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दीपेंद्र का बड़ा धमाका कहीं “राव इंद्रजीत और हुड्डा” की दोस्ती के साइड इफेक्ट की तरफ इशारा तो नहीं ( Video )

संपादकीय

दीपेंद्र हुड्डा ने इन दिनों किसी बड़े धमाके की बात की है। कहीं उनका निशाना राव इंद्रजीत और मुख्यमंत्री के बीच चल रहे कोल्ड वार की तरफ तो नहीं? वैसे कहने वाले कुछ भी कहे, मगर यह बात तो तय है कि इन दिनों मिशन 75 को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जिस तरीके से पार्टी में एंट्री का बोर्ड खोलकर बैठे हुए हैं और धड़ाधड़ दूसरे पार्टी से आये नेताओं को बाकायदा पार्टी में शामिल करवा रहे हैं। अब अपने मुख्यमंत्री काका बहुत होशियार हो चुके हैं। बता दें कि दक्षिण हरियाणा में फरीदाबाद, पलवल, नूंह, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और नारनौल का क्षेत्र आता है।

इसलिए हमारे काका जी ने दक्षिण हरियाणा के हथीन क्षेत्र से इनेलो विधायक केहर सिंह रावत को पार्टी में शामिल करवाया, उसके बाद होडलक से पूर्व विधायक जगदीश नायर, मेवात से जाकिर हुसैन, और अब महेंद्रगढ़ से जननायकल जनता पार्टी की टिकट से लोकसभा चुनाव में उतरी स्वाति यादव को पार्टी में शामिल कर काका ने मौके पर चौका मारा है। जानकार मानते है इस प्रकार से काका चुन-चुन कर जिन लोगो को पार्टी में शामिल करवा रहे हैं, उसे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वह अहीरवाल नेताओं की लम्बी फ़ौज काका पार्टी में शामिल करवा कर जहां राव इंद्रजीत सिंह का पर्याय खड़ा कर रहे हैं, वही किसी एक की मोनोपोली को भी रोकने की कोशिश की जा सकती है। वैसे माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान ने मनोहर काका को पहले ही विभिन्न चुनाव में परख कर उनपर विश्वास जताया है, और अब दुबारा विधानसभा चुनाव में वह उन्हें खुली छूट देकर 75 का टारगेट पूरा करने की जिम्मेदारी सौप चुके हैं, इसे देखते हुए कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने इस काल्ड वार को बड़ी शांति से देख रहे हैं। अब यही पूर्व सांसद दीपेंद्र सिंह हुडडा द्वारा जल्द ही हरियाणा की राजनीति में बड़े धमाके का ऐलान कर दिया है। राजनीति के जानकार मानते हैं कि पांच साल पहले राजनीति में नौसीखिए खटटर काका अब राजनीति के सूरमा बन गए हैं।

रणनीति के तहत राजनेताओं को लाइन लगाने की कला में वह माहिर हो चुके हैं। काका इतने पारंगत हो गए हैं कि अपने आपको सुरक्षित बनाने के लिए अहीरवाल के गढ़-महेंद्रगढ़ के विकास पर कुंडली मारने से भी गुरेज नहीं किया। लोकसभा चुनाव से पहले शिलान्यास के वाबजूद खुडाना आईएमटी में भी अब नए-नए अड़ंगे लग रहे हैं। इसी तरह लोकसभा चुनाव से पहले जिस मनेठी एम्स के लिए बजट तक तय हो गया था, अब उसमें भी रूकावट आ गई है। जिससे राव इन्द्रजीत सिंह की साख धूमिल हो रही है। माना जा रहा है कि कभी अच्छे दोस्त रहे हरियाणा के दो दिग्गज भूपेंद्र सिंह हुडडा और राव इन्द्रजीत सिंह अपनी-अपनी पार्टियों में फिलहाल उपेक्षा का शिकार हैं। कांग्रेस में हुड्डा को कोई पूछ नहीं रहा, वहीं बीजेपी में राव इन्द्रजीत सिंह अपने अस्तित्व को बचाने की कवायद कर रहे हैं। दोनों के लिए ही अपने समर्थकों को संतुष्ट रख पाना, टिकट चाहने वालों को टिकट दिला पाना काफी मुश्किल सा प्रतीत होता जा रहा है। क्योंकि मुख्यमंत्री भी ऐसे नेताओं को पार्टी में शामिल करवा रहे हैं जिनके जितने की उम्मीद है ऐसे में हो सकता है टिकट को लेकर जबरदस्त घमासान हो। इन हालातों में पुरानी दोस्ती रंग दिखा सकती है।

राजनीति के जानकार मानते हैं कि यदि दोनों मिल जाएं तो ये संभव है कि बीजेपी का 75 पार का सपना बिखर जाए और ऐसा भी हो सकता है कि उसे विपक्ष में बैठना पड़ जाए। संभवतः इस बदलाव की शुरूआत भी हो चुकी है। पूर्व सांसद दीपेंद्र हुडडा का बयान की जल्द ही हरियाणा की राजनीति में बड़ा धमाका होगा। इसका आगाज ही है।

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