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ताऊ देवीलाल की तरह यह क्या कर रहे है दुष्यंत

संपादकीय:महेश मेहता

हिसार टुडे

आज दुष्यंत की बात करने से पहले ताऊ देवीलाल का वो वाक्या याद दिलाना चाहूंगा जब ताऊ देवीलाल अग्रोहा से गाड़ी में आ रहे थे। उन्होंने देखा कि अग्रोहा मोड़ पर एक युवक जिसका नाम मांगे राम भाकर था, बस की इंतजार में खड़ा हुआ था। तभी उसके पास देवीलाल की गाड़ी आकर रुकी और उन्होंने कहा-छोरे कड़ै जावैगा…! वह युवक चौ. देवीलाल को अपने सामने देखकर सकपका गया और उसने कहा मैं तो अपने गांव कुलहेड़ी जाऊंगा। तब ताऊ देवीलाल ने उससे कहा- आज्या गाड़ी मैं बैठ ज्या। मैंने थारे गाम में गए होए बहौत दिन हो लिए…। हालांकि उसी दिन ताऊ देवीलाल की तबीयत ठीक नहीं थी, बावजूद उसके मांगे राम को उनके गांव में छोड़कर गांव के किसानों तथा गरीबों का हाल-चाल पूछकर और मांगे राम को कुछ पुस्तकें भेंट कर चौ. देवीलाल वापस अपने गंतव्य की ओर चल दिए…। आज उसी राह में दुष्यंत चौटाला चल पड़े हैं। ताऊ देवीलाल की तर्ज़ पर गांवों और किसानों की ओर दुष्यंत ने हाथ बढ़ाया है और वह उनसे लोकराज मांगेंगे।

इस बार दुष्यंत का देसी ठेठ अंदाज नजर आएगा, संसद में दहाड़ने वाले दुष्यंत अब गांव-गांव जाकर जागरण करेंगे। यानी गांवो में ठहरेंगे, नाश्ता से लेकर रात का भोजन और ठहराव भी गांव में होगा। क्यूंकि दुष्यंत भी जानते हंै कि जननायक जनता पार्टी की असली ताकत हरियाणा के गांव में रहने वाला हर बुजुर्ग, हर जनता और हर युवा है जिसने जननायक जनता पार्टी का साथ नहीं छोड़ा।

वैसे जहां भाजपा इसे चुनाव के पहले प्रचार का जरिया मान रही है तो वहीं ठीक दूसरी तरफ दुष्यंत के इस अभियान अर्थात “दुष्यंत चले गांव चौपाल” का नाम लेते ताऊ देवीलाल की ही छवि सामने आने लगती है। वैसे जानकार भी मानते हैं कि दुष्यंत में ताऊ देवीलाल की छवि दिखती है। खैर बात करें अगर चुनाव की तो यह तो मान के चलो की आगामी विधानसभा चुनाव विपक्ष के लिए भाजपा से लड़ना मुश्किल साबित होने वाला है। यही कारण है कि इन दिनों सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने तरीके से चुनावी मोड़ में आ चुकी है।

एक तरफ जहां कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का बिगुल बजा रहा है तो वहीं दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी की टीम ने पहले ही हमला बोल दिया है। सरकार के खिलाफ जेजेपी जबरदस्त आंदोलन कर रही है। एक से बढ़कर एक राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के पैनल और संगठन को मजबूत करने की दिशा में नियमबद्ध तरीके से नियुक्ति और पदों का आवंटन इस बात का सबूत है कि जजपा पूरी तैयारी के साथ इस बार भाजपा का सामना करने के लिए तैयार है।

वैसे इसी तैयारियों के मद्देनजर दुष्यंत ने तय किया है कि वे 24 जुलाई से राज्य के विभिन्न हिस्सों के गांवों में जाकर लोगों से सीधे मिलेंगे और उन्हीं के हिसाब से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति तय करेंगे। दुष्यंत चौटाला हर रोज दो विधानसभा क्षेत्रों के 8 गांवों में जाकर किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों से मिलेंगे। वे सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना भी अलग-अलग गांवों में करेंगे और रात्रि ठहराव भी गांव मे ही होगा।

वैसे दुष्यंत चौटाला भी यह चाहते हैं कि गांवों में रहने वाले सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों से भी विशेष बैठकें करके प्रदेश में सुधार के लिए उनकी राय जानेंगे। किसान, छोटे व्यवसायी, मजदूर वर्ग के साथ उनकी मुलाकातें इस अभियान का मुख्य हिस्सा रहेंगी। जन जागरण अभियान में कहीं भी जनसभाएं या रैलियां नहीं होंगी और इस दौरान आम लोगों से सीधे संवाद पर जोर रहेगा। दुष्यंत चौटाला का कहना है कि मौजूदा सरकार में गांवों ने खुद को अनदेखा महसूस किया है और वहां रहने वाले हर वर्ग पर सरकार की गलत नीतियों का दुष्प्रभाव पड़ा है। उनका कहना है कि गांवों में जाने वाली सड़कों, वहां बिजली-पेयजल के हालात, जोहड़ का रखरखाव, खेल स्टेडियम, सरकारी स्कूल में अध्यापक और सुविधाएं, पंचायती राज के जरिये विकास कार्य, सफाई, स्वास्थ्य, रोडवेज की सुविधा जैसे तमाम विषयों पर चर्चा की जाएगी और सरकार तक गांव की आवाज पहुंचाई जाएगी। खैर देखते हैं कि उनकी इस कोशिश का उन्हें कितना फायदा मिलता है।

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