संपादकीयहिसार

कुलदीप बिश्नोई का संपत सिंह से होगा आमना-सामना

संपादकीय महेश मेहता

हिसार टुडे

जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है बेहतर है और जो होगा वो बेहतरीन होगा। यह दिल का हाल हमारा नहीं हमारे नेताजी का है। अब आप पूछोगे कौन है वो? तो आपकी जानकारी के लिए बता दंू कि यह कांग्रेस के वही नेता है जिनकी टिकट कटी तो महाशय बेचैन और चिंतित होकर पार्टी छोड़ बैठे। यहां बात हो रही है कांग्रेस के दिग्गज नेता और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेहद खास सम्पत सिंह की। सम्पत सिंह के मामले में कहा जाता है कि वह नलवा से टिकट लड़ना चाहते थे, मगर कांग्रेस में चल रहे घमासान के बाद कांग्रेस के नेताओं को अपने मनपसंद उम्मीदवार को दावेदारी देने के लिए मौका देने में संपत का नाम कहीं कट गया।

सम्पत ने अपनी नाराजगी जताते हुए कई बार पार्टी के दिग्गज नेताओं को संकेत देने की कोशिश की थी, मगर बावजूद इसके फिर भी जब कोई बात नहीं बनी तो उन्होंने अपने बागी तेवर भी दिखाने शुरू कर दिए थे। मगर फिर भी बात नहीं बनी तो उनके पास एक ही रास्ता था “इस्तीफा।”  तभी तो उनके दिल से यही आवाज आयी “जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है बेहतर है और जो होगा वो बेहतरीन होगा।” सम्पत ने काफी अटकलों के बाद जब थक हार के कोई रास्ता नहीं बचा तो उनके पास आखिरी रास्ता बचा “इस्तीफा।” आज संपत सिंह खुलेआम यह कहने से नहीं चूके कि उनकी टिकट अगर किसी ने कटवाई तो वो थे स्वर्गीय भजनलाल के बेटे और आदमपुर के विधायक “कुलदीप बिश्नोई।” यही कारण है कि अब लगता है संपत अपने धुरविरोधी कुलदीप बिश्नोई से इस चुनाव में बदला लेंगे। अब कुलदीप का आदमपुर में सामना सिर्फ सोनाली फोगाट से नहीं बल्कि सोनाली के साथ संपत सिंह से भी है।

कांग्रेस से बंधनमुक्त होते ही संपत सिंह ने कांग्रेस पर जोरदार निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस तो सरेंडर हो चुकी है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा को 51, कुमारी शैलजा को 15, अशोक तंवर को 6, रणदीप सुरजेवाला को 5, किरण चौधरी 3, अजय सिंह को 4, सावित्री जिंदल को 1 और कुलदीप बिश्नोई को 5 टिकट बांटी गयी और उन्ही के कहने में प्रत्याशियों का चुनाव हुआ। यह एक ऐसा आरोप है जो संपत के साथ कुछ दिन पहले डॉ अशोक तंवर ने भी लगाई थी।

संपत सिंह की जब टिकट कटने के कयास लगाए जा रहे थे तब सम्पत सिंह ने कहा भी था कि कुलदीप बिश्नोई को अपने समर्थक रणधीर पनिहार की इतनी ही चिंता है तो पनिहार के लिए आदमपुर हल्का छोड़ दे। खैर कुलदीप ने न आदमपुर छोड़ा और न ही रणधीर पनिहार ने नलवा, मगर हां संपत ने कांग्रेस पार्टी जरूर छोड़ दी। जिसके चलते अब देखने योग्य बात यह होगी कि संपत सिंह कुलदीप और रणधीर पनिहार के सामने कितनी मजबूत चुनौती प्रस्तुत करते हैं।

संपत किसी पार्टी के प्रत्याशी तो नहीं, मगर भाजपा के लिए मददगार जरूर साबित होंगे। उनमें वो दम और वो ताकत है कि वो कुलदीप का आदमपुर में और रणधीर पनिहार का नलवा में गणित जरूर बिगाड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अगर ऐसा होता है तो कुलदीप की टीम भी चुप कहां बैठेगी।  क्योंकि यह सभी जानते हैं कि आदमपुर का गढ़ इस बार बिश्नोई परिवार टूटने नहीं देगा और कुलदीप बिश्नोई के साथ भव्य बिश्नोई की आपार मेहनत इस बात को साबित कर रही है। भव्य बिश्नोई खुद रणधीर पनिहार के प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोकने का काम कर रहे हैं। भव्य बिश्नोई एक शिक्षित नेता है और उन्हें पता है कि जनता का मिजाज बदल चुका है और राजनीति बदलती जा रही है और यही कारण है कि वो अपने खास कौशल से संपत सिंह का भी सामना करने के लिए तैयार बैठे हैं। इसलिए नलवा में भव्य का मोर्चा संभालना और आदमपुर में पिता की मदद करना इस बात का सबूत है कि संपत सिंह कोई खास डैमेज न कर पाए इसलिए वह भी अपनी रणनीति के तहत काम कर रहे हैं।

मगर संपत सिंह ने साेमवार को हिसार में एक प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से बात रखने की बात कही थी। संपत सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान सारे कयासों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस से किनारा करने की बात कही। अब माना ये जा रहा है कि वो भाजपा में शामिल हो कर वो आदमपुर चुनाव में कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ प्रचार करेंगे तो इसका सीधा फायदा भाजपा प्रत्याशी सोनाली सिंह फौगाट को होगा। अब आदमपुर सीट पर मुकाबला और भी रोचक हो गया है।

आज संपत सिंह खुलेआम यह कहने से नहीं चूके कि उनकी टिकट अगर किसी ने कटवाई तो वो थे स्वर्गीय भजनलाल के बेटे और आदमपुर के विधायक “कुलदीप बिश्नोई।” यही कारण है कि अब लगता है संपत अपने धुरविरोधी कुलदीप बिश्नोई से इस चुनाव में बदला लेंगे। अब कुलदीप का आदमपुर में सामना सिर्फ सोनाली फोगाट से नहीं बल्कि सोनाली के साथ संपत सिंह से भी है। 

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close