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मनोहर सरकार प्रदेश के खेल व खिलाड़ियों को कर रही बर्बाद

Hisar Today News

हिसार टुडे ने अपनी खबर के माध्यम से बताया था की किस प्रकार खेल में कीर्तिमान हासिल करने वाले अधिकतर खिलाड़ी आज गरीब परिवार से ताल्लुक रखते है। गांव से पैदा हुए इन युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए अब तक उन्हें सरकार द्वारा राशि प्रदान की जाती थी। राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर कैटेगरी में मिनी, जूनियर, और सब जूनियर में स्वर्ण पदक विजेता को 3 लाख, रजत पदक विजेता को 2 लाख और कांस्य पदक विजेता को 3 लाख रुपये नकद पुरस्कार राशि के तौर पर प्रदान की जाती थी। परन्तु अब सरकार ने यह राशि देना बंद कर दिया है।

हरियाणा सरकार की 2015 में बनी नयी खेल नीति का हवाला देते हुए खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका ने जूनियर, सब जूनियर और यूथ कैटेगरी में दी जाने वाली पुरस्कार राशि को लेकर स्पष्टीकरण देते हुए 7 जून के अपने एक आदेश में अशोक खेमका ने कहा है कि राज्य सरकार की खेल नीति में इस तीनों श्रेणी के पदक विजेता खिलाडिय़ों के लिए नकद इनाम राशि देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए उन्हें नकद पुरस्कार राशि नहीं दी जा सकती।

सरकार की तरफ से फंडिंग बंद होने से नाराज खिलाड़ियों ने हिसार टुडे को बताया की सरकार की तरफ से फंडिंग रोकने के बाद अब उनके लिए खेल में आगे आना मुश्किल हो गया है। खिलाड़ियों के पास अपनी डाइट के लिए भी पैसे नहीं है। इस खबर के बाद हिसार सांसद दुष्यंत चौटाला ने खबर पर संज्ञान लेते हुए कहा, “सरकार की खेल नीति इस बात को साबित करती है की भाजपा सरकार की नियत साफ नहीं है। खेल और खिलाड़ियों को सरकार बर्बाद करने में तुली हुई है’ जूनियर लेवल से खिलाड़ियों के लिए खेल की शुरुआत होती है और इसी समय उन्हें स्काॅलरशिप की सबसे ज्यादा जरुरत होती है।

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