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“घोड़े और सेनापति बदलने से कुछ नहीं होता” 

संपादकीय महेश मेहता

हिसार टुडे

हरियाणा के चौथे लाल अर्थात मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर अब पहले के तीन ‘लालों’ के गढ़ भेदने की जुगत में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा मानो रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड कायम करने में लगी हुयी है। हाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की रथ यात्रा तेज गति से अपने रथ के काफिले को लिए जहां पंहुचा, वहां की आबो-हवा यह बयां करने के लिए काफी थी कि ऊंट किस करवट बैठता है। जानकार शायद ताजुब हो मगर टॉप गियर में चलकर मुख्यमंत्री का यह रथ इनेलो के गढ़ पंहुचा। मगर ताज्जुब तो तब होता है जब यह दिखे कि इनेलो का गढ़ ही भगवा रंग में रंग गया है। दरहसल गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल का रथ कैथल, हिसार, जींद व फतेहाबाद के आधा दर्जन विधानसभा क्षेत्रों में सभी लालों के गढ़ से होता हुआ जिला जींद के जींद व नरवाना, कैथल के कलायत, हिसार के उकलाना मंडी, फतेहाबाद के टोहाना, रतिया व फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र में होकर गुजरा। यहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जनता से सीधा संवाद किया।

18 अगस्त को कालका से शुरू की गई उनकी ‘जन-आशीर्वाद यात्रा’ अब अपने आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। इस दौरान वे पूर्व मुख्यमंत्री स्व. चौ़ बंसीलाल और चौ़. भजनलाल का गढ़ कहे जाने वाले भिवानी और हिसार को भगवामय करते हुए उनका रथ पूर्व डिप्टी पीएम स्व. चौ.़ देवीलाल के ‘घर’ यानी सिरसा-फतेहाबाद पहुंचा। इनेलो के गढ़ सिरसा में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस में हुए नेतृत्व परिवर्तन और इनेलो व जजपा के बीच सुलह की कोशिशों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि युद्ध में घोड़े और सेनापति बदलने से कुछ नहीं होता है। युद्ध में जीत उसकी होती है, जिसकी नीति व नीयत ठीक होती है। इस लोकतंत्र के महासंग्राम में प्रदेश की जनता ने भाजपा को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने का मन पहले ही बना लिया है।

यानी सीधे-सीधे घर में आकर चुनौती। यह तो होना ही था क्योंकि भाजपा भी जानती है कि अगर यह दोनों परिवार फिर से एकजुट हुए तो इसका खामियाजा कहीं न कहीं भाजपा को होगा और मिशन 75 में कहीं न कहीं मुसीबत हो सकती है। यही कारण है की मनोहर लाल ने लगे हाथ दुष्यंत-अजय और अभय को एक साथ घेरने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने एक बात जरूर कही जिससे यह अंदाजा लगाना कोई मुश्किल नहीं कि वह क्या चाहते हैं और क्यों? उन्होंने लोगों से कहा कि उनकी सरकार ने पूरे प्रदेश में समान रूप से विकास कार्य कराया है। सिरसा जिले में भाजपा का एक भी विधायक नहीं है। लेकिन सिरसा जिले के विकास में कभी भी धन की कमी नहीं आने दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का नारा है, सबका साथ-सबका विकास। हम इस नारे को मूर्त रूप देने में लगे हुए हैं। यानी एक तीर से दो निशाने। न केवल यह बताना कि यहां से एक भी विधायक न होने के बावजूद भी उन्होंने यहां विकास करवाया बल्कि यह भी चाह था कि अगर यहां से उनकी पार्टी का विधायक रहा तो सोने से सुहागे से कम नहीं होगा। बता दें कि जींद के नरवाना से इनेलो पार्टी से पृथ्वी सिंह विधायक थे जोकि इनेलो छोड़कर जजपा में शामिल हो गए थे। कलायत से पूर्व लोकदलीय आजाद विधायक जयप्रकाश हैं। फतेहाबाद से इनेलो के विधायक रहे बलवान सिंह दौलतपुरिया पहले ही भगवां चोला पहन चुके हैं। टोहाना से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला विधायक हैं। रतिया से इनेलो के रविंद्र बलियाला भी भगवा रंग में रंग चुके हैं। वहीं हिसार के उकलाना से इनेलो के अनूप धानक विधायक थे, जो जजपा के खेमें में चले गए हैं। अनूप धानक ने इनेलो व विधायक पद दोनों से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों का सारा कार्य इनेलो गढ़ तोड़ने के नाम रहा।

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