सिरसाहरियाणा

बेटी की मौत का न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं परिजन,… बोले- न्याय की क्या है डगर

Hisar Today

बेटी की असामयिक मौत को आज ठीक एक वर्ष बीत चला है। परिजनों द्वारा शासन व प्रशासन की हर दहलीज तक गुहार लगाई जा चुकी है मगर आज तक न्याय नहीं मिल पाया। मॉ के चले जाने के बाद रो-रोकर दो वर्षीय बेटे भाविक व 3 वर्षीय बेटी तनुजा की आखों से समझो पानी ही खत्म हो चला है। दर-दर गुहार लगाकर हार चुका परिवार एक ही बात बोल रहा है कि आखिर न्याय की डगर कौन सी है जिस पर चलकर बेटी की मौत के प्रति जिम्मेदार चिकित्सकों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

यह कहानी नहीं बल्कि एक दुखदायी सत्य है जिला के गांव हंजीरा के सुभाष की बेटी सरोज के जीवन का। करीब 24 वर्षीया सरोज के चाचा मोहन लाल व यशपाल ने आज यहां एक पत्रकार वार्ता में बताया कि उनकी बेटी के प्रसव पीड़ा होने के कारण 5 मई 2017 को सिरसा के सिविल अस्पताल लाया गया जहां उनकी मुलाकात महिला चिकित्सक सुभाषिनी से हुई, सुभाषिनी ने बेहतर उपचार का कहकर उन्हें अपने पति के डबवाली रोड़ स्थित जैन हड्डी रोग अस्पताल में 8 मई को ले गई जहां प्रसव पीड़ा  के दौरान ऑक्सीजन के खत्म हो जाने के कारण सरोज की तबीयत बिगड़ गई।  बाद में डॉक्टरों ने सरोज को ओवरब्रिज के नीचे एक नीजि अस्पताल में रैफर कर ले गए मगर तब तक सरोज कोमा में चली गयी थी।  कोमा में चले जाने के बाद चिकित्सक सुभाषिनी ने अपने खर्चे पर सरोज को जयपुर उपचार के लिए भेज दिया। 89 दिनों तक सरोज जयपुर में जिंदगी व मौत से लड़ते-लड़ते 7 अगस्त 2017 को दम तोड़ गई। सरोज की शादी नोहर तहसील के गांव सोनड़ी में 26 जून 2012 को कृष्ण लाल के साथ हुई थी।

 उपचार में कोताही को लेकर परिजनों ने सिरसा पुलिस,वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों,प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई,अंतत: 23 जून 2018 को सिरसा जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति के चैयरमेन एवं राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने आरोपी चिकित्सक दंपति के खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ-साथ किसी अन्य एजेंसी से मामले की जांच के आदेश दिए मगर आज तक उन आदेशों पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। सिरसा शहर पुलिस ने मामला दर्ज कर ठंडे बस्ते में डाल दिया है। स्थानीय प्रशासन व पुलिस द्वारा कोई न्याय ना मिलने की सूरत में अब पीडि़त परिवार ने माननीय पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का मन बनाया है। इससे पहले पीडि़त परिवार ने एक बार राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज,राज्य मंत्री कृष्ण बेदी,पुलिस महानिदेशक,स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर सरोज की मौत के प्रति जिम्मेदार चिकित्सक दंपति को गिरफ्तार करने की मांग का पत्र लिखा है। पीडि़त परिवार कल हिसार रेंज के आई जी से मिलकर भी गिरफ्तारी की मांग रखेगा।

परिजनों ने पत्रकारवार्ता में आरोप लगाया कि चिकित्सक सुभाषिनी एक सरकारी चिकित्सक होने के बावजूद अपने पति के साथ डबवाली रोड़ पर जैन अस्पताल में बैठकर उपचार करती है। अस्पताल के मुख्य द्वार पर बकायदा नाम लिखा गया है जिस पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पुताई करवाई गई है,जिससे चिकित्सक दंपति से पुलिस की मिलीभगती साफ जाहिर हेाती है।

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