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मनोहर राज में “No. 1” के रूप में पहचान बनता हरियाणा

मुख्यमंत्री हो तो "Manohar lal" जैसा

ओलम्पिक पदक विजेता खिलाडियों को 6 करोड रूपये तक नकद पुरस्कार राशि देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य, हरियाणा देश का पहला “कैरोसिन मुक्त” प्रदेश, हरियाणा पहला राज्य जहां महिलाओं के लिए हर जिले में महिला थाना।

बीते पांच साल में हरियाणा की पहचान बदलती जा रही है। पहले प्रदेश को जहां “देसां म्ह देस हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा” जैसी पंक्तियों से जाना जाता था। लेकिन, जब से हरियाणा में भाजपा का राज हुआ है तब से प्रदेश की पहचान खेल-खिलाडी, पढ़ी-लिखी पंचायत, स्वच्छता के मामले में नंबर वन राज्य के तौर पर हो रही है। मनोहर लाल सरकार ने इन पांच सालो में हरियाणा की पहचान बदलने और विकासशील राज्यों के सूचि में नंबर एक पायदान में लाने में अहम् भूमिका अखितयार की। हरियाणा सरकार ने सत्ता में आते ही सबसे पहले किसी राज्य के विकास की नीव पंचायतो को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया। मनोहर सरकार ने पंचायत चुनाव अधिनियम में कुछ संशोधन किए। इन संशोधनों के हिसाब से सामान्य वर्ग के लिए दसवीं पास, दलित और महिला वर्ग के लिए आठवीं पास होना जरूरी किया गया है। इसके अलावा बिजली बिल का कोई भी बिल बकाया नहीं होना चाहिए। बैंक का लोन न चुकाने वाले और गंभीर अपराधों में चार्जशीट होने वाले लोग भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। चुनाव लड़ने वाले के घर में शौचालय होना भी अनिवार्य कर पीएम के स्वछता अभियान को साकार करने और सोच बदल कर विकास की दिशा में आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया। हालाँकि सरकार के इस फैसले के खिलाफ जनहित याचिका लगाई गई। तर्क यह दिया गया कि इससे एक बड़ा वर्ग चुनावी प्रक्रिया में हिस्सेदार बनने से महरूम हो जाएगा। उस समय इनेलो व कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों ने इसका भरपूर विरोध किया था। पंचायत चुनाव के लिए पढाई की अनिवार्यता को लेकर अदालत के दरवाजे भी खटखटाए गए। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने मनोहर सरकार इस मनोहारी निर्णय पर आखिरकार मुहर लगाईं।

इतना ही नहीं यह मनोहर सौगात का ही नतीजा था कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐसी ऐसी योजनाओ को अमलीजामा पहनाने का काम किया कि विकास को मापने वाली रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने भी प्रदेश को देश के सबसे तेज बढ़ते तीन राज्यों में शामिल किया। रिपोर्ट के अनुसार निर्माण और मैन्यूफैक्चरिंग में जहां गुजरात पहले नंबर पर है, तो मैन्यूफैक्चरिंग, व्यापार, परिवहन और कम्यूनिकेशन सुविधाओं में छत्तीसगढ़ और हरियाणा शीर्ष पर पहुंच गया। ये तीनों राज्य रोजगार पैदा करने में भी सबसे ज्यादा कामयाब रहे। प्रदेश में आज बिजनेस करना उद्यमियों और व्यापारियों के लिए पहले से आसान हो गया है। ईज आफ डूइंग बिजनेस में कभी 16वें पायदान पर रहने वाला प्रदेश भाजपा सरकार की सफल नीतियों के कारण अब तीसरे स्थान पर पहुंचा और टॉप अचीवर्स राज्यों की सूची में जगह बरकरार रखी है। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में व्यापार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए कई प्रशासनिक सुधार किए हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुधारने के लिए फाइल कई विभागों में भेजने की जगह हरियाणा सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम पर काम करना शुरू किया जिससे बिजनेस स्टार्टअप में तेजी आई है। हरियाणा सरकार के उद्यम प्रोत्साहन नीति की बदौलत ही प्रदेश की रैंकिंग में सुधार इसी का परिणाम है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मामले में आज हरियाणा उत्तरी भारत में प्रथम तथा देश में तीसरे स्थान पर है। इतना ही नहीं मनोहर सरकार की टीम के प्रयत्नों के बलबूते प्रदेश के ईमानदार व्यवस्था का नमुना जीएसटी क्लेक्शन को लेकर देखा जा रहा है। आज हरियाणा प्रदेश का प्रतिव्यक्ति पूंजी राजस्व संग्रह देश में सबसे ज्यादा है। साथ ही प्रदेश सबसे ज्यादा जीएसटी एकत्र करने वाला देश का 5वां राज्य बन गया है।

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