टुडे न्यूज़संपादकीय

पर्ची और खर्ची” में भाजपा ने कितनो को पहुंचाया जेल !

संपादकीय

हिसार टुडे।

जैसा की हिसार टुडे ने अपनी ख़ास रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया था कि भाजपा इस बार चुनाव में पारदर्शिता का मुद्दा उठाकर विपक्ष को घेरने के साथ साथ पिछली सरकार के राज में चलने वाली पर्ची और खर्ची के खेल को समाप्त कर देगी। भाजपा ने इस दिशा में साढ़े 4 साल इस बात पर प्रयास तो किया परन्तु इस बार भाजपा के इस पारदर्शी रोजगार भर्ती पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष व इनेलो नेता अभय चौटाला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सरकार को घेरने की कोशिश करते हुए यह सवाल उठाया कि अगर उन्हें लगता है कि पिछली सरकार में सरकारी नौकरी भर्ती में “परषि और खर्ची चलती है तो इतने दिन से भाजपा के मुख्यमंत्री क्या करे कर रहे थे ?

उन्होंने क्यों नहीं दोषियों के खिलाफ कार्यवाई की ? उनके पास पॉवर थी तो वो अब तक चुप क्यों बैठे थे। अभय चौटाला मनोहर लाल पर प्रहार करने से यहां तक नहीं रुके उन्होंने यह भी कहा कि अन्य सरकारों नहीं बल्कि भाजपा सरकार के राज में “पर्ची और खर्ची”ज्यादा रही। यहां तो उनके राज में पेपर के पेपर बदले। असली भर्ष्टाचार नौकरी में तो भाजपा सरकार के राज में दिखाई दिया।

वैसे बिल्लू की बात में दम तो है बॉस. क्या एक रैकेट का पर्दाफाश करके सब खल्लास ! मनोहर लाल ने अक्सर चुनाव के दौरान सभाओ में इस बात का उल्लेख करते थे कि पूर्व सरकारों के दौर में पर्ची और खर्ची चलती थी। तो यह बताओ क्या आपने कोई आयोग बनाकर एक्शन लेने की जुर्रत की? क्या कोई आयोग बनाया ? आपने मुख्यमंत्री जी वह भी साबुत नहीं दिए जिसके आधार पर आपने विपक्ष पर यह आरोप लगाए। क्यों ? वैसे क्या करे आजकल की पॉलिटिक्स ही ऐसी है कि बस बयान बाजी से लोग महफ़िल लूट लेते है, कोई यही नहीं देखता की उस बयानबाजी में कितनी प्रमाणिकता है ? मनोहर लाल को भी आज विधानसभा चुनाव के पहले जनता के सामने “पर्ची – और खर्ची” का साबुत देना चाहिए। अगर साबुत दिया तो विपक्ष की किरकरी होगी और अगर नहीं दिया तो आप पर मुख्यमंत्री साहब विपक्ष को बोलने का मौका मिलेगा। मनोहर जी मुझे लगता है कि जनता के सामने साबुत देकर चुनाव के पहले आप विपक्ष का मुहबन्द कर दे।

वैसे इनदिनों बिल्लू लोकसभा चुनाव में नतीजों और ओमप्रकाश चौटाला के पैरोल समाप्त होने के बाद जेल जाने के बाद पत्रकारों से खुलकर दिल की बात कर रहे है. क्योंकि ओपी चौटाला ने पार्टी को सुर्खियों में ला तोड़ दिया अब अभय का काम है उसका फायदा उठाये। बिल्लू तो मनोहर लाल पर इतने लाल थे कि उनको घेरने में उन्होंने एक कसर तक नहीं छोड़ी। उन्होंने तो भाजपा के मिशन 75 की भी धज्जिया उड़ाते हुए कहा कि अगर भाजपा को लगता है कि वह 75 के आकड़े पाएगी तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। आज बिल्लू ने स्वीकारा की कांग्रेस के राहुल गाँधी हमेशा बचकाना जवाब देते है उनके सामने नरेंद्र मोदी को लोगो ने पसंद किया और वोट दिया। आने वाले समय में जब विधानसभा की बात आएगी तो इनेलो को सरकार बनाने से कोई रोक नहीं सकता। बिल्लू भाईसाहब पता है चुनाव आ रहा है और हकीकत को स्वीकारने से अच्छा है ऐसी ही बयान बाजी से आप काम चला लो।

क्योंकि विपक्ष में रहते हुए भी आप एसवाईएल में अटके रहे। खुद तो कोई मजबूत मुद्दा नहीं उठा पाए परिवार और पार्टी में उलझे रहे, ऐसे में आपके सामने खुद के काम दिखाने का मौक़ा नहीं, यह सभी जानते है इसलिए आप मनोहर लाल पर प्रहार कर रहे हो। मगर कभी कभी सोचता हु कि भाजपा के राज में सरकारी नौकरियों की भर्तियों पर आपको बहुत पहले मुखर रूप से अपना पक्ष रखना चाहिए था, मनर तब आप नहर के मुद्दे में अटके थे और अब विधानसभा चुनाव में गिनती के दिन रह गए है तो अब मुद्दे को उठाने के बाद इसका क्या असर होगा यह कहना तो मुझे लगता है मुश्किल है।

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