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हिसार हलके में विधायक डॉ कमल गुप्ता फेल, सावित्री जिंदल की लग सकती है लॉटरी!

हिसार टुडे पोल में डॉ कमल गुप्ता को पछाड़ सावित्री जिंदल बनी लोगों की पहली पसंद। सीवर पाईपलाईन और स्पाइसजेट की हवाई यात्रा को लेकर देरी ने ही खोली भाजपा की पोल

महेश मेहता | हिसार टुडे

2014 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल के खिलाफ लावारिस पशुओं की समस्या को हथियार के तौर पर उपयोग करते हुए जिस तरह से 2014 को मुहिम चलाई थी, उसका नतीजा था कि सावित्री जिंदल को उस समय कमल गुप्ता द्वारा उठाये गए इस मुद्दे का खामियाजा अपनी हार से भुगतना पड़ा।

हाल में ही सीपीएस डाॅ. कमल गुप्ता ने हिसार की जनता से 2014 में किये गए गौ अभ्यारण्य का निर्माण करवाकर उसकी शुरुवात तो कर दी है। मगर इस काम में अब भी भाजपा पूरी तरह विफल साबित हुयी है। क्योंकि अभी तक जिस मुद्दे को लेकर सावित्री जिंदल को घेरने वाले डॉ कमल गुप्ता को आज लगता है शहर की इस गंभीर समस्या को पूरी तरह दूर करने में नाकामयाब हुए हैं। इतना ही नहीं बची कुछ कसर उड़नखटोले अर्थात हिसार से फ्लाइट शुरू करने के झूठे वादों ने निकाल दी। झूट इसलिए क्योंकि ऑनलाइन फ्लाइट की बुकिंग जहां अब तक लोगों की नही हो रही है। हिसार में पिछले साल हुए मेयर चुनाव हों या इस साल हुए लोकसभा चुनाव, इन चुनावों के दौरान भाजपा भले रिकॉर्ड तोड़ मार्जिन से जीत कर आयी हो, मगर इसका यह कतई मतलब नहीं है कि हिसार विधानसभा में भाजपा के लिए यह इतिहास दोहराना आसान होगा। क्योंकि 2014 में नए-नए चुनाव में जनता के बीच उतरे कमल गुप्ता 2014 में डॉ सुभाष चंद्रा के भरपूर सहयोग से जीत कर आये हो। मगर इस बार उनका दुबारा टकराव उनकी दुर्विरोधी कांग्रेस की दमदार प्रत्याशी सावित्री जिंदल से होना तय माना जा रहा है।

हाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान हिसार का दौरा कर यहां की स्थिति को भांपने का प्रयत्न किया था। मगर भले ही कार्यकर्ताओं के जोश के आगे वह हकीकत देख न पाए हों, मगर हकीकत तो यह है कि कहीं न कहीं हिसार हलका भाजपा के मिशन 75 में रुकावट लाने का काम न कर दे। क्योंकि सूत्रों का मानना है कि भले ही नया मोटर व्हीकल एक्ट को जनता का एक तबगा पसंद करे, मगर अधिकतर जनता इस कानून से नाराज है। हिसार में इस नए कानून के तहत जुर्माना न वसूला जाना भी इस बात का संकेत है कि डॉ कमल गुप्ता लोगों की नाराजगी झेलने के मूड में नहीं है।

डॉ कमल गुप्ता के खिलाफ यह बात भी जाती है कि हिसार में एक बरसात में जलजमाव की मार झेल रहे नागरिकों की समस्या सुलझ नहीं पायी। हिसार की गलियों में अवैध निर्माणकार्य में बड़ी संख्या में वृद्धि, पीने के पानी की आज भी होती समस्या, कचरों का सही प्रकार निपटारा न होना, अस्पताल में अत्याधुनिक मशीनों की आवश्यकता, कम लोड के विद्युत की समस्या। जैसे अनेकों बुनियादी समस्याएं है जिनको सुलझाने में विधायक कमल गुप्ता नाकामयाब हुए है।
हां, एक काम में वह जरूर अव्वल है वो है “संगठन और पार्टी के विभिन्न कार्यकर्मों का आयोजन और क्रियान्वन में।” जिसके चलते यह कहना गलत नहीं होगा कि इन सबका का फायदा कांग्रेस की दमदार नेता और हिसार से मजबूत दावेदार सावित्री जिंदल को हो सकता है।

नोट: यह आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नेताओं का फेसबुक में उनकी लोकप्रियता का सर्वे है, न कि चुनावी हार जीत का।

हिसार टुडे सर्वे में आगे चल रही है सावित्री, बुरी तरह पिछड़ रहे कमल गुप्ता

हिसार टुडे ने हाल में एक सर्वे चलाया है, यह सर्वे अब भी चल रहा है, इस सर्वे की रिपोर्ट इस बात की तरफ इशारा कर रही है कि हिसार विधानसभा चुनाव में जनता की पहली पसंद कांग्रेस की सावित्री जिंदल है। 13 तारीख को शाम 3.30 बजे तक कुल 3200 लोगों ने वोट दिया। जिसमें से अकेले सावित्री जिंदल को 2500 वोट, तो वहीं भाजपा के नेता और वर्तमान विधायक कमल गुप्ता को मात्र 693 वोट मिले। जो इस बात का सबूत है कि जनता उनसे कितनी असंतुष्ट है।

बड़े मुद्दे जो बन सकते हैं डॉ. कमल गुप्ता की हार के कारण

फ्लाइट ऑनलाइन बुकिंग

एक बात देखी गयी है कि जो हिसार एयरपोर्ट की सबसे पहले नींव 1965 में रखी गयी। उस हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की बात करते हुए डॉ कमल गुप्ता ने लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे। शायद यह सपना जल्दी पूरा नहीं होता। अगर मीडिया इस मुद्दे को लेकर कमल गुप्ता को न घेरती। मीडिया के साथ ही साथ जनता ने जब 4 साल इंतजार किया कि शायद हिसार में हवाई अड्डा बनाने का वादा विधायक पूरा करेंगे। मगर जब यह वादा पूरा नहीं हुआ और चुनाव सर पर आने लगे तो मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हिसार से चंडीगढ़ की हवाई सेवा शुरू कर दी। यह सेवा शुरू कर तो दी मगर जब इसके ऑनलाइन टिकट लोगों को नहीं मिले तो लोगों को कहने का मौका मिला गया कि “चुनावी स्टंटबाजी में विधायक जी ने लोगों को बेवकूफ बनाया”

जनता को साफ जलापूर्ति

डॉ कमल गुप्ता कहते हैं 40 MLD वाटर वर्क की शुरुवात कर 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी देने की बात करके आज खुद की पीठ थपथपा रहे हैं मगर हकीकत तो यह है कि डॉ कमल गुप्ता ने वाटर वर्क तो बना दिए, मगर लोगों को वाकई समय पर और साफ पानी मिल रहा है? हिसार में किये गए सर्वे में इस बात का पता चला है कि पानी आज भी लोगों को नियमित नहीं मिल रहा। इतना ही नहीं जो पानी आ रहा है वो भी प्रदर्शित और सीवर से मिक्स पानी लोगों को पीने के लिए मिल रहा है। जिसको लेकर कई बार लोगों ने अपना रोष व्यक्त किया है, निगम के चक्कर भी लगाए हैं। मगर कहते है न “ढाक के तीन पात” उसी तरफ आज भी 2014 से चली आ रही समस्या जो की त्यों है।
सीवर सिस्टम और जलजमाव से नहीं मिला जनता को निजात
डॉ कमल गुप्ता के कार्यकाल में फ्लाईओवर किया गया, गौअभ्यारण्य, वाशिंग यार्ड की शुरुवात के लिए वह भले ही अपनी पीठ थपथपा रहे हो, मगर हकीकत तो यह है कि कमल गुप्ता हिसार की जनता की बुनियादी समस्या अर्थात सीवर की समस्या से अब भी हिसार की जनता को निजात नहीं मिली है। एक बरसात में जल जमाव की समस्या से शहरवासियों को दो-चार होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं सीवर की समस्या से बरसात में पानी के पाइप लाइन के घटिया दर्जे के कार्यों के कारण आज पीने के पानी में सीवर का पानी लोगों के घरों में आने की समस्या आज भी बनी हुयी है।

अस्पताल में कोताही और डॉक्टर के कमी की समस्या

बता दें कि आज कमल गुप्ता यह दावे करते हों कि उन्होंने सिटी स्कैन की सुविधा अस्पताल में मुहैय्या करवाकर जनता को सुविधा दी। मगर हकीकत तो यह है कि काफी समय एक्स-रे या सोनोग्राफी की सुविधा बीच बीच में बंद हो जाना, डॉक्टरों की कमी होना ,बायो मेडिकल वेस्ट के लिए मीडिया को आवाज उठाना, अस्पताल में कबाड़ का भंडार होना, यह सब मुद्दे हैं जो इतने हावी हैं कि लोग कहीं न कहीं विधायक से नाराज हैं।

डॉ सुभाष चंद्रा के अनुपस्थिति में क्या डॉ कमल गुप्ता की राह होगी मुश्किल

यह बात जगजाहिर है कि डॉ सुभाष चंद्रा के दमदार चुनाव प्रचार अभियान के कारण ही डॉ कमल गुप्ता कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री जिंदल और हजकां प्रत्याशी गौतम सरदाना से बड़ी मुश्किल से जीते थे। चंद्रा ने जहां मशहूर टीवी आर्टिस्ट और अभिनेताओं की रेल हिसार में लगा दी थी वहीं कमल गुप्ता को जितवाने में एड़ी छोटी का जोर लगाया था। मगर इस बार मामला उल्टा है। डॉ सुभाष चंद्रा जहां भाजपा से कोसों दूर हैं। मेयर चुनाव में जिस प्रकार से उन्होंने अपना नाम इस्तेमाल करने से इंकार किया। वो इस बात का सबूत था कि सुभाष चंद्रा भाजपा के साथ संबधं सही नहीं थे और इसका खामियाजा शायद इस बार कमल गुप्ता को भुगतना पड़ेगा।

जनता की नहीं होती सुनवाई

आम लोगों की यह शिकायत है कि जनता अपनी समस्या को लेकर जाती है तो नियम कानून का हवाला देते हुए बड़ी-बड़ी बात करने वाले कमल गुप्ता के राज में जनता के काम नहीं हो पाते। खुद उनके कार्यकर्ता और कमल गुप्ता के करीबी भी मानते हैं कि कमल गुप्ता आम जनता से दूर रहे। यही कारण है उसका खामियाजा उन्हें आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा।

छात्र अधिकार रैली का आयोजन

हिसार। राजकीय महाविद्यालय में छात्र अधिकारी रैली का आयोजन किया गया जिसमें छात्र छात्राओं ने बढ चढ कर हिस्सा लिया। इस मौके पर जनहित युवा क्लब के अध्यक्ष पवन गंगवा ने मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लिया जबकि विनय कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।इस मौके पर बिश्नोई उपाध्यक्ष के तौर पर मौजूद थे। पवन गंगवा ने मौके पर बोलते हुए कहा कि छात्र छात्राओं क पढाई के साथ साथ खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेते रहना चाहिए छात्रों को साथ ही सामाजिक सेवाओं में भी अपन योगदान देना चाहिए। विनय कुमार ने मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह मंच कोई राजनैतिक मंच नही है यह एक सामाजिक मंच है इसके माध्यम से समाज में जागरुकता अभियान चलाया जाएगा जिसमें पर्यावरण को लेकर पौधा रोपण, छात्राओं की सुरक्षा के लिए उन्हें जागरुक किया जाएगा। हर्सित लांबा ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी बुराई से दूर रहना चाहिए। इस मौके पर जैतिक कुमार, अजय गंगवा सहित अन्य लोग मौजूद थे।

आवारा पशुओं से नहीं मिली लोगों को निजात

बता दें कि 2014 में इसी मुद्दे पर सियासत करने वाले कमल गुप्ता को जनता उनके उस वादे की उन्हें याद दिलाते रही कि जनता को आवारा पशुओ से कब निजात मिलेगी। लगातार दबाव और कई लोगों की दुर्घटना में जान जाने व घायल के बाद ही कमल गुप्ता ने गौ अभ्यारण की व्यवस्था की। मगर मेयर गौतम सरदाना ने आवारा पशुओं को पकड़ कर गौ अभ्यारण्य पहुंचाने की मुहीम चलाकर मेयर चुनाव का अपना वादा निभाया, मगर विधायक जी इसमें पीछे रह गए। क्योंकि आज भी हिसार की जनता की यह शिकायत बनी है कि आवारा पशु मुक्त हिसार की भाजपा विधायक की बात खोखली साबित हुयी और जनता आज भी उस झूठे वादे का खामियाजा भुगत रही है।

हिसारवासियों को कचरे से नहीं मिली मुक्ति

आज भी हिसार की जनता की यह शिकायत है कि कचरों से निजात दिलवाने और सफाई का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार और उनके विधायक कमल गुप्ता फेल रहे हैं। सूखा-गिला कचरा के नाम पर अभियान अब तक वह पुरे शहर में सुचारु रूप से नहीं चल रहा, समय पर कचरा साफ न होना और बाजार एवं काफी इलाकों में कचरों का पठा हुआ होना इस बात का सबूत है कि जनता कचरों की समस्या से आज भी परेशान है।

बिजली के कम लोड से जनता परेशान

हिसार में समस्या इस बात की भी बड़े पैमाने पर बनी हुयी है कि यहां लोग कम बिजली लोड से परेशान है। आज घरों में दोपहर-रात पंखे ऐसे चलते हैं जैसे हाथों से कोई चक्की चला रहा हो। बिजली की हमेशा शॉर्ट सर्किट और कम वोल्टेज के कारण लोग बिजली जैसे साधारण सी समस्या भी सुलझा नहीं पाए।

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