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फिल्म इंडस्ट्री को क्यों रास नहीं आते ‘बेबाक बोल’

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बॉलीवुड में शायद ही कोई कलाकार एक-दूसरे पर हमला करते दिखते हैं। यहां हर कलाकार एक-दूसरे की प्रशंसा करता नजर आता है। जिसने इस पंरपरा को तोड़ा है उसके करियर में ग्रहण-सा लग गया। कंगना रनौत ने मशहूर फिल्मकार करन जौहर पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया तो इस पर बहस लंबी खींच गई और इस मामले में कंगना अलग-थलग सी पड़ती हुई नज़र आने लगीं। पिछले साल कंगना की फिल्म सिमरन आई थी, लेकिन परदे पर बहुत दिनों तक टिक नहीं पाई। इस विवाद के कारण कंगना के भविष्य को लेकर बातें होने लगीं। फिलहाल कंगना के पास ‘मणिकर्णिका’ फिल्म है। हालांकि लोगों की आशंका अब भी बनी हुई है कि अगर यह फ़िल्म सफल हो भी गई तो क्या कंगना से जुड़े विवाद खत्म हो जाएंगे। ‘फिल्म इंडस्ट्री, जहाँ लोग बड़े दिग्गज़ों के बारे में बुरा कहने से कतराते है। वहीं कुछ ऐसे किस्से हुए हैं जब किसी सिलेब्रिटी ने किसी बड़े दिग्गज़ के बारे में कुछ कहा हो और उनके फ़िल्मी करियर पर उसका बुरा प्रभाव न पड़ा हो।

विवेक और सलमान

सबसे मशूर किस्सा विवेक ओबेरॉय का है. साल 2002 में विवेक ओबेरॉय ने अपने फिल्म करियर की शुरुआत राम गोपाल वर्मा की फिल्म कंपनी से की। उसी साल उनकी यश चोपड़ा के बैनर तले बनी फ़िल्म साथिया भी रिलीज़ हुई। विवेक को फ़िल्म इंडस्ट्री के आने वाले दौर का चमकता सितारा माना जाने लगा। लेकिन साल 2003 में विवेक ओबेरॉय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने सलमान द्वारा 41 बार फोन कॉल करने की बात कही जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। ये प्रेस कॉन्फ्रेंस उनके करियर के लिए बहुत ही महंगी साबित हुई। फ़राह खान के शो में विवेक ने माना की उस प्रेस कांफ्रेंस का असर उनके करियर पर पड़ा और फ़िल्म इंडस्ट्री के लोगों ने विवेक से दूरी बना ली।

ममता कुलकर्णी और राजकुमार संतोषी

90 के दशक की बोल्ड अभिनेत्री मानी जाने वाली मामता कुलकर्णी ने फ़िल्म चाइना गेट के निर्देशक राजकुमार संतोषी पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। कथित तौर पर इस फ़िल्म में ममता का रोल था और उसमें उन्हें छम्मा-छम्मा गाना भी करना था, पर निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ कुछ अनबन हो गई और ममता को फ़िल्म से ‘निकल दिया गया’। कहा जाता है कि इसके बाद अंडरवर्ल्ड के दबाव के चलते ममता को फिल्म में दोबारा लिया गया। फिल्म रिलीज़ हुई और फ्लॉप हो गई। फिल्म रिलीज के बाद ममता ने निर्देशक राजकुमार संतोषी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया जिसके बाद फिल्म इंडस्ट्री ने उनसे दूरी बनाई और उन्हें काम मिलना बंद हो गया।

वरिष्ठ पत्रकार और फ़िल्म क्रिटिक अजय ब्रह्मात्मज का कहना है की जिसका स्टारडम फिल्म इंडस्ट्री में कमज़ोर होता है उसका नुकसान होता है। जैसे सलमान खान का बहुत बड़ा स्टारडम है, वहीं विवेक ओबेरॉय का कमज़ोर था, इसलिए उन्हें नुकसान झेलना पड़ा। साल 2001 में आई निर्देशक अब्बास मस्तान की फ़िल्म अजनबी जिसमें अक्षय कुमार, बॉबी देओल, करीना कपूर और बिपाशा बासु नज़र आए थे। बिपाशा बासु की ये पहली फ़िल्म थी जिससे वो अपने फ़िल्मी करियर का आगाज़ कर रही थीं। कथित तौर पर फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों अभिनेत्रियों में कपड़ों को लेकर कहा-सुनी हो गई थी। अजय ब्रह्मात्मज ने बताया की कुछ समय के लिए बिपाशा बासु के करियर में इस हादसे का असर रहा था।

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