हरियाणाहिसार

गाय बचाने की मुहीम में एकजुट हुए हिसार सीआईडी कॉलोनी के निवासी

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जिस गाय को खाना देना आप पुण्य समझते हैं, उसी गाय की मौत का कारण आप खुद बन रहे हैं। गाय को प्लास्टिक में खाना देने की आदत उसकी जान ले रही है। आंकड़े बताते हैं कि शहर में हर चौथे दिन एक गाय की मौत प्लास्टिक खाने से हो रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक 100 में 70 गायों की मौत के बाद होने वाले पोस्ट मार्टम में गाय के पेट से 8 से 10 किलो पॉलिथीन, जूते और चप्पल निकल रहे हैं। आज हकीकत तो यह है की हिसार और आसपास के परिसर में आवारा पशुओं की भरमार होती जा रही है। इतने आवारा पशुओ का दूध निकालकर उन्हें रस्ते में खुलेआम छोड़ दिया जाता है। खाने की तलाश में यह आवारा पशु कचरो के डिब्बे में मुँह मारते दिखाई देते है। खाने की तलाश में यह गाय कचरा और प्लास्टिक तक खा जाती है।

वैसे तो हरियाणा सरकार ने प्लास्टिक पर बैन लगाया है, मगर हकीकत तो यह है की आज भी बाजारों में खुलेआम प्लास्टिक की बिक्री हो रही है, और तमाम प्लास्टिक कचरा कचरे के डब्बे में फेंक दिया जाता है। एक दिन सीआईडी कॉलोनी में रहने वाले राहुल जाँगड़ा ने देखा की जिन गाय को हम माँ समझते है, आज वही गाय खाने के आभाव में कचरे के डब्बे में प्लास्टिक और अन्य कचरा खा रही थी। राहुल उस समय मात्र 12 साल का था जब उसने पाया की भूख के मारे यह गाय प्लास्टिक और अन्य हानिकारक चीजे खा रही है।  तब उसने यह निर्णय लिया की क्यों न घर में सूखा और गीले कचरे के लिए अलग डब्बा रखा जाए। ताकि गिला कचरा इन पशुओ को देकर न केवल उन्हें जहरीली प्लास्टिक खाने से बचाया जाए बल्कि उन्हें पौष्टिक खाना भी मिले।  इस सोच के साथ राहुल ने अपने घर से इस मुहीम की शुरुवात की और आज उसे देखते देखते उसकी कॉलोनी के सभी लोगो  ने राहुल की तरह अपने घर का गिला कचरा एक जगह इकठ्ठा करके पास पड़े खुले भाग में रखना शुरू कर दिया। फलस्वरूप रोजाना उस जगह पर गाय आकर उसे खाती है जिससे उनका पेट भर जाता है।

राहुल की इस अनोखी सोच को आज सभी सलाम करते है।  आज राहुल को ऐसा करते 12 साल गुजर गए है।  मगर उन् होंने गायो के स्वस्थ पर जहरीली प्लास्टिक के कहर से बचाने के लिए एक छोटी सी मुहीम अपने हाथो में ली है, और वो इसी कोशिशको में है की और लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर घर का गिला कचरा इन गायो को डाले ताकि उनका पेट भरे और वो गन्दगी न खाये।

खुशी है मेरे एक कदम से दो गायो का तो पेट भरा

राहुल जांगड़ा (सीआईडी कॉलोनी निवासी, हिसार)
राहुल जांगड़ा (सीआईडी कॉलोनी निवासी, हिसार)

मैंने 12 साल की उम्र से यह करता आ रहा हु।  मुझे लगता है हम गिला कचरा सीधे कचरे की पेटी में डालकर उसे बर्बाद कर देते है , अच्छा यह है की यह खाना गाय खाये और प्लास्टिक और अन्य जानलेवा कचरा खाने से बचे।  मुझे हमेशा ख़ुशी होती है की मेरे एक कदम से कम से कम मैं 2 गायो का पेट भरने में कामयाब रहता हु. इस बात की ख़ुशी के सामने और कुछ नहीं है।  मैं चाहता हु की मेरी तरह बाकी लोग भी ऐसा करे और इन भूखी गायो का पेट भरे

 

 

लोग इस कार्य को एक अभियान की तरह ले 

ललित गाबा (सीआईडी कॉलोनी निवासी, हिसार )
ललित गाबा (सीआईडी कॉलोनी निवासी, हिसार )

प्लास्टिक, गंदगी खाने की वजह से गाय का दूध भी संक्रमित होता है। प्लास्टिक गाय की मौत की मुख्य वजह है। इसलिए मैं चाहता हु की लोग इस कार्य को एक अभियान की तरह ले और घर में खाने का सामना कचरे में फेकने की बजाय गायो को खिलाये।

 

 

पशुओं की जान बचाने की मुहीम में हमारे साथ आये 

रवि जांगड़ा (सीआईडी कॉलोनी निवासी,  हिसार)
रवि जांगड़ा (सीआईडी कॉलोनी निवासी, हिसार)

आज सरकारी आकड़े बताते है की 70 प्रतिशत गाय प्लास्टिक कचरा खाने से मरती है। राहुल की तरह हमने भी अपने घरो से इसकी शुरुवात की है।  और हम लोगो से अपील करेंगे की वह इन आवारा पशुओ की जान बचने की हमारी मुहीम में हमारे साथ आये।

 

जूते-चप्पल निकल रहे

डॉक्टरों के अनुसार गायो के पेट से कचरा, गंदगी, पन्नियों के साथ-साथ जूते-चप्पल भी निकल रहे हैं। अस्पताल में पोस्ट मार्टम के बाद बाकायदा पेट से गाय द्वारा बिना चबाए सीधे चप्पल-जूते निकल रहे है जो वह सीधे निगल जाती है।

दूध भी होता है संक्रमित

प्लास्टिक, गंदगी खाने की वजह से गाय का दूध भी संक्रमित होता है। प्लास्टिक गाय की मौत की मुख्य वजह है। 8 से 10 किलो प्लास्टिक निकल रहा है। इसके लिए समय समय पर कॉलेज भी अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करता है।

 

 

 

 

 

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