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ऐसे घरों में पैसा बरसता है

ये बात तो सब जानते ही होंगे कि प्रेम से संसार को जीता जा सकता है। किसी का दिल भी हम अपने प्यार से ही जीत सकते हैं। कहा जाता है कि जहां प्यार हो वहां कभी किसी चीज़ की कमी नहीं होती। फिर वो चाहे पैसा ही क्यों न हो। हम अपने जीवन में पैसों से सब कुछ खरीद सकते हैं लेकिन प्यार ही एक ऐसी चीज़ है जिसे पैसों से नहीं खरीदा जा सकता। अगर घर के सभी लोगों के बीच प्यार की भावना हो तो जीवन खुशनुमा बीतता है। कहते हैं कि जहां प्यार हो वहां सफलता और पैसा खुद-ब-खुद चले आते हैं। तो चलिए जानते हैं ऐसी ही एक पौराणिक कथा के बारे में-
एक बार देवकी की चौखट पर तीन संत खड़े थे। उन्हें देखकर देवकी से रहा न गया और उनसे कहने लगी कि अंदर आकर भोजन करिए। एक संत ने पूछा, ‘क्या आपके पति घर पर हैं?’
देवकी बोली, ‘नहीं, वे अभी बाहर गए हैं।’

इस बात को सुनकर संत बोले कि, ‘हम तभी भीतर आएंगे जब वे घर में होंगे।’ शाम को जब देवकी के पति आए तो उन्हें मामला पता चला। पति बोले संतों को सम्मानपूर्वक घर के अंदर ले आओ। देवकी बाहर गई और तीनों संतों को आने के लिए कहा। तब संत बोले, ‘हम किसी भी घर में एक साथ नहीं जाते।’ देवकी ने इसका कारण उनसे पूछा तो उनमें से एक संत ने कहा कि, ‘मेरा नाम धन है और इन दोनों के नाम सफलता और प्रेम हैं। हममें से कोई एक ही भीतर आ सकता है। आप तय करें कि भीतर किसे बुलाना करना है।’ देवकी ने पति को बताया तो वह प्रसन्न होकर बोला, ‘हमें धन को आमंत्रित करना चाहिए।’ देवकी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें सफलता को बुलाना चाहिए।’ उनकी बेटी यह सब सुन रही थी। वह उनके पास आई और बोली, ‘हमें प्रेम को आमंत्रित करना चाहिए। प्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं है।’

माता-पिता ने उसकी बात मान ली। देवकी घर के बाहर गई और उसने संतों से कहा, ‘आप में से जिनका नाम प्रेम है वे कृपया अंदर आकर भोजन ग्रहण करें।’ प्रेम घर की ओर बढ़ चले। बाकी के दो संत भी उनके पीछे चलने लगे। देवकी ने हैरान होकर उन दोनों से पूछा, ‘मैंने तो सिर्फ प्रेम को आमंत्रित किया था?’तभी एक संत ने कहा, ‘यदि आपने धन और सफलता में से किसी एक को बुलाया होता तो केवल वही भीतर जाता। आपने प्रेम को आमंत्रित किया है। प्रेम कभी अकेला नहीं जाता, धन और सफलता उसके पीछे-पीछे जाते हैं।

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