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हांसी हलके से चुनाव नहीं लड़ेगी रेणुका बिश्नोई ?

हांसी और नलवा की टिकट तय करेगी कुलदीप बिश्नोई का राजनीति में स्थान

अर्चना त्रिपाठी| हिसार टुडे

हाल में कांग्रेस में शामिल इनेलो के पूर्व विधायक सुभाष गोयल के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद से यह कयास लगाए जा रहे है कि इस बार हांसी हलके में कुलदीप बिश्नोई की पत्नी और वर्तमान विधायक रेणुका बिश्नोई के बीच टिकट को लेकर कांटे की टक्कर हो सकती है। हुड्डा समर्थन सुभाष गोयल और कुलदीप बिश्नोई की पत्नी रेणुका बिश्नोई के बीच टिकट को लेकर जोरदार टकराव इस बात की तरफ इशारा करेगा की क्या कुलदीप बिश्नोई अपना दम दिखाने में कामयाब होंगे या हुड्डा अपने सार्थक को टिकट दिलवाकर अपनी राजनीतिक ताकत का परिचय देंगे।
इतना ही नहीं नलवा हलके में हुड्डा समर्थक संपत सिंह और कुलदीप समर्थक रणधीर पनिहार के बीच भी मुकाबला बेहद जबरदस्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो दुबारा नलवा हल्का भी तय करेगा कि क्या कुलदीप बिश्नोई की ताकत हाई कमान में ज्यादा है या हुड्डा अपना दबदबा दिखाने में कामयाब साबित होते है।

रेणुका बिश्नोई क्या हांसी से नहीं लड़ेंगी चुनाव !

सूत्रों की माने तो आज हांसी में भाजपा के कार्यकर्ता जिस जोश में काम कर रहे है उसे देखकर कही न कही ऐसा प्रतीत होता है कि रेणुका बिश्नोई के लिए हांसी सीट को दुबारा जितना शायद मुश्किल साबित हो सकता है। ऐसे कयास भी लगाए जा रहे है कि कांग्रेस की इस सीट से हार के संकेत मिलने के चलते रेणुका बिश्नोई शायद हांसी विधानसभा चुनाव की दावेदारी छोड़ भी सकती है। हालाँकि अब तक इसका किसी भी प्रकार की कोई पुष्टि नहीं हुयी है। याद होगा की कुछ दिनों पूर्व नलवा हलके में रणधीर परिहार के लिए रेणुका ने हांसी की सीट छोड़ने की बात की थी। जिसके बाद यह चर्चाये होने लगी थी कि क्या रेणुका बिश्नोई हांसी की सीट से चुनाव नहीं लड़ने वाली है।

कई बार कुलदीप ने दिखाए हुड्डा के खिलाफ बागी तेवर

यह सभी जानते है कि जब कांग्रेस में लोइकसभा चुनाव के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कोर्डिनेशन कमेटी की कमान सौप कर बस यात्रा निकाई गयी तो कितने कोंग्रेसी नेता उसमें शामिल हुए यह सभी जानते है। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव के दौरान अशोक तंवर का भव्य बिश्नोई के साथ नामांकन पर्चा भरने में साथ होना इस बात का संकेत है कि हुड्डा के दुर्विरोधी तंवर को लाना भी यह बताता है कि हुड्डा कुलदीप के लिए कभी स्पेशल कटगरी में नहीं रहे।

हांसी से इनेलो के पूर्व विधायक सुभाष गोयल और विधायक रेणुका बिश्नोई के बीच टिकट को लेकर होगी काटें की टक्कर
हुड्डा समर्थक संपत सिंह और कुलदीप समर्थक रणधीर पनिहार के बीच भी हो सकता है नलवा में किस कैम्प का है दम
क्या रेणुका बिश्नोई नहीं लड़ेगी हांसी हलके से विधानसभा चुनाव!

रेनूका-सुभाष गोयल, प्रो. संपत्त, अनिल मान व रणधीर पनिहार से टिकट को लेकर बढ़ेगा कुलदीप-हुड्‌डा में टकराव

बता दे की हाल में इनेलो छोड़ कांग्रेस में शामिल नेताओ में एक है हांसी के रहने वाले दमदार नेता इनेलो के पूर्व विधायक सुभाष गोयल के मामले में चर्चाये है कि हाला में उन्होंने कांग्रेस का दामन टिकट के गारंटी में ही थामा है। हालाँकि इस बात की पुष्टि नहीं है। मगर कहा जाता है कि अशोक अरोड़ा को जब भाजपा ने टिकट की गारंटी नहीं मिली थी तब उन्होंने कांग्रेस का दामन सिर्फ टिकट मिलने की शर्त पर ही थमा है। उनके साथ जिन अन्य लोगो ने कांग्रेस का दामन थामा है उनके बारें में भी कहा जाता है कि उनको भी कांग्रेस त्यिकत दे सकती है। और उन लोगो में शामिल है सुभाष गोयल। अगर सुभाष गोयल को हुड्डा टिकट देने में कामयाब होती है तो कही न कही कुलदीप की ताकत कम हो सकती है। यही कारण है कि अब हुड्डा और कुलदीप बिश्नोई के बीच दुबारा टकराव की स्थिती है। एक तरफ कुलदीप बिश्नोई ने भरी सभा में यह कहकर सभी को चौका दिया की वह रणधीर पनिहार को टिकट देने के लिए अपना हल्का आदमपुर तकछोड़ने को तैयार है तो वही ठीक दूसरी तरफ कुछ ही दिन बाद कांग्रेस के दमदार नेता और हुड्डा समर्थक ने भी कुहुले आम चेतावनी दे दी थी कि कितना भी एड़ी छोटी का जोर लगाना पड़े वह नलवा हलके की टिकट लेकर ही आएंगे। अगर यह स्थिती रही तो यह कहना गलत नहीं होगा की नलवा हलका भी तय करेगा की क्या कुलदीप का उतना दमखम रहेगा की वह अपने समर्थक के टिकट ले पाए?

रेनुका, पनिहार, सिद्धार्थ को टिकट दिलवा दी तो बढ़ेगा कुलदीप का राजनीतिक कद

माना जा रहा है कि कुलदीप बिश्नोई के लिए अपने समर्थको और परिवार के सदस्यों के टिकट निकलने की सबसे बड़ी चुनौती है। क्योंकि अगर वह टिकट निकालने में कामयाब होते है तो ऐसा माना जायेगा कि उनका राजनीतिक कद बढ़ा है। और अगर वह टिकट निकलने में असफल होते है तो इसका मतलब साफ़ होगा की कुलदीप का न केवल राजनीतिक वजूद खतरे में आएगा बल्कि लोगो में यह भी सन्देश जायेगा कि अब कांग्रेस “ हुड्डा और शैलजा” की चलती है। माना जा रहा है कि कुलदीप बिश्नोई के लिए अपने समर्थको और परिवार के सदस्यों के टिकट निकलने की सबसे बड़ी चुनौती है। क्योंकि अगर वह टिकट निकालने में कामयाब होते है तो ऐसा माना जायेगा कि उनका राजनीतिक कद बढ़ा है। और अगर वह टिकट निकलने में असफल होते है तो इसका मतलब साफ़ होगा की कुलदीप का न केवल राजनीतिक वजूद खतरे में आएगा बल्कि लोगो में यह भी सन्देश जायेगा कि अब कांग्रेस “ हुड्डा और शैलजा” की चलती है।

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