सिरसाहरियाणा

अधर में लटका नाईवाला चैनल का निर्माण कार्य

Hisar Today

हलका रानियां व इसके साथ लगते इलाका की बंजर भूमि को सिंचित करने के उदे्श्य से निकाली जाने वाली नाईवाला खरीफ चैनल का निर्माण पिछले 4 वर्षों से अधर में लटका होने के कारण किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है वहीं सरकार की योजना को भी पलिता लगाने का काम किया जा रहा है।

इस बारे क्षेत्र के महम्पदपुरिया, कुस्सर, गिंदड़ा, घोड़ांवाली, बालासर, महम्मदपूरिया सहित कई गांवों की हजारों एकड़ बंजर पड़ी भूमि को सिंचित करने के उदे्श्य से सरकार ने इस नहर के निर्माण के लिए 7 करोड़ 50 लाख रुपए की राशि मंजूर की। इस नहर का निर्माण कार्य का टेंडर आईसीआई पटियाला की फर्म को मार्च 2014 में टेंडर दिया गया लेकिन खुदाई व पुलों के निर्माण की धीमी गति होने की वजह से कार्य लम्बे समय से अधर में लटका हुआ है। जिससे क्षेत्र के किसानों की भूमि पर आज तक पानी नहीं पहुंचा है वहीं सरकार की योजना का अमलीजामा पहनाया जाना कोसों दूर है। नहर का निर्माण कार्य बंद होने के कारण गांव महम्दपुरिया के किसान कृष्ण गोदारा, भरत सिंह सहारण, महावीर, सुरेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग ने जिस फर्म को ठेका दिया हुआ है वह फर्म इस काम को कई बार बीच में छोड़ चुकी है।

आरोप है कि नहर का निर्माण पूरा करने की अवधि दो वर्ष था लेकिन इस अवधि से समय ज्यादा बीत जाने के कारण किसानों को मायूसी हाथ लग रही है। इस नहर के निर्माण कार्य में कुसस्र के पास पुल का निर्माण कार्य के साथ नहर के उपर से वाटर क्रॉसिंग का निर्माण कार्य भी किया जाना है लेकिन अभी तक सिर्फ  2 से 3 किलोमीटर के क्षेत्र में ही मिट्टी की खुदाई की गई है और यह कार्य अधर में छोड़ा हुआ है। जिससे किसानों के साथ राहगीरों को भी वहां से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है यहां पर खड्डे खोद कर बीच में ही छोड़ दिया है।

किसानों की शीघ्र निर्माण की मांग

किसानों ने मांग की है कि सरकार इस ओर ध्यान देकर इस नहर का निर्माण शीघ्र पूरा करवाएं ताकि क्षेत्र के किसानों को खेतों में पानी की समस्या से निजात मिल सके। वहीं इस बारे में विभाग के अधीक्षक अभियंता राजेश बिश्नोई का कहना है कि वे इस मामले की जांच करवाकर किसानों की समस्या हो जल्द हल करवाएंगे तथा दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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