामिल है कुलदीप बिश्नोई समर्थक और उनके खासमखास रणधीर पनिहार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी प्रोफेेसर संपत सिंह, वही हुड्डा समर्थक और गाँधी परिवार के करीबी निष्ठावान कार्यकर्त्ता और राष्ट्रीय किसान कांग्रेस के संयुक्त समन्वयक अनिल मान के बीच मानी जा रही है।

कांग्रेस के नए प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति के बाद इस बार सभी की निगाहें इसी बात को लेकर टिकी होगी कि क्या नए प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा सबको साथ में लेकर चलेंगी या कांग्रेस के अन्य नेता अपने समर्थकों को टिकट दिलावाने की जुगत में पीछे नहीं हटेंगे। शायद आपको याद हो हाल में रणधीर पनिहार की वो जोरदार सभा जिसमें कांग्रेस के दमदार नेता कुलदीप बिश्नोई ने साफ कहा था की नलवा हलके से रणधीर पनिहार को टिकट दिलवाने के लिए वह अपना पूरा जोर लगा देंगे। कुलदीप ने कहा था कि रणधीर परिहार उनका वो सच्चा समर्थक और परिवार का सदस्य है जिन्होंने हर सुख-दुख में उनका साथ दिया और ऐसे रणधीर के लिए वह टिकट नहीं ला पाए तो उनके जीवन में लानत है। कुलदीप ने अपने जोरदार भाषाशैली के माध्यम से यह तक कह दिया था कि अगर जरुरत पड़ी तो रणधीर के लिए वह हांसी ही नहीं अपना आदमपुर हलका छोड़ देंगे। यानी कि माहौल बहुत ही विकट और चुनोतीपूर्ण होने जा रहा है कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और हाई कमान के लिए।

हिसार टुडे ने फेसबुक में चलाये गए सर्वे में अभी रणधीर परिहार, अनिल मान और सम्पत सिंह के बीच टक्कर चल रही है। मगर अब तक किये सर्वे में पहले दिन रणधीर पनिहार आगे चल रहे हैं, वही अनिल मान दूसरे और संपत सिंह तीसरे पायदान में बताये जा रहे हैं। आप भी अपना वोट दें। बताये कौन है आपका पसंदीदा नेता। सर्वे पोल के लिए फेसबुक लॉगइन करें और दीजिये अपना वोट।

कुलदीप बिश्नोई की जान रणधीर पनिहार को टिकट दिलवाने की प्रतिष्ठा लगी दांव पर

बता दें कि कांग्रेस के दिग्गज नेता कुलदीप बिश्नोई के कट्टर समर्थकों में रणधीर पनिहार का नाम लिया जाता है। रणधीर पनिहार कुलदीप का वो कार्यकर्ता नहीं बल्कि परिवार के सदस्य है जिन्होंने हर सुख-दुःख कुलदीप बिश्नोई के साथ देखा और कभी भी दुःख की घडी में उनका साथ नहीं छोड़ा। याद हो जब ईडी और आयकर की रेड पड़ी तब रणधीर परिहार ने इस घड़ी में न केवल कार्यकताओं को संभाला, बल्कि कुलदीप बिश्नोई की कार्यवाई को द्वेषपूर्ण बताते हुए बताया था कि वह पाक साफ है। न केवल कार्यकर्ता बल्कि मीडिया के सवालों का उन्होंने जवाब दिया, बल्कि हिसार में तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर और रणदीप सुरजेवाला को हिसार में बुलवाकर न केवल कुलदीप बिश्नोई पर हुए कार्यवाई के खिलाफ नेताओं को एकजुट कर महामुहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर यह दिखाया कि इस विकट परिस्थिति में सभी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता कुलदीप के साथ खड़े हैं। इतना ही नहीं नलवा हलके में उनका अच्छा खास प्रभाव रहा है। 2014 उचाना कलां से हजकां पार्टी की तरफ से चुनावी मैदान में अपनी किसमत आजमा चुके रणधीर पनिहार इस बार नलवा से भाग्य आजमाने की कोशिश कर रहे हैं। जिसे लेकर उन्होंने जनसम्पर्क पहले से ही शुरू कर दिया है।

हुड्डा के ख़ास संपत सिंह भी टक्कर में

हुड्डा के समर्थक संपत सिंह की न केवल राज्य बल्कि केंद्रीय स्तर पर भी अच्छी मजबूत पकड़ रही है। संपत सिंह 1982, 1987, 1991, 1998, 2000 और 2009 में हरियाणा विधानसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने 1977 में देवीलाल के राजनीतिक सचिव के रूप में कार्य भी किया था और दो साल तक इस पद पर भी रहे। सिंह 1980 के भट्टू कलां निर्वाचन क्षेत्र में असफल रहे, बाद में उन्होंने दावा किया कि वे “अनुचित साधनों के व्यापक उपयोग के कारण” हार गए। उन्होंने 1982 के राज्य विधानसभा चुनावों में सीट जीती। 1991-1996 के बीच सिंह राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। संपत सिंह ने 14 जुलाई 2009 को इंडियन नेशनल लोकदल को छोड़ अपने 32 साल के जुड़ाव को समाप्त करने के बाद 27 जुलाई 2009 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कांग्रेस में रहते हुए ने सिंह को हिसार में नलवा निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में चुना। इसके बाद उन्होंने 2009 के चुनावों में कुलदीप बिश्नोई की माँ हजकां पार्टी प्रत्याशी जस्मा देवी को उनके ही घर में हराकर सीट पर जीत हासिल की। उस समय उनका मुकाबला जस्मा देवी के साथ इनेलो के प्रत्याशी रणबीर गंगवा से था। इस जीत के साथ प्रो संपत सिंह दुर्लभ नेताओं की एक लीग में शामिल हो गए, जिन्होंने 3 अलग निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही, यह राज्य की राजनीति में भजनलाल परिवार के लिए पहली हार थी, जिसमें प्रो संपत सिंह ने जसमा देवी को लगभग 10901 मतों के बड़े अंतर से हराया। इस निर्वाचन क्षेत्र में नए होने के बावजूद, प्रोफेसर संपत सिंह की स्वच्छ छवि ने उन्हें अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे रहने में मदद की।

हुड्डा और गाँधी परिवार के करीबी अनिल मान अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी के साथ किसान नेता का मिल रहा उन्हें फायदा

एक किसान परिवार के घर जन्मे अनिल मान ने केवल एक राजनेता, व्यापारी और एक अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाज रह चुके हैं। मध्यम परिवार में जन्मे अनिल मान किसान नेता के साथ एक शिक्षाविद भी हैं। उन्होंने विकट आर्थिक परिस्थितियों से लड़ते हुए कठिन दौर से गुजरते हुए मुक्केबाजी का परिक्षण लिया। जिला और राज्य स्तर पर विभिन्न टूर्नामेंटों में खेलने और जीतने के बाद अनिल मान ने वर्ष 1994, 1995 और 1997 में राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। गरीब बच्चों को जरुरी शिक्षा मिल सके और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय दर्जे की शिक्षा के लिए भटकना न पड़े इसलिए स्कूल की शुरुवात कर वहां जरूरतमंद लोगों को शिक्षा प्रदान करने का काम किया गया। वर्ष 2018 में एक व्यवसायी के रूप में अनिल मान अपने करियर के चरम पर थे जब उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने का फैसला किया। वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए और अब वे नलवा (हिसार) से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इतना ही नहीं उन्हें राष्ट्रीय किसान कांग्रेस के संयुक्त समन्वयक के रूप में नियुक्त किया गया है और हिसार, भिवानी, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, रोहतक, और झज्जर जिलों के प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने किसानों की न केवल केंद्र स्तर पर आवाज उठायी बल्कि वह नलवा हलके के किसानों के लिए कार्य करते आ रहे हैं। ऐसे में नलवा के किसानों के साथ उनका अच्छा दबदबा उनके लोकप्रियता को आगे ले रहा है।

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