संपादकीय

पाकिस्तान को भीख मांगने की आई नौबत

संपादकीय

हिसार टुडे।  क्या पाकिस्तान के वजीरे आजम आज जो कदम उठा रहे हैं वह क्या मोदी से प्रभावित हैं? क्योंकि उनके द्वारा उठाये गए कदम से तो यही लगता है। क्योंकि याद है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में काला धन रखने वालो पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए उन्होंने सभी बेनामी सम्पति और बेनामी अकाउंट चलाने वालो के खिलाफ कठोर कार्यवाई कर देश में काला धन के खिलाफ कदम उठाया था, ठीक दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी हाला में अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में सभी पाकिस्तानी नागरिकों से आग्रह किया कि पाकिस्तान को पटरी पर लाने और गरीबों की जिंदगी में सुधार लाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

इमरान खान ने सभी पाकिस्तानियों से कहा कि 30 जून तक अपनी संपत्ति की घोषणा कर दें ताकि वैध और बेनामी संपत्ति का फर्क पता चल सके। प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि 30 जून तक अपनी बेनामी संपत्ति, बेनामी बैंक अकाउंट, विदेशों में रखे पैसे को सार्वजनिक कर दें, क्योंकि 30 जून के बाद यह मौका नहीं मिलने जा रहा। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘’पिछले 10 साल में पाकिस्तान का कर्ज छह हजार अरब से 30 हजार अरब रुपए तक पहुंच गया है। जो हम चार हजार अरब रुपए का सालाना टैक्स इकट्ठा करते हैं उसकी आधी रकम कर्जों की किस्तें अदा करने में जाती हैं। बाकी का पैसा जो बचता है उससे मुल्क का खर्च नहीं चल सकता है।

खैर अगर बात करे पाकिस्तानी की तो वह दुनिया भर में सबसे कम टैक्स अदा करते हैं लेकिन उन चंद मुल्कों में से है जहां सबसे ज्यादा खैरात का बोझ है। यानी कर्ज का बोझ। सभी मानते है पाकिस्तान ने जो बीज बोया था आज उसका भुगतान कर रहा है। चीन ने उनको कर्जदार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इतना ही नहीं उनके खुद के मुल्क में पनप रहे आतंकवाद की भी मदद नहीं कर रहा। आज नौबत यहां तक आ चुकी है कि पाकिस्तान को अपने ही देश से भीख मांगने की नौबत आ गयी है।

जिस चीन के कंधे पर पैर रखकर पाकिस्तान उछलता रहता था आज उसी चीन ने पाकिस्तान को कर्ज पर कर्ज देकर अंदर से खोखला कर दिया। आज नौबत यहां तक आ चुकी है कि पाकिस्तानी पीएम इमरान खान को खुदा का वास्ता देने की नौबत आ गयी है। वो कहते हैं कि अल्ला कुरान कहता है कि हम किसी कौम की हालत नहीं बदलते जब तक कि वो कौम खुद अपनी हालत नहीं बदलने को तैयार न हो। उन्होंने तो अपनी अवाम को यह तक धमकी दे डाली है कि जनता 30 जून तक अपनी बेनामी संपत्ति सार्वजनिक कर दें। वरना उनके सरकार के पास वो सूचना है जो पहले किसी भी सरकार के पास नहीं थी।

विदेशों में पाकिस्तानियों की संपत्ति और बैंक अकाउंट की सूचना भी उनके पास है।’’ अब बताओ पाकिस्तान की जनता का अब क्या होगा? इमरान खान ने कहा, ‘’हमारी एजेंसियां लगातार इस पर काम कर रही हैं और उनके पास पूरी सूचना है। किसके पास कितनी बेनामी संपत्ति है मुझे सब पता है। आपके पास 30 जून तक का वक्त है और इसका फायदा उठा लें।’’ यानी जनता के अकाउंट पर सीधे नजर।

विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान खान पर आईएमएफ का दबाव है कि वो टैक्स कलेक्शन बढ़ाए और उसी के तहत इमरान खान ने अपने नागरिकों को 30 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। पाकिस्तान आईएमएफ से छह अरब डॉलर का कर्ज ले रहा है और इस कर्ज के एवज में इमरान खान की सरकार ने वादा किया है कि वो देश की आर्थिक नीतियां उसकी शर्तों के हिसाब से आगे बढ़ाएंगे। पाकिस्तान पर दबाव है कि अगले 12 महीने में 700 अरब रुपए के फंड की व्यवस्था करे।

आईएमएफ ने पाकिस्तान को खर्चों में कटौती और टैक्सों में बढ़ोतरी के लिए निर्देश दिए हैं। पाकिस्तान का बजट इस मामले में ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि इससे उसके भविष्य की राह तय होगी। आर्थिक संकट के साथ पाकिस्तान में अमीरों और गरीबों के बीच की खाई भी बेतहाशा बढ़ी है। ताजुब की बात तो यह है कि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार कम हो रहा है। हाल ही में भारत में लोकसभा चुनाव में करीब सात अरब डॉलर खर्च हुए थे जबकि पाकिस्तान के पास इतना ही पैसा खुद उनके विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। निर्यात न के बराबर, महंगाई आसमान छू रही है, राजस्व घाटा बढ़ रहा है। आपको शायद पता हो कि आईएमएफ से पाकिस्तान का यह 22वां कर्ज है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close