संपादकीय

अब तो भूल जाओ, भाजपा को मिलेगी 90/90

संपादकीय

याद है पुलवामा हमला जिस के बाद भाजपा ने सर्जिकल स्ट्राइक करके देश को एक अलग ही रंग में डाल दिया था, अब दुबारा मोदी की लहर चलनी शुरू हो गयी है। जी हां, जबसे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को पूरा करने और अपने संकल्पपत्र में सबसे प्रमुखता से शामिल आर्टिकल 370 को खत्म करने का विषय सदन में उठाकर संकल्पपत्र को अमली जामा पहनाने का पहला कदम बढ़ाया है। दिल्ली के सदन में उठा यह विषय अब हरियाणा की राजनीति, भूचाल लाने वाला है। क्योंकि यहां की जनता ने जबसे यह खबर सुनी तब से यह कहना गलत नहीं होगा कि भाजपा ने एक राष्ट्र की सही परिभाषा क्या होती है उसे चरितार्थ करने की कोशिश की है। आज सबसे रोचक बात यह है कि अब हरियाणा की जनता और लोग भी कहने लगे हैं कि अब तो यह मुद्दा सदन में उठाकर भाजपा ने लोगों का दिल जीत लिया और यही कारण है कि इस विधानसभा चुनाव में दुबारा देशप्रेम और देशभक्ति हावी हो गयी है। जिसका सीधा असर इस विधानसभा चुनाव में भी होने से कोई इंकार नहीं कर सकता। जानकार मानते हैं कि अब जब देश में विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनाव को महज गिनती के ही दिन रह गए है ऐसे हालत में भाजपा ने सदन में आर्टिकल 370 हटाने को लेकर भाजपा ने मौके पर चौका मारने की कोशिश की है।

माना जा रहा है कि हरियाणा में विपक्ष भी भाजपा के इस पहले से धराशाही हो गया है। मेरे कहने का मतलब कांग्रेस से है। क्योंकि कांग्रेस में तो मानो सुबह से शाम तक इस खबर को लिखे जाने तक तो मातम ही छाया रहा, किसी ने न मुँह खोला और न ही किसी प्रकार की कोई बात की। सारे ट्वीटर अकाउंट खाली पड़े थे। कुछ कांग्रेस नेता अपने पार्टी हाईकमान के स्टैंड का इंतज़ार कर रहे है। जैसा वह बोलेंगे फिर ही हम कोई बात करेंगे। क्या बात है कितने आज्ञाकारी़! वैसे उम्मीद तो यही थी कि सुबह भाजपा का फूटा बम शायद शाम तक विपक्ष (कांग्रेस) को संभलने नहीं देगा। ऐसा ही हो रहा था। आज जैसा माहौल हरियाणा में फैला हुआ है, हर जगह खुशियां मनाई जा रही हैं। उसे देखकर यह लगता है कि इस बार विधानसभा चुनाव में दुबारा सभी मुद्दे नीचे चले जाएंगे और भाजपा रूपी लहर में अब 90/90 सीट आने से कोई रोक नहीं सकता।

बता दे कि इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा अपना मिशन 75 आराम से पार कर लेगा। बल्कि अब दिक्कत विपक्ष को है वो क्या करेंगे? क्योंकि उनके चुनाव जीतने की गुंजाइशे बेहद कम है। अभी हाल में हुड्डा जी गरजे थे। समर्थकों की भारी भीड़ के बीच भूपेंद्र हुड्डा के इस रैली की हर जगह सराहना की जा रही है। मगर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि हुड्डा जी भीड़ तो जुटाने में कामयाब होते है, मगर उनकी इक्कट्ठा भीड़ वोट भाजपा को देकर चली आती है। बता दें कि अब तो हुड्डा को भी हाईकमान ने कोई खास तब्बजों नहीं दी जिसके चलते वह दबाव बनाने का काम कर रहे हैं। अशोक तंवर के बस में अपने विधायकों को चुनाव में जितवाना नामुमकिन है। दुष्यंत की पार्टी नयी है तो उनके बारे में चर्चा नहीं की जा सकती। इनेलो के विधायक तो पार्टी छोड़कर भाजपा की शरण में जा रहे हैं।

लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी भी अभी गिनती में भी नहीं है, ऐसे में पूरा माहौल भाजपा के पक्ष में बना हुआ है। कांग्रेस से ज्यादा जजपा सरकार के मुद्दे उठा रही है। मगर उसे भी पता है कि अब 370 का मुद्दा आने के बाद अब यह तमाम मुद्दे दब जाएंगे और फिर देशप्रेम में ओतप्रोत हरियाणा की जनता मनोहर सरकार पर विश्वास करेगी। सबसे खास बात यह है कि भाजपा के विधायक से लेकर मेयर गौतम सरदाना पार्षदों के साथ इस बिल को पेश करने के लिए सरकार के फैसले पर खुशियां मानते हिसार में दिखाई दिए वाकई यह मसला किसी ऐतिहासिक दिन से कम नहीं। जब सदन में अमित शाह कहते है कि कश्मीर स्वर्ग था, है और रहेगा और इस बात के लिए हिसार में जनता तालियां बजाते दिखाई दे तो यह किसी उत्सव और खुशहाल भारत से कम नहीं।

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