हरियाणाहिसार

इंटरलॉक घोटाला: ठेकेदार लगा रहा निगम को चूना

Hisar Today 

इन दिनों राजगढ़ रोड के सड़क के किनारे सौंदर्यकरण का काम चल रहा है। एक महीने से सड़क के दोनों ओर फुटपाथ पर लगी इंटरलॉक टाइलों को उखाड़ा जा रहा है। गौरतलब है की फुटपाथ पर लगाई गयी सभी इंटरलॉक टाइलों को निकालने का ठेका नगर निगम की ओर से ठेकेदार बीएंडआर को दिया गया है, जिसकी यह जिम्मेदारी है की वह पुरानी टाइलें निकालकर उसे अन्य जगहों पर लगाए। परन्तु ठेकेदार ने जिस एजेंसी को यह काम सौपा उसने खुद निगम को ही चूना लगाने की कोशिश की। बीएंडआर ने जिस कंपनी को ठेका दिया था। उस ठेकेदार ने रातों रात इन टाइलों को बेचने का काम शुरू कर दिया। जिसकी सूचना उपायुक्त अशोक कुमार मीणा को जैसे ही मिली उन्होंने इस पर तुरंत कार्यवाई के आदेश निगम को दिए। जिसके बाद निगम अधिकारियों ने बीएंडआर को पत्र लिख धांधली करने वाली एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। अब देखना यह है कि बीएंडआर विभाग के अधिकारी सरेआम धांधली करने वाली एजेंसी के ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई कर कर उसे ब्लैक लिस्ट करते ही चुप्पी साध लेते हैं।

बता दें कि इंटरलॉक टाइलें बेचने का मामला गंभीर है। बीएंडआर ने राजगढ़ रोड के सौंदर्यकरण को लेकर छह करोड़ रुपये का टेंडर लगाया हुआ है। एक एजेंसी को यह टेंडर दिया गया था। उस एजेंसी ने छोटे-छोटे ठेकेदारों को यह टेंडर दे दिया। जो नियमानुसार पूरी तरह से गलत है। हैरानी की बात यह है कि बीएंडआर के अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद उन्होंने इस सबलेट सिस्टम को खत्म करने की कोशिश नहीं की। जिससे सरकार के पैसे से होने वाले क्वालिटी वर्क पर संशय पैदा हो गया है।

यह था मामला

उपायुक्त अशोक कुमार मीणा को छह सितंबर रात सवा आठ बजे राजगढ़ रोड से इंटरलॉकिंग टाइलें ट्रैक्टर ट्रॉली में अवैध रूप से डालकर ले जाने की सूचना मिली थी। उन्होंने फोन पर निगम आयुक्त अशोक बंसल को मामले की जांच करने के आदेश दिए। निगम आयुक्त ने कार्यालय में मौजूद एमई को मौके पर भेजा। एमई ने मौके पर पाया कि कोई ट्रैक्टर ट्रॉली में फुटपाथ से उखाड़ी पुरानी इंटरलॉकिंग टाइलें भर रहा था। एमई ने जब ट्रैक्टर ट्रॉली मालिक से बातचीत की तो खुलासा हुआ कि ठेकेदार छह रुपये प्रति इंटरलॉकिंग टाइल बेच रहा है। जबकि टाइलों का मालिक नगर निगम है। इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट निगम आयुक्त को सौंपी गई। निगम आयुक्त ने बीएंडआर के अधिकारियों को पत्र लिखकर टेंडर लेने वाली एजेंसी पर कार्रवाई करने के आदेश दिए।

नंदीशाला में लगनी थीं टाइलें

निगम अधिकारियों के अनुसार फुटपाथ उखाड़ी जाने वाली टाइलें पहले स्लम एरिया में लगवाई गई है। मौजूदा समय में फुटपाथ की टाइलों को नंदीशाला में लगवाया जाना है। निगम के कर्मचारी इंटरलॉकिंग टाइलों को वहीं लेकर जा रहे थे। घटना के बाद अधिकारियों ने सीएसआइ को आदेश दिए है कि नियमित रूप से ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर टाइलें उठाई जाए। जिससे भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी न हो।

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