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कांग्रेस का यह कैसा विरोध!

संपादकीय : महेश मेहता

हिसार टुडे

आर्टिकल 370 को लेकर आज भाजपा नेता और कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि पूरा देश इस फैसले के साथ खड़ा होकर अपना समर्थन जता रहा है और देश प्रेम के जज्बे को बाहर निकाल रहा है। मगर अफसोस आज आर्टिकल 370 को लेकर कांग्रेस पार्टी हाई कमान और हरियाणा कांग्रेस के नेताओं में ही कंफ्यूजन का दौर चालू है। कांग्रेस के मुखिया राहुल गाँधी आर्टिकल 370 का विरोध करते दिखाई दे रहे हैं मगर हरियाणा कांग्रेस के सो कॉल्ड नेता, हरियाणा में मुख्यमंत्री पद के दावेदार लोगों में लगता है अभी भी दुविधा में है कि किसका साथ लें और किसका साथ न लें। यानी क्या वो पार्टी प्रमुख के विचारों के अनुसरण करते हुए इसका विरोध करें या अपनी खुद की व्यक्तिगत राय रखें। आज शायद आपको यह जानकार हैरानी होगी कि हरियाणा कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी के विचारों से अलग-अलग रास्ते पर चल रहे हैं। वैसे सबसे पहले आपको बताना चाहूंगा कि आखिर राहुल इस मुद्दे पर क्या विचार रखते हैं। राहुल ने अपने ट्वीटर अकाउंट में लिखा है कि “राष्ट्रीय एकीकरण एकतरफा रूप से जम्मू और कश्मीर को तोड़कर, चुने हुए प्रतिनिधियों को कैद करके और हमारे संविधान का उल्लंघन करके आगे नहीं बढ़ा जा सकता।

यह राष्ट्र अपने लोगों द्वारा बनाया गया है, न कि भूमि के भूखंडों द्वारा।” यानी उन्होंने सीधे-सीधे सरकार के आर्टिकल 370 का उल्लंघन किया है। मगर राहुल गाँधी के इस स्टैंड को लेकर उनके खासमखास अशोक तंवर कंफ्यूज हैं शायद। खुद ट्वीटर और फेसबुक में छाए रहने वाले अशोक तंवर ने आर्टिकल 370 पर चुप्पी साधकर राहुल गाँधी का ट्वीट रीट्वीट कर फॉर्मेलिटी पूरा करना उचित समझा। बात करें राहुल गाँधी के राइट हैंड रणदीप सुरजेवाला की तो उन्होंने भी अशोक तंवर की तरह स्टैंड लेकर राहुल गाँधी का ट्वीट रीट्वीट किया। वही 2 बार मुख्यमंत्री रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तो वो अभी फिलहाल कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बदलने के लिए लिए इतने व्यस्त हैं कि वह पार्टी के साथ ही आर-पार के मूड में इतने व्यस्त हैं कि उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी कोई राय नहीं रखी। न वो राहुल गाँधी के पक्ष में दिखे और न ही उन्होंने अपने ही विचार रखे, मगर उनके विचारों की झलक उनके बेटे रोहतक से पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा के बयानों से साफ नजर आयी।

उन्होंने साफ-साफ लब्जों में कहा कि “मेरा पहले से ये विचार रहा है कि 21वीं सदी मे अनुच्छेद 370 का औचित्य नही है और इसको हटना चाहिये। ऐसा देश की अखण्डता व जम्मू-कश्मीर की जनता जो हमारे देश का अभिन्न अंग है के हित मे भी है।” यानी सीधे तौर पर अपने पार्टी के नेता राहुल गाँधी से बिलकुल अलग स्टैंड सिर्फ दीपेंद्र हुड्डा ही नहीं बल्कि कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई ने भी भाजपा के फैसले का समर्थन करते हुए अपने ट्वीटर अकाउंट में लिखा “जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाना देशहित में अच्छा निर्णय है। जब यह अनुच्छेद लागू किया गया था तो नेहरू जी ने भी इसे अस्थायी बताया था। मेरा निजी मत है कि यह कदम स्वागत योग्य है। यह संशोधन तभी सफल हो पाएगा जब हम कश्मीरियों को भी यह विश्वास दिला पाएं कि वे अखंड भारत का हिस्सा हैं।” दीपेंद्र हुड्डा और कुलदीप का स्टैंड जहा अमित शाह द्वारा पेश आर्टिकल 370 के पक्ष में दिखाई दिया तो वहीं अब हम बात करेंगे कांग्रेस की महिला नेताओं की।

कुमारी शैलजा ने अपने सोशल मीडिया में इस मुद्दे पर पार्टी के स्टैंड के न समर्थन में दिखाई दी न विरोध में उन्होंने तो कोई प्रतिक्रिया सोशल मीडिया में व्यक्त नहीं की। वही हाल किरण चौधरी का भी था। किरण चौधरी सोशल मीडिया में अपने द्वार विधानसभा में उठाये गए मुद्दे पर वीडियो शेयर करते दिखाई दी, मगर सोशल मीडिया में उन्होंने आर्टिकल 370 के विषय में खामोश रहना ही उचित समझा। यह देखकर आप खुद समझ सकते है राहुल गाँधी के विचारों से कितना इत्तेफाक रखती है। समर्थक अपने पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी के खिलाफ धरने में बैठ गए है। यह समर्थक पूछ रहे है कि “हम सच्चे कांग्रेसी हैं मगर हम राहुल गांधी से पूछना चाहते हैं कि वो अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध क्यों कर रहे हैं।”

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