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मनोहर बनाम हुड्डा की जंग !

संपादकीय महेश मेहता

हिसार टुडे

हाल में हरियाणा में बड़ी बखूबी से भाजपा की मनोहर सरकार प्रदेश की जनता का विश्वास लगातार जीतते हुए जनआशीर्वाद रथ यात्रा के माध्यम से प्रदेश में भाजपा की लहर का अंदाजा लगाने में जुटी है। प्रदेश की जनता और कार्यकर्ताओं की ताकत को नापने और विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा के कार्यकर्ताओं में जोश का संचार भरने के लिए मनोहर लाल खट्टर प्रदेश को नाप रहे हैं। इस जनआशीर्वाद रैली में जहां रिकॉर्ड तोड़ कार्यकर्ताओं के हुजूम ने जनआशीर्वाद यात्रा को सफलता की ऊंचाई में पंहुचा दिया तो वहीं हरियाणा के सभी लाल के गढ़ में भी कमल के फूल की खुशबु से इलाके को महका दिया। मनोहर की यह रथ यात्रा कई ऐतिहासिक कार्यों की गवाह बनी तो वहीं मनोहर लाल खट्टर को विभिन्न प्रकार के विरोध प्रदर्शन का सामना भी करना पड़ा।

मगर इस यात्रा के समापन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोहतक आना इस बात का संकेत है कि भाजपा रणनीति और नीतिगत तरीके से आगे बढ़ रही है। वहीं रोहतक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आना इस बात का संकेत था कि जाट हॉट लैंड के नाम से मशहूर रोहतक और सोनीपत पर सीधा निशाना। आखिर जब भी रोहतक की बात आये तो नाम सामने आता है हुड्डा का। दरहसल अगर देखा जाए तो भाजपा भले ही यह कहे कि उनकी टक्कर किसी से नहीं मगर आंकड़े बताते हैं कि हिसार सीट को छोड़कर बाकि सभी 9 लोकसभा सीट में भाजपा को चुनौती अगर किसी ने दी थी तो वह थी कांग्रेस।

कांग्रेस के प्रत्याशी भले ही काफी वोटों से भाजपा से मात खाये हों, मगर यह बात भूल नहीं सकते कि उस समय पुलवामा हमले के बाद से देश ओतप्रोत था और पीएम नरेंद्र मोदी ने जो सर्जिकल स्ट्राइक किया था उसी का नतीजा था कि सैनिकों के बलिदान की भूमि हरियाणा ने भाजपा पर अपना विश्वास जताया और केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार को लाया। मगर जब बात आये हरियाणा विधानसभा चुनाव की तो जाहिर सी बात है कि चुनाव का चेहरा मनोहर लाल और कांग्रेस की तरफ से भूपेंद्र हुड्डा हो सकते हैं। हुड्डा का नाम इसलिए लिए जा रहा है क्योंकि खुद गुलाम नबी आजाद ने इस बात के संकेत दे दिए है। उसके बाद यह कहना गलत नहीं होगा की अगला चुनाव मनोहर और हुड्डा के बीच होगा। जनता इन दोनों में किसे अपना अगला मुख्यमंत्री का चेहरा देखना पसंद करती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। मगर एक बात जरूर है कि विधानसभा चुनाव में टक्कर जबरदस्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। यही कारण है कि भाजपा का विशेष फोकस रोहतक और सोनीपत के हुड्डा के गढ़ के आसपास ज्यादा है।

खुद दीपेंद्र को भी मौका मिल गया भाजपा पर प्रहार का, वह कहने लगे है कि लोकसभा में हम हार गए मगर बावजूद भाजपा को डर सता रहा है भूपेंदर सिंह हुड्डा से, इसलिए भाजपा ने तीन महीने में 3 बार यहां सभा आयोजित की। जो इस बात का संकेत है कि भाजपा को अब भी अपने हार का डर सता रहा है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव हुड्डा बनाम मनोहर लाल के बीच होगा। जाहिर है हरियाणा में 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे हुड्डा की लोकप्रियता से पीएम से लेकर सीएम घबरा गए हैं।

बता दें कि प्रदेश से भाजपा को सत्ता से उखाड फेंकने के लिए हुड्डा प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाएंगे, साथ ही प्रदेश का भाईचारा खराब करने के लिए खट्टर सरकार को घेरेंगे। नौकरी के मुद्दे के साथ किसानो के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे। जवाब में सरकार जुबानी बात नहीं आंकड़ों के साथ जनता के सामने अपना हिसाब किताब लेकर सामने आएंगे। जहां वो महिला सुरक्षा की बात करेंगे, विकास का आंकड़े , इज ऑफ डूइंग बिजनेस के आंकड़े रखेंगे, किसानों को दी गयी राशि सामने रखेंगे और रोजगार के आंकड़े रखकर भाजपा का चेहरा दिखाने की कोशिश करेंगे। अब देखना यही है जनता को किनकी बात पर होता है भरोसा।

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