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भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा हिसार शहर की बदलेगा तस्वीर

अमित शाह ने हिसार हवाई अड्डे को भाजपा के विकास का बताया मजबूत पहलू

महेश मेहता | हिसार टुडे

हाल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जींद की धरती से धारा 370 और अनुच्छेद 35A का जिक्र किया तो साथ ही मनोहर लाल खट्टर के कार्यों का गुणगान करते हुए हिसार में आने वाले अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को देश के सबसे बड़े और बेहतरीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की उपमा देकर इसे हिसारवासियों के लिए बेहद गौरवान्वित पल बना दिया। गौरतलब बात है देश के सबसे बड़ा हवाई अड्डा दिल्ली एयरपोर्ट 5000 एकड़ में बना हुआ है। जबकि दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए हिसार हवाई अड्डा 7300 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे में शुमार होने वाले हिसार अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए अभी फिलहाल 4300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। जबकि 3000 एकड़ अतिरिक्त भूमि मुहैया करवाने का प्रक्रिया चल रही है। हिसार एयरपोर्ट को एयरोड्रम का लाइसेंस जारी किया गया है। डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन की ओर से यह लाइसेंस दिया गया है। हिसार एयरपोर्ट के लिए डीजीसीए की टीम ने 2018 में अगस्त में सर्वे किया था, जिसमें टीम ने कुछ खामियां बताई थी। हवाई पट्टी और सुरक्षा बिंदुओं को लेकर टीम ने नाराजगी जताई थी। इन खामियों को पूरा करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। खामियों को पूरा करने के बाद अब एयरपोर्ट का लाइसेंस जारी कर दिया गया है।

‘हिसार एयरपोर्ट से जम्मू, देहरादून, जयपुर की भी मिलेगी फ्लाइट’

बता दें कि हिसार एयरपोर्ट से दिल्ली और चंडीगढ़ के साथ-साथ जम्मू, देहरादून व जयपुर की हवाई उड़ानों का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो हिसार जल्द ही उत्तर भारत के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित होगा। इसके पीछे तर्क यह भी है कि हरियाणा में बहुत सारे जवान भारतीय सेना में कार्यरत है। बहुत से फौजी भाई जम्मू क्षेत्र में तैनात हैं, इनके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु वैष्णो देवी, अमरनाथ व हरिद्वार आदि की यात्रा पर जाते हैं। पर्यटन की दृष्टि से अनेक लोग जयपुर भी जाते हैं। यही कारण है की हिसार से जम्मू, देहरादून व जयपुर तीनों स्थानों की हवाई सेवाएं शुरू करवाने से आम जनता को फायदा होगा।

हिसार में बनेगी हवाई जहाज के लिए “ऑटो मार्केट”

बता दें कि आज तक भारतीय जहाज डेंटिंग-पेंटिंग के लिए सिंगापुर या दुबई जाना पड़ता था। लेकिन जल्द ही इनकी रिपेयर के लिए हिसार में हवाई जहाजों की ऑटो मार्केट बनेगी। इससे हिसार ही नहीं, आसपास के कई जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

हिसार एयरपोर्ट का इतिहास

हिसार हवाई अड्डा पहली बार 1965 में हिसार एविएशन क्लब के रूप में शुरू किया गया था, लेकिन बाद में वर्ष 1999 में इसे हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन (HICA) के साथ मिला दिया गया। वर्तमान में इसे HICA की हिसार शाखा कहा जाता है। वर्ष 1971 में हिसार से दिल्ली और पटियाला के लिए एक निजी रूप से नियंत्रित सेवा शुरू की गई थी, लेकिन ऑपरेशन के छह महीने बाद समाप्त हो गई थी। वर्ष 2002 में सफदरजंग हवाई अड्डे से दिल्ली फ्लाइंग क्लब (डीएफसी) की सभी उड़ानों को हिसार ले जाया गया।

टर्मिनल 1
हिसार हवाई अड्डे के पास एक घरेलू टर्मिनल है जो यात्रियों को बेहतर आवास और अन्य सुविधाओं के साथ सेवा प्रदान करता है। हिसार एयरपोर्ट अथॉरिटी एयरपोर्ट के प्रबंधन के साथ-साथ टर्मिनल का भी ख्याल रखती है। हरियाणा को देश के अन्य क्षेत्रों से जोड़ने के लिए कई घरेलू उड़ानें नियमित रूप से यहां से उड़ान भरती हैं।

दुकान और खाने के लिए स्थान

हवाई अड्डे में और उसके आस-पास कुछ स्टोर हैं, जहां से विभिन्न उत्पादों को उचित दर पर खरीदा जा सकता है। इन स्टोर्स में स्टेशनरी, किताबें, मैगजीन, ऐपरेल्स और कई अन्य उत्पाद खरीदने की व्यवस्था भी होगी। कैफे और रेस्तरां, किफायती दामों में स्वादिष्ट भोजन, नाश्ता और पेयजल की भी व्यवस्था की जायेगी। इन दुकानों के अलावा, एक हवाई अड्डे के परिसर के बाहर भी कई अन्य भोजनालयों के व्यवस्था की भी योजना है।

शहर के साथ कनेक्टिविटी

हिसार बस स्टैंड हिसार हवाई अड्डे से 5.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। राज्य की रोडवेज के अतरिक्त स्टैंड से चलने वाली निजी बसें हिसार-दिल्ली बाईपास रोड और NH 65 पर चलती हैं। कई निजी वाहन और अन्य सार्वजनिक बसें हैं जो हवाई अड्डे और बस स्टैंड को जोड़ती हैं।
रेल : हिसार हवाई अड्डे और हिसार रेलवे स्टेशन के बीच की दूरी लगभग 6 किमी है। इसलिए, कोई टैक्सी, बस या परिवहन के किसी अन्य तरीके को किराए पर लेकर आसानी से रेलवे स्टेशन तक पहुंच सकता है। रेलवे स्टेशन से हवाई अड्डे तक पहुंचने में कुछ मिनट लगते हैं और बहुत कम राशि खर्च होती है। हालाँकि सरकार यह भी योजना बना रही है कि हिसार हवाई अड्डे को रेलवे स्टेशन से कनेक्ट किया जाए।

हिसार में एविएशन विभाग द्वारा देश का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने का काम भाजपा के मनोहर लाल सरकार  के कार्यकाल में किया जा रहा है। भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डों में इसका शुमार होगा। जिसके लिए सरकार ने करोड़ों खर्च कर हिसार हवाई अड्डे को बनाया है। – अमित शाह (केन्दीय गृह मंत्री)

50 रु. खर्च कर आप देख सकेंगे एयरपोर्ट और प्लेन, मुख्यमंत्री को भेजा प्रस्ताव

बता दें कि अब तक आमजन दूर से हवाई जहाज आसमान में उड़ते हुए देखता था। अब हिसार में एक ऐसा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने जा रहा है, जिसमें एक निर्धारित राशि खर्च कर एयरपोर्ट पर खड़े जहाज भी देखे जा सकेंगे। वह भी बिना पैसेंजर बने। आमजन को जहाज देखने के लिए एयरपोर्ट की सिक्योरिटी चेकिंग सिस्टम से ही गुजरना होगा। जिसके लिए स्थानीय विधायक एवं हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजिज के चेयरमैन डा. कमल गुप्ता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल के सामने यह प्रस्ताव भी रखा है। इतना ही नहीं सीएम के सामने एयरपोर्ट भवन देखने की टिकट राशि 50 रुपये रखने की प्लानिंग भी की जा रही है। डा. कमल गुप्ता का कहना है कि प्रदेश मुख्यमंत्री ने उन्हें इस बारे में विचार-विमर्श के बाद अपना फैसला लेने का आश्वासन दिया है।

15 अगस्त को किया था उद्घाटन

बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 15 अगस्त को हिसार एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था, जिसमें पैसेंजर टर्मिनल का शुभारंभ किया गया था। टर्मिनल में यात्रियों के लिए जरूरी सभी सुविधाओं को शुरू किया गया। सीएम ने 15 अक्तूबर तक हिसार एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होने की बात भी कही गयी थी। बता दें कि भाजपा सरकार बनने के बाद 29 दिसंबर 2014 को हिसार पहुंचे मनोहर लाल ने एयरपोर्ट शुरू करने की घोषणा की थी। वर्ष 2016 में सरकार ने एयरपोर्ट को जमीन देने के लिए प्रस्ताव पारित किया, जिसमें एयरपोर्ट को करीब 4200 एकड़ जमीन दी गई है। अलग-अलग विभागों की जमीन ट्रांसफर की गई है। वर्ष 2017 में एयरपोर्ट पर तीन नए हैंगर बनना शुरू हुए। वर्ष 2017 में एयरपोर्ट के लिए 50 करोड़ रुपये भी जारी किए गए थे।

 

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