हरियाणाहिसार

अवैध होर्डिंग-पोस्टरों से बिगड़ रही शहर की सुंदरता

Archana Tripathi,Hisar Today News

शहर के किसी भी कोने में जाएं ऐसी कोई दिवार नहीं जो अवैध होर्डिंग और पोस्टर से चिपकने से बची हो। इन अवैध होर्डिंग और पोस्टर के माफियाओं ने न सड़कें छोड़ी और न शहर की शान कहे जाने वाले प्रमुख चौकों को। हाल ही में रानी लक्ष्मी बाई चौक, फव्वारा चौक, मटका चौक, कैंप चौक, जिंदल चौक, तलाटी गेट, डाबरा चौक, बस स्टैंड जैसे प्रमुख स्थानों पर यह अवैध होर्डिंग और पोस्टर शहर की शोभा में बदनुमा दाग बन गए। इसमें शामिल लोग होर्डिंग लगाने के लिए सरकारी जगहों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते निगम को हर साल करोड़ों रुपयों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

अवैध होर्डिंग व पोस्टर के खिलाफ नगर निगम ने विशेष अभियान चलाते हुए एक साल में करीब 250 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिसमें प्रमुख तौर पर ‘आम आदमी पार्टी द्वारा अरविन्द केजरीवाल के अवैध पोस्टर लगाए जाने पर ‘आप’ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी थी’ जबकि दूसरी तरफ 15 अगस्त को शहर की शोभा बिगाड़ने वाले असपास फाउंडेशन एवं प्रमुख समाजसेवी के अध्यक्ष अशोक गोयल मंगालीवाला के खिलाफ निगम ने कोई भी कार्रवाई करने की जरूरत नहीं दिखाई गई थी। नगर निगम के अधिकारियों की इस दोहरी भूमिका से यह बात स्पष्ट है की कही न कहीं निगम के अधिकारी दबाव और राजकीय हस्तक्षेप में काम करती है। सरकार ने भले ही अपनी सरकारी साइटों पर अवैध होर्डिंग्स को लेकर सख्त नियम बना लिए हों, लेकिन शहर में अवैध रूप से लगने वाले होर्डिंगों पर नगर निगम नकेल कस पाने में विफल रहा है। इसके पीछे की मुख्य वजह है पुलिस प्रशासन का सहयोग न मिल पाना। मार्च 2017 से शहर थाना प्रभारी को 250 अवैध होर्डिंग और पोस्टर लगाने वालों पर एफआईआर दर्ज करने को कहा गया। लेकिन एक साल पांच महीने गुजर जाने के बावजूद आज तक शहर थाना पुलिस की ओर से एक व्यक्ति पर भी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण जहां नगर निगम प्रशासन के हौसले जवाब दे गए है। वहीं अवैध होर्डिंग लगाने वालो के हौसले बुलंद हो गए हैं।

नगर निगम होर्डिंग इंचार्ज सुभाष चंद्र का कहना था की उन्होंने मार्च 2017 से अगस्त 2018 तक तकरीबन 250 अवैध होर्डिंग और पोस्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मगर सबसे बड़ी मुसीबत है की पुलिस किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं करती। जबकि हिसार सिटी पुलिस ललित कुमार ने कार्रवाई का पूरा भरोसा दिलाते हुए कहा है की वह दोषियों को नहीं छोड़ते और सख्त कार्रवाई करते है।

पुलिस विभाग आज भले ही दावे वादों की बात करें मगर हकीकत तो यह है की अब तक निगम ने पुलिस विभाग द्वारा दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई न होते देख कुल 7 रिमाइंडर नोटिस पुलिस को दिए हैं , मगर फिर भी नतीजा शून्य रहा है। आज पुलिस का उदासीन रवैया परेशानी का विषय बन गया है। नगर निगम क्षेत्र में रेलवे की सीमा और बस स्टैंड परिसर में बड़े स्तर पर होर्डिंग लगाए जा रहे हैं।

रेलवे के अवैध होर्डिंगों को लेकर नगर निगम हाईकोर्ट में भी गया हुआ है। परंतु अभी तक समाधान नहीं हुआ है। इससे बड़ी समस्या यह है कि एक साल से ज्यादा वक्त से पुलिस प्रशासन निगम से लिखित में एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहा है।

सूत्रों के अनुसेार करीब 250 से ज्यादा एफआईआर के आदेशों में राजनेताओं, व्यापारियों, पुलिसकर्मियों आदि के रिश्तेदार शामिल है। जिसके चलते आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है और पुलिस उदासीन बनी हुई है। जागरूक शहरवासी नरेश मेहता ने कहा की इन अवैध पोस्टर और होर्डिंग के कारण शहर गंदा हो गया,राहगीरी की दिवार जिसमें आर्टिस्टों ने पेंटिंग की थी, वह सारी दिवार अशोक मंगालीवाला और आम आदमी पार्टी वालों ने गन्दी कर दी। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close