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ड्रग इंस्पेक्टर के अन्याय की शिकायत कर “रो” पड़ा कैमिस्ट

Hisar Today News

मुझे जान का खतरा, हो सकता है मुझे मरवा दे : सुरेंद्र सिंह

 कैमिस्ट ने लगाए ड्रग कंट्रोल अधिकारी पर आरोप, ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा सब झूठ

अर्चना त्रिपाठी | हिसार

ऋषि नगर वासी शिव शक्ति मैडिकल हाल के नाम से कैमिस्ट की दुकान चलाने वाले सुुरेंद्र पुत्र हनुमान ने आज एक पत्रकार वार्ता में हिसार के ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी पर रिश्वत मांगने, मारपीट सहित अन्य कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि आज ऐसा हो गया है कि मुझे इतनी धमकियां आ रही है शायद अगली बार मैं कुछ कहने के लिए भी मौजूद न रहूं। सुरेंद्र ने कहा मेरे पास सभी सबूत हैं जो इस बात की तरफ खुलासा करता है की हम दोषी नहीं है।

सिर्फ पैसों के लिए फर्जी रेड करवाई और जिसको ग्राहक बनाकर भेजा था ड्रग इंस्पेक्टर सुरेश द्वारा उसकी जेब में पहले से पड़ी दवा को दिखा कर उन पर रेड डाली। क्योंकि मैं वैसी दवा बेचता ही नहीं हूं। मेरे पास जितनी दवा है सभी का बिल मेरे पास है। सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि इस पर सुरेश चौधरी ने कहा कि अगर उन्हें दुकान चलानी है तो उन्हें पैसे देने पड़ेंगे व उन्होंने दुकान का नियमित जीएसटी भरने की बात कही। इस पर दूकानदार सुरेंद्र ने कहा कि उन्हें सारा टैक्स भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी उन्हें 20 हजार रुपये प्रतिमाह किस्त के रूप में देते रहना।

जिस पर उन्होंने असमर्थतता जताई तो सुरेश चौधरी ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि लोग उन्हें दबंग के नाम से जानते हैं, इसका अंजाम देख लेना। सुरेंद्र ने बताया कि इसके बाद 20.9.2018 को ही लगभग सवा तीन बजे जब वे अपनी दुकान पर आए तो देखा कि दुकान के बाहर सुरेश चौधरी उनकी बोलेरो गाड़ी को खोलकर उसकी तलाशी ले रहे थे और गाड़ी के पास ही उनका ड्राईवर भागीरथ पुत्र रतन सिंह जो कि धानक जाति से संबंध रखता है खड़ा था और वहीं राजेंद्र, सुरेंद्र, बिजेंद्र भी खड़े थे।

जब ड्रग कंट्रोल अधिकारी को उनकी बोलेरो गाड़ी में कुछ नहीं मिला तो वे उनके ड्राईवर भागीरथ को जातिगत गालियां देते हुए कहने लगे कि उन्हें सब पता है कि तू अवैध दवाइयां राजस्थान से हिसार लाता है और उसे वह जेल की हवा खिलाएगा यह कहते हुए उसे थप्पड़-मुक्के मारे। सुरेश चौधरी ने सरेआम पब्लिक के सामने मेरे ड्राइवर को जातिगत गालियां दी व उसे बेइज्जत किया।

सुरेंद्र ने बताया कि इस पर उन्होंने सुरेश चौधरी से कहा कि वे उनके खिलाफ झूठा केस क्यों बना रहे हैं, तो सुरेश चौधरी ने कहा कि उन्हें लोग दबंग ऐसे ही नहीं कहते और यह कहते हुए उन्होंने उनके साथ ही मारपीट शुरू कर दी जिसकी पूरी रिकॉर्डिंग उनके सीसीटीवी कैमरे में मौजूद है। इसके कुछ देर बाद रमन श्योराण वहां आए और उनकी मौजूदगी में सुरेश चौधरी ने उनके विरुद्ध फर्जी कागज तैयार करके व उन्हें धमकाकर व पुलिस का डर दिखाकर अपनी मर्जी के अनुसार लिखवा लिया और जिस पर फर्जी ग्राहक चंद्रमोहन के भी हस्ताक्षर करवा लिए और उनकी दुकान को सील कर दिया और उन्हें कहा कि एक हफ्ते बाद मिल लेना दुकान खोलने का तरीका बता देंगे।

उन्होंने बताया कि उन्होंने व उनके फार्मासिस्ट संजीव कुमार ने ना ही दवाई चंद्रमोहन को बेची और ना ही उन्होंने चंद्रमोहन से कोई रकम ली। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके खिलाफ ड्रग कंट्रोल अधिकारी ने झूठा व बेबुनियाद केस बनाया है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच की जाए। वहीं उनके ड्राइवर के खिलाफ जातिगत अपशब्द कहकर मारपीट करने के मामले में ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने एसपी हिसार को भी एक शिकायत देकर मामला दर्ज करवाने की मांग की है।

मुझे बंधक बनाया, और थाने ने मेरी शिकायत तक नहीं ली

इन लोगों ने मुझे स्कूल से बाहर जबरदस्ती अगवा कर 500 रूपए देकर दुकान में भेजा। मैंने जब नशे वाली दवा दुकानदार से मांगी तो उसने मुझे 2 बार दुकान से बाहर निकाल दिया था। मगर कुछ देर बाद ड्रग अधिकारी उसे धक्के मारकर दुकान के अंदर ले गए।

उन्होने मेरी जेब में जो पॉलीथिन रखी थी उसे ही बाहर निकालकर कहा कि नशे की दवा कहां से आयी, जब मैंने अधिकारी को कहा आपने दिया तो उन्होंने मुझे मार-पीटकर गालियां देते हुए अलग कमरे में अपने एक अफसर के साथ छोड़ दिया था कि मैं अपनी जुबान ना खोल पाउं। मुझे गालियां दी। जब मैंने इसके खिलाफ बस स्टैंड चौकी में शिकायत दर्ज करानी चाही तो मुझे गाली देकर अधिकारी ने वहां से भगा दिया।
चंद्र मोहन (फर्जी रेड में इस्तेमाल ग्राहक)

‘हो सकता है मुझे मरवा दे’

मेरे पास सीडी है जिसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गयी है। आज जितना मैं आवाज उठा रहा हूं हो सकता है मैं अगली बार आपको ना दिखूं, क्योंकि इसकी उपर तक पहचान है। हो सकता है मुझे मरवा दे। ड्रग इंस्पेक्टर सुरेश चौधरी खुद को दबंग बताता है। बोले पैसे देने पड़ेंगे, मैंने पैसा नहीं दिया तो रेड पड़ी।

आज जो दवा है सबके बिल मेरे पास है। आज मुझे धमकी मिल रही है, हिम्मत करके आपके सामने आया हूं, मैं चाहता हूं न्याय हो। ताकि मेरे साथ जो हुआ किसी दूसरे के साथ न हो। ये लोग पैसे देकर फर्जी रेड डलवाते हैं। इनको पहले पता है कि शिकार किसको बनाना है। हांसी, बरवाला, हिसार सभी तहसील है, हर जगह इसके आदमी हैं।
सुरेंद्र सिंह (दुकानदार, शिव शक्ति मेडिकल)

एसपी व सिटी थाने में दरख्वास्त दी, मगर केस दर्ज नहीं

फर्जी ग्राहक बनाकर भेजे आदमी को धक्का देकर उसको दुकान में लाये और उसके साथ मारपीट की। यह सारा फर्जी रेड और झूठी कहानी है। जिसके चलते ड्रग कंट्रोल अफसर पर आईपीसी 218, 330, 504, 323, 465, 471 के साथ सेक्शन 7, 13 (इ), 3 (1)(आर), 3 (2) के तहत मामला दर्ज होना चाहिए। जिसके लिए एसपी, सिटी थाने को दरख्वास्त की गयी मगर अब तक मामला दर्ज नहीं हुआ है।
मूलख राज महत्ता (वरिष्ठअधिवक्ता, हिसार)

अगर मैं गलत तो फांसी पर चढ़ा दो

हमारे वरिष्ठ ड्रग अधिकारी रमन श्योराण के पास चंद्र मोहन का 15-20 बार फोन आया कि शिव शक्ति नशे की दवाई बेचता है। पारिजात चौंक में वह हमसे मिला और आपको मैं पकड़वा दूंगा। दवा के पैसे हमने दिए। ड्राइवर नया था उसको भी साथ भेजा। जैसे उसने दवा खरीदी ड्राइवर ने हमें कॉल किया, 10 मिनट का प्रोसेस रहता है हम तुरंत आए और उसे पकड़ा। हमें देखकर दूकानदार सुरेंद्र डर गया कि हम आ गए। उसने चंद्र मोहन को धक्का देना शुरू किया। जब उसने धक्का मारा हम धक्का देकर अंदर गए। हमारे उपर लगाए आरोप गलत है। अगर मैंने गलत किया हो तो मुझे फांसी दे दी जाए या नौकरी से निकाल दो, यह रेड फर्जी नहीं ।
सुरेश चौधरी ( ड्रग कंट्रोल अफसर)

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