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भाजपा द्वारा व्यापारियों को बढ़ावा देने की बात सिर्फ “ढकोसला”: गर्ग  

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प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने व्यापारी प्रतिनिधियों की बैठक लेने के उपरांत पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में वस्तुओं पर अलग-अलग प्रकार के टैक्स लगा कर व्यापारियों को खुद की दुकान में मालिक की बजाए मुनीम बनाकर रख दिया है। व्यापारी सारे दिन लेखा-जोखा रखने में ही उलझा रहता है। गर्ग ने कहा कि जबकि देश में कभी भी कपड़े पर टैक्स नहीं था। मगर केंद्र सरकार ने कपड़े पर भी 5 प्रतिशत टैक्स लगा दिया। केंद्र सरकार को आम आदमी के हित में कपड़े पर टैक्स हटा देना चाहिए।

जब तक सरकार टैक्स ना हटाए तब तक कपड़े पर मैनुफैक्चरिंग पर ही टैक्स लगना चाहिए। ताकि छोटे-छोटे व्यापारी जो कपड़े का काम करते हैं वह सारे दिन लेखा-जोखा रखने से बच सकें। प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी में जिन वस्तुओं पर टैक्स नहीं था उन अनेकों वस्तुओं पर टैक्स लगा दिया जिन वस्तुओं पर टैक्स 5 व 12.5 प्रतिशत था उसे बढ़ाकर 18 व 28 प्रतिशत भारी-भरकम टैक्स लगाकर जनता की कमर तोड़ कर रख दी है।

प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र व हरियाणा सरकार की गलत नीतियों के कारण आज देश व प्रदेश में व्यापार व उद्योग लगातार पिछड़ता जा रहा है। यहां तक की हरियाणा में जितने भी कृषि उपज मिले हैं लगभग सभी मिले नुकसान में चल रही है। काफी मीलों के मालिकों का तो इतना बुरा हाल है कि वह बैंकों के लोन चुकाने की भी स्थिति में नहीं है। काफी मीलों के बैंक खाते एन पी ए तक हो चुके हैं। जिसका मुख्य कारण सरकार द्वारा व्यापारी व उद्योगपतियों की तरफ कोई ध्यान नहीं देना है।

प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि पिछली सरकार में कपास पर मार्केट फीस 80 पैसे हुआ करती। इस सरकार ने 1 अगस्त 2016 से उसे बढ़ाकर 2 रूपये कर दिया है। जबकि 1 क्विंटल चावल की पीनाई पर 15 रूपये क्विंटल मिलते थे। जिसे घटाकर 10 रूपये कर दिए हैं।इतना ही नहीं 100 क्विंटल जीरी में 62 किलो चावल निकलता है। मगर सरकार मिलरों से 67 किलो चावल ले रही है।

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