ताजा खबरहरियाणाहिसार

मोदी/खट्‌टर के राज में व्यापारी और उद्योगपति दोनों परेशान, ‘जीएसटी से मालिक बना मुनीम’

अर्चना त्रिपाठी | Hisar News

राह संघर्ष की जो चलता है,
वो ही संसार को बदलता है।
जिसने कठिनाइयों से है जंग जीती,
सुबह सूर्य बनकर वही चमकता है।

बजरंग दस गर्ग हरियाणा के व्यापारियों और उद्योगपतियों की बुलंद आवाज। हरियाणा में व्यापारियों की आवाज बनकर उभरे हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने हमेशा से ही हरियाणा के व्यापारियों के विकास और यहां के उद्योगों को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कि है। हरियाणा व्यापार मामले में सबसे अव्वल स्थान में ले जाने के अपने ध्येय और मकसद को पूरा करने के लिए बड़ी-बड़ी सरकारों से भिड़ने में कभी हिचकिचाहट नहीं की। जीएसटी का मामला हो या नोटबंदी सरकार के उन फैसलों और सरकार की नीतियों का बजरंग दास गर्ग ने कड़ा विरोध किया जिसके चलते व्यापारी और उद्योग धंधे प्रभावित होते आ रहे थे। बजरंग दास गर्ग ने हमेशा से ही व्यापारियों की हर छोटी-बड़ी समस्या को अपनी समस्या समझ कर न केवल उसे सुलझाने में अहम भूमिका अदा की, बल्कि सरकार की दमनकारी नीतियों का भी विरोध करने से वह नहीं हिचकिचाए। हाल में उन्होंने भाजपा की जीएसटी नीतियों में आ रही खामियों को न केवल बढ़चढ़ कर उठाया बल्कि सरकार को भी झुकने पर मजबूर कर दिया।

आज कॉफी विद हिसार टुडे में खास मुलाकात में बजरंग दस गर्ग ने न केवल मनोहर लाल सरकार की उदासीन नीतियों की कलाई खोली बल्कि खुलेआम इस बात के भी संकेत दे दिए कि जो व्यापारियों और किसान के हित की बात नहीं करता उसे आगामी चुनाव में जनता “वोट की चोट” देगी।

काम नहीं करेगा उसे जनता देगी “वोट की चोट”
मुख्यमंत्री राजा होता है और असली राजा वो जो प्रजा का हितैषी हो, जिसकी प्रजा कभी दुखी न हो। मगर हमारे मुख्यमंत्री को तो इस बात की परवाह नहीं। मुख्यमंत्री तो मस्त “हाथी की चाल चलता है और हरियाणा की सब पुलिस फोर्स अपनी सुरक्षा में लगा लेता है।” मुख्यमंत्री को तो डर लगा रहता है कि कोई काला झंडा न दिखा दे, कोई काला पायजामा न दिखा दे, कोई काली चुन्नी न दिखा दे या कोई बट्टा न फेंक दे। मुख्यमंत्री जब भी शहर में आता है स्वागत में पूरी फोर्स लग जाती है। सारे चौकी थाने खाली, कोई कुछ भी हो जाये कोई देखने वाला नहीं। अगर मुख्यमंत्री को खुद की सुरक्षा का इतना ही डर है तो वो क्या लोगों की सुरक्षा करेगा? कुर्सी और सरकार आनी और जानी है। लोग “वोट की चोट मारते” है। जो सरकार काम करेगी उसी को मिलेगा वोट। जो व्यापारियों और लोगो के हित में काम नहीं करेगा, उनको “वोट की चोट” देकर जनता घर बिठा देगी।

जीएसटी लगने से मालिक बना मुनीम : बजरंग दास गर्ग
आज जीएसटी भरने के लिए व्यापारियों को इतने सारे नियम और कागजात भरने पड़ते हैं कि व्यापारियों के पसीने छूटने लगते हैं। आज जीएसटी के कागज भरते-भरते मालिक ही मुनीम बन गया है। इसलिए उन्होंने मांग की है लेखा-जोखा में सरलीकरण किया जाए। क्योंकि जीएसटी भरने के लिए व्यापारियों को लेखाधिकारी रखना पड़ता है, बैंक का ड्राफ्ट बनाना पड़ता है अगर छोटी-बड़ी गलती हो जाए तो ज्यादा टैक्स देना पड़ता है। अधिक पैनल्टी देनी पड़ती है, ब्याज देना पड़ता है। बजरंग दस गर्ग ने यह भी मांग की कि जो व्यापारी नियमित टैक्स भरता हो, उसे सरकार बदले में 5% टैक्स प्रोत्साहन के तौर पर वापस करे। साथ ही उन्होंने 5000 रूपए पेंशन और आगजनी की घटना में बर्बाद दुकान या उद्योग के व्यापारियों के नुकसान की पूरी भरपाई के लिए सरकार मुफ्त बीमा योजना लागू करे।

मोदी के राज में व्यापारी व उद्योगपति दोनों परेशान
बजरंग दस गर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के राज में व्यापारी और उद्योगपति दोनों परेशान है। क्यूंकि सरकार ने किसानों और व्यापारियों को राहत देने की बजाय नए कानून बनाकर उनपर शिकंजा कसने का काम किया है। जीएसटी के नाम पर सरकार ने आज एक टैक्स नहीं बल्कि 3%, 5%, 12%, 18% और 28% टैक्स लगाकर व्यापार और व्यापारियों को कामकाज ठप्प कर दिया है। उन्होंने कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि जिस महात्मा गांधी अर्थात हमारे बापू ने “एक लंगोटी और एक सोटी” से देश को आजादी दिलवाई, आज की सरकार ने उन्ही को टैक्स के दायरे में ला दिया है। जिस गरीब के मुंह की मिठास चाय अर्थात चीनी होती है उस गरीब के मुंह की मिठास पर भी सरकार ने 5% टैक्स लगा दिया है। किसानों की खेती में उपयोग आने वाले सामानो पर टैक्स लगा दिया। बजरंग दास गर्ग ने कहा कि जब हमने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो सरकार ने 28% कर में राहत देने की घोषणा कर दी। इस घोषणा को 15 महीने गुजर जाने के बावजूद भी अमल में नहीं आई।

बेरोजगारी का मुख्य कारण “नोटबंदी”
व्यापारी से लेकर गरीब तक को नोटबंदी का असर पड़ा है। बिल्डिंग निर्माणकार्य सेक्टर बंद हो गया। बेरोजगारी बढ़ गयी है, उद्योग धंधे बंद हो गए हंै, कर्मचारियों की नौकरी से छटनी हो रही है। बजरंग दास गर्ग ने मनोहर सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि बेरोजगारी बढ़ने का मुख्य कारण नोटबंदी है। नोटबंदी को उन्होंने एक विफल कदम बताते हुए कहा कि इससे सरकार को लाभ नहीं हुआ, सिर्फ गरीबी बढ़ी, बेरोजगारी बढ़ी है और उद्योग धंधे ठप्प हुए हैं।

व्यापार और उद्योग धंधे घटे
यह बड़ी दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा के मनोहर लाल सरकार की व्यापार और उद्योग नीतियां पूरी तरह से फेल है। उनकी गलत नीतियों के कारण गवार की 80% फैक्ट्रीयां हरियाणा में बंद हो चुकी हैं। दाल और आयल मील नुकसान में चल रही है, कपास के मामले में देश में हिसार, फतेहाबाद और सिरसा कपास उद्योग हब है, लेकिन ये भी काफी नुकसान मे है। चीनी मील 30% हरियाणा में बंद होकर पडोसी राज्य पंजाब में लग चुकी हैं।

देश में उद्योग लगाने का सबसे असुरक्षित प्रदेश हरियाणा
बजरंग दास गर्ग का कहना था कि मुख्यमंत्री बोलते हैं हरियाणा में उद्योग लगाने का सबसे सुरक्षित प्रदेश हरियाणा है। मगर मैं तो कहता हूं उद्योग और व्यापार के लिए सबसे “असुरक्षित प्रदेश हरियाणा” है। अपराध के मामले में हरियाणा नम्बर 1 है। न्यापालिका के जज का परिवार सुरक्षित नहीं तो लोगों की सुरक्षा हरियाणा में राम भरोसे होगी। प्रदेश में ऐसा कोई दिन खाली नहीं गया जब लूटपाट और बलात्कार की घटना न घटी हो। जब गोवा का भाजपा पार्टी का नेता और मुख्यमंत्री बोलता है कि क्राइम में गोवा को हरियाणा नहीं बनने दूंगा, इससे बड़ी शर्म की बात क्या होगी।

सीएम को फील्ड की जानकारी नहीं
मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर निशाना साधते हुए बजरंग दास गर्ग का कहना था कि मुख्यमंत्री कहते हंै कि उन्होंने 8 साल कपडे का व्यापार किया और उस दौरान उन्होंने कपडा में चोरी की। बजरंग दास गर्ग ने सवाल किया कि जब कपडे में टैक्स ही नहीं था तो चोरी किस बात की ? उन्होंने कहा मुख्यमंत्री ने “चोरी नहीं ठगी” की होगी।

अब चुनाव नजदीक, तो सरकार आखिरी साल खोलेगी “छूट का पिटारा”
गर्ग ने कहा कि सरकार का जाने का समय आ चुका है, इसलिए अब जाते-जाते सरकार अपने पत्ते खोलेगी। 4 साल तक सरकार ने व्यापारी और उद्योग को दोनों हाथों से लूटा मगर अब आखिरी साल आ गया है तो सरकार “छूट का पिटारा” खोलेगी। 4 साल तक व्यापारी से सरकार ने ज्यादती की, नाजायज कर लगाए। इतना ही नहीं सरकार ने नया “व्यवसाय कर” लगाकर व्यापारियों और दुकानदारों को परेशान करने की कोशिश की है। हमने इससे पहले भी इनेलो और कांग्रेस सरकार के दौरान इस कर का विरोध किया और लगने नहीं दिया वैसे ही हम भाजपा से भी उम्मीद करेंगे कि वह नया कर वापिस लेगी।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close