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जोर का झटका धीरे से!

संपादकीय:महेश मेहता

हिसार टुडे

विधानसभा चुनाव के पूर्व बिजली निगम ने लोगों को जोर का झटका धीरे से देने का काम किया है। बिजली विभाग ने लगता है सालो की कसर निकालते हुए चुपके से चार्ज बना दिए है। हरियाणा बिजली निगम ने उपभोक्‍ताओं को धीरे से जोर का झटका दिया है। भाई 8 साल बाद बिजली निगम ने यह जुर्रत की है कि वह विभिन्न रेट बढ़ा सके। दरअसल बिजली निगम ने चुपके से कई चार्ज बढ़ा दिए हैं। आठ साल बाद दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने मीटर के किराये तक में इस बार वृद्धि कर दी है। हालाँकि जब एक तरफ जनता महंगाई की मार से जनता त्रस्त है वही हरियाणा में इस खबर ने बिजली विभाग द्वारा विभिन्न रेट बढ़ा दिए जाने के बाद अब जनता को महंगाई की दुगुनी मार पड़ी है।

अब नए निर्णय के अनुसार अब हरियाणा के लोगो के लिए इससे अधिक बिजली बिल चुकाना होगा। बता दे कि इस संबंध में आदेश भी जारी किया गया हैं। नए नियम के अनुसार अब उपभोक्‍ताओं को बिजली मीटर के लिए प्रति माह 10 रुपये अधिक किराया देना होगा। पहले 20 रुपये प्रति माह मीटर लगता था अब इसे 30 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार एप्लीकेशन की प्रोसेसिंग चार्ज को भी बढ़ा दिया गया है। इसमें तकरीबन पांच गुनी वृद्धि की गई है। अब एप्लीकेशन प्रोसेसिंग चार्ज को 10 रुपये से बढ़ा कर 50 रुपये कर दिया गया है।

इतना ही नहीं दक्षिण और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण की तरफ से उपभोक्ताओं को अनेक तरीके से सर्विस दी जाती है। बता दे कि दरें जिस प्रकार से बड़ी है वह बिजली उपभोक्ताओं के लिए बर्दाश के बाहर हो चूका है। इन सर्विस में मीटर का किराया लेने के साथ मीटर लगवाने के लिए लगाई जाने वाली एप्लीकेशन तक के पैसे लिए जाते हैं। इतना ही नहीं एप्लीकेशन प्रोसेसिंग चार्ज में हुई पांच गुनी वृद्धि, 10 से 50 रुपये शुल्‍क होने से इसका सीधा असर नया मीटर लगवाने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा। इसके अलावा मीटर और लाइन को चेक करवाने के लिए पहले उपभोक्ता को कुछ नहीं देना पड़ता था। अब उनको हजारों रुपये चुकाने पड़ेंगे। यह सुविधा ज्यादा तक बड़े इंडस्ट्री के लोग लेते थे। बिजली निगम की तरफ से जारी किए गए डी-27 सर्कुलर में स्पष्ट है कि इससे पहले यह रेट 17 अगस्त 2011 को जारी किए थे। उसके बाद अब इनमें बदलाव किया गया है। दोनों निगम में यह रेट अब लागू कर दिए गए है। मीटर इंस्टालेशन चार्ज 100 से 150 तथा थ्री फेज मीटर के लिए 200 से 300 रुपये देना होगा इस खबर से भी ग्राहकों को शॉक लगेगा। मीटर की सील लगवाने के लिए जो पैसा दिया जाता था उसके रेट में भी बढ़ोतरी की गई है। मीटर कपबोर्ड की सील को 30 से 50 रुपये कर दिया गया है।

एप्‍लीकेशन प्रोसेसिंग चार्ज जो पहले दो किलोवाट तक 10 रुपये था अब 50 रुपये हो गयी है। दो किलोवाट से ऊपर 20 रुपये पहले दिया जाता था अब 25 रुपये देना पड़ता है ,मीटर इंस्टालेशन चार्ज जो पहले सिंगल फेस 100 रुपये लगता था अब थ्री फेज 200 रुपये कर दिए गए है। सिंगल फेस का चार्ज जो पहले 150 रुपये था वो अब थ्री फेज के लिए 300 रुपये रख दिए गए है। मीटर इंस्पेकशन और टेस्टिंग चार्ज जो पहले सिंगल फेस के 50 रुपये और थ्री फेस के 100 रुपये, एलटीसी मीटर 500 रुपये, एचटी-ईएचटी मीटरिंग के एक हजार रुपये प्रति मीटर था अब सिंगल फेस के 100 रुपये और थ्री फेस के 200 रुपये, एलटीसी मीटर 750 रुपये, एचटी-ईएचटी मीटरिंग के 1500 रुपये प्रति मीटर है। मीटर सर्विस चार्ज जो पहले सिंगल फेस मीटर 20 रुपये, थ्री फेज 30 रुपये, थ्री फेस सीटी आपरेटिड मीटर के 150 रुपये लिए जाते थे, अब सिंगल फेस मीटर 30 रुपये, थ्री फेज 50 रुपये, थ्री फेस सीटी आपरेटिड मीटर के 200 रुपये लिए जाएंगे।

इतना ही नहीं बिजली निगम से एचवीपीएल की किसी लाइन, ट्रांसफार्मर या अन्य किसी उपकरण की टेस्टिंग करवाने के लिए अब उपभोक्ता को चार्ज देना होगा। अभी तक इसके लिए कोई पैसा नहीं देना पड़ता था। नए सर्कुलर के अनुसार पूरे दिन के लिए व्यक्ति के अलग-अलग रेट तय किए गए है। यदि कोई एई और एईईई की सेवा लेता है उसे 6800 रुपये, जेई की सेवा लेते हैं 4400 रुपये और हेल्पर की सेवा लेते हैं तो 1800 रुपये चार्ज किए जाएंगे। इसी प्रकार टेस्टिंग के लिए उपकरण लेते हैं तो उसके लिए भी आपको उपकरण के हिसाब से चार्ज देना होगा।

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