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मुख्यमंत्री की बहन ‘डॉ. वीना अरोड़ा’ की दावेदारी के बाद हांसी बना सबसे हॉट विधानसभा क्षेत्र

विनोद मेहता, विनोद भयाना और गायत्री देवी से वीना अरोड़ा की होगी टिकट को लेकर सीधी टक्कर, हांसी की वर्तमान विधायक रेणुका बिश्नोई के सामने इस बार कड़ी चुनौती पेश करेगी भाजपा

महेश मेहता | हिसार टुडे

विधानसभा चुनाव में भाजपा जिस फोर्स के साथ आगे बढ़ रही है उसे देखकर राजनीतिक विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे हैं कि विपक्ष अगर यही बिखरा और कमजोर रहा तो भाजपा को भारी सीटों के साथ सत्ता में आने से कोई रोक नहीं सकता। हालांकि इसके बावजूद भी सभी की नजर आदमपुर और हांसी में टिकी हुई है। हांसी विधानसभा क्षेत्र में स्वर्गीय भजनलाल की बहु और कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्रोई की पत्नी रेणुका बिश्नोई वर्तमान की विधायक रही है। ऐसे में भाजपा रेणुका बिश्नोई के सामने किसी मजबूत उम्मीदवार को चुनावी मैदान पर उतारने में लगी हुई थी। यही कारण है कि भाजपा ने अपनी नियोजित रणनीति के तहत विनोद भयाना को पार्टी में शामिल करवाया। इसके बाद इनेलो नेता विनोद मेहता भी टिकट की उम्मीद लिए पार्टी में शामिल हुए। मगर हाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की बहन डॉ. वीना अरोडा ने हांसी से टिकट की दावेदारी ठोक कर बड़े बड़े धुरंदरों के पसीने छुड़ा दिए हैं। बता दें कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की राष्ट्रीय ब्रांड अम्बेसडर रहते हुए वीना अरोड़ा को महिलाओं और बेटियों के हितो को ध्यान में रखकर काम करने के लिए न केवल डॉक्टरेट की डिग्री मिली है। बल्कि उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को पूरा करने के लिए देशभर में भ्रमण करने के लिए लाखों किलोमीटर का सफर तय करने के लिए उनका नाम बुक ऑफ रेकॉर्ड में भी शामिल हुआ है। समाजसेवी होने के साथ वकालत की डिग्री हासिल कर महिलाओं को मुफ्त सलाह देने के लिए वीना अरोड़ा का नाम राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम कमाया है। यही कारण है कि उनकी दावेदारी ठोकने के बाद हांसी सबसे हॉट सीट बनकर साबित हुयी है।

हांसी में नॉन जाट वोटरों का दबदबा होने का वीना अरोड़ा को मिल सकता है फायदा

हांसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा अपना कमल खिलाने को बेताब है इसलिए खुद मुख्यमंत्री ने न केवल हांसी की धरती से कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई और रेणुका बिश्नोई को ललकार लगायी। वहीं लोकसभा चुनाव में भाजपा ने हांसी से 50 हजार 784 की लीड लेकर रेणुका बिश्नोई के सामने बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया। उसी धरती पर अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की बहन वीना अरोड़ा ने अपनी दावेदारी पेश की तो जाहिर सी बात है कि मुकाबला न केवल पार्टी के अंदर बल्कि दूसरे दलों के दिग्गजों से होना लाजमी है। वीना अरोड़ा हांसी की रहने वाली है। एक गरीब परिवार में पली बड़ी ग्लोबल पीस लीडर और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की राष्ट्रीय ब्रांड एम्बेस्डर डॉ. वीना अरोड़ा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं मुहीम को साकार करते हुए दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या के खिलाफ हरियाणा ही नहीं बल्कि पुरे देश के इसका प्रचार-प्रसार करने में कामयाबी पाई। सामाजिक कार्य का सालों के अनुभव के साथ हांसी की तकदीर बदलने और यहां कमल खिलाने के लिए वीना अरोड़ा अपने घर से ही चुनाव लड़ने के लिए अपने दम पार दावेदारी ठोक रही है। सबसे खास बात यह है की उन्होंने इसके लिए किसी से सिफारिश न लेते खुद के दम पर चुनाव लड़ने का फैसला लेकर पीएम मोदी के सपनो के भारत का ख्वाब पूरा करने का उठाया है। बता दें कि हांसी बेल्ट में पंजाबी और नॉन जाट बेल्ट होने के नाते अगर उनको मौका मिलता है तो इसका लाभ भाजपा को यहां से जरूर होगा और इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री से भी सिफारिश न लेकर अपने काम के बलबूते मांग रही टिकट

बता दें कि सीएम अपनी ईमानदार छवि के लिए जाने जाते है और वीना अरोड़ा भी अपनी काबलियत पर भरोसा करती है। इसलिए आज तक उन्होंने कभी भी सीएम से न किसी की सिफारिश करवाई और न मांगी। उन्होंने सिर्फ खुद की काबलियत पर भरोसा किया। टिकट के मामले में भी वह ईमानदारी से प्रयास कर रही है।

सीडी काण्ड के बाद विनोद भयाना पर एफआईआर का मंडराता खतरा!

बता दें कि 2014 में सीडी कांड को लेकर आक्रामक हुई इंडियन नैशनल लोकदल ने हरियाणा के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह, तत्कालीन मुख्य संसदीय सचिव विनोद भयाना, रतिया के पूर्व विधायक जरनैल सिंह और बरवाला के पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला की सीएलयू और अन्य मामलों में कथित रूप से काम करवाने के बदले करोड़ों रुपये मांगने वाली सीडीज लोकायुक्त जस्टिस प्रीतम पाल को सौपी थी। उस समय इनेलो पार्टी ने लोकायुक्त से उस दौरान अहम पदों पर बैठे इन कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की थी।

इनेलो ने राव नरेंद्र पर 30 एकड़ जमीन के सीएलयू के लिए 30 से 50 करोड़ रुपए मांगने, विनोद भ्याना के खिलाफ गुडगांव की 4 एकड़ जमीन का सीएलयू करवाने के लिए ढाई करोड़ रुपए मांगने, जरनैल सिंह रतिया पर फरीदाबाद के सेक्टर-31 में ग्रुप हाउसिंग का 2 एकड़ का लाइसेंस दिलाने के लिए 3 करोड़ रुपये मांगने और रामनिवास घोड़ेला पर सर्व शिक्षा अभियान के तहत ईंट भट्ठों पर स्कूल खोलने के लिए एनजीओ को ढाई करोड़ रुपये का काम दिलाने के बदले 50 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था। हालांकि माना जा रहा है कि इन सभी पर कभी भी कार्यवाई की तलवार चल सकती है। इन गंभीर आरोप के बाद जब कार्यवाई के बादल मंडरा रहे थे तब विनोद भयाना को अचानक 2018 में भाजपा अच्छी पार्टी लगने लगी और सुभाष बराला की मौजूदगी में वह पार्टी में शामिल हुए। मगर अब दुबारा कार्यवाई का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। ऐसे में विनोद भयाना को हांसी से दावेदारी का सपना क्या पूरा होगा यह देखने योग्य बात है।

 

विनोद मेहता अपने राजनीतिक अनुभवों के दम पर मांग रहे टिकट

जोगेंद्र उर्फ़ विनोद मेहता हांसी के दिग्गज और प्रबल नेताओं में से एक माने जाते है। 18 साल तक  राजनीति में रहते हुए जोगिन्दर विनोद मेहता ने व्यापारियों के साथ हफ्ता वसूली की घटनाओ को किया काबू, हांसी हलके में सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए अपने स्तर पर प्रयास किया। 1979 में स्वर्गीय बंसीलाल के हरियाणा विकास पार्टी से अपने राजनितिक कदम की शुरुवात करने वाले मेहता वह स्वर्गीय बंसीलाल के बेटे सुरेंद्र सिंह के बेहद घनिष्ट रहे। तत्पश्चात उन्होंने इनेलो में शामिल होकर प्रदेश उपाध्यक्ष, सचिव और युवा प्रभारी की बहुमूल्य पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाई। इतना ही नहीं उनके इन्ही कार्यो से प्रभावित होते हुए कुलदीप बिश्नोई ने उन्हें कांग्रेस में शामिल करवाया मगर हाल फिलहाल वह कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए है।

रेणुका बिश्नोई के लिए हांसी से टिकट निकालना ही मुश्किल

2014 के विधानसभा चुनाव में रेणुका बिश्नोई ने हजकां पार्टी की तरफ से चुनाव लड़कर इनेलो के प्रत्याशी उमेद सिंह लोहान को हरा कर जीत दर्ज की थी। मगर बाद में हजकां पार्टी कांग्रेस में सम्मलित हो गयी। इस वजह से लोग नाराज है। लोगों का आरोप है कि उन्होंने 5 सालो में हांसी को दुर्लक्ष रखा और कोई मुद्दा नहीं उठाया।

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