संपादकीयहिसार

हांसी सीट पर भाजपा के भ्याना पर जजपा के मक्कड़ भारी!

संपादकीय महेश मेहता

हिसार टुडे

1,81,827 मतों वाली ऐतिहासिक हांसी विधानसभा सीट पर 1987 के बाद भाजपा का कभी कमल नहीं खिला है। मगर इस बार भारतीय जनता पार्टी ने हांसी में दशकों से वीरान पड़े हांसी विधानसभा चुनाव में भाजपा का कमल खिलाने के लिए विनोद भ्याना को चुनावी मैदान में उतारा है। मगर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक रेणुका बिश्नोई को टिकट न देकर ऐसे व्यक्ति को मैदान में उतारा जो हांसी की जनता के लिए अनजान चहेरा है।

कांग्रेस ने आखिरी समय में रेणुका बिश्नोई के स्थान पर ओमप्रकाश पंघाल को मैदान में उतारकर भाजपा की राह को आसान कर दिया है। मगर भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए जननायक जनता पार्टी नेता दुष्यंत चौटाला ने मजबूत दांव खेल कर हांसी से 3 बार विधायक रहे स्वर्गीय आमिर चंद मक्कड़ के पोते राहुल मक्कड़ को जजपा की टिकट से मैदान में उतारकर भ्याना के सामने एक तगड़ा मुकाबला पेश कर चुनाव को बेहद रोचक बना दिया है।
2014 चुनाव समीकरण

2014 में स्वर्गीय चौधरी भजनलाल की पुत्रवधु रेणुका बिश्नोई ने हरियाणा जनहित कांग्रेस की उम्मीदवार के रूप में 46335 मत प्राप्त कर इंडियन नेशनल लोक दल के उमेद सिंह लोहान को 14652 मतों से पराजित किया था। उमेद सिंह लोहान को 31683 मत प्राप्त हुए थे । 2014 के चुनाव के बाद हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हांसी का मिजाज भी बदला हुआ है।
भारतीय जनता पार्टी ने 2009 में विधायक रहे और हाल ही में भाजपा में शामिल हुए विनोद भयाना को भाजपा ने मैदान में उतारा है। भाजपा के लिए यह भले ही विनोद भयाना नया चेहरा हैं, लेकिन राजनीति में यह चेहरा बहुत ही पुराना है। कांग्रेस ने ओमप्रकाश पंघाल को और जेजेपी ने राहुल मक्कड़ को मैदान में उतारा है। लोकसभा चुनाव में हांसी विधानसभा सीट पर भाजपा को भारी मतों से बढ़त प्राप्त हुई थी। भले ही विधायक रेणुका बिश्नोई यह आरोप लगा रही है कि हांसी के विकास में सरकार का सहयोग नहीं रहा, लेकिन विगत 5 वर्षों में हांसी में किए गए विकास कार्यों को लेकर भाजपा अपनी जीत के प्रति उत्साहित है।

अमीरचंद मक्कड़ के पोते राहुल छुड़ा रहे भाजपा के पसीने

हांसी में 40 सालों की राजनीति के साथ हांसी में मक्कड़ परिवार का अच्छा ख़ासा दबदबा रहा है। हांसी से स्वर्गीय आमिर चंद मक्कड़ का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं। वह एक मात्र ऐसे विधायक है जिन्होंने 3 बार हांसी का विधायक बनने का रेकॉर्ड कायम किया है। 2 बार निर्दलीय और एक बार कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ चुके अमीरचंद मक्कड़ के बारे में कहा जाता है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजनलाल और कुलदीप बिश्नोई के कट्टर समर्थक थे। मगर मक्कड़ परिवार ने कांग्रेस का दामन छोड़ जजपा का हाथ मिलाकर न केवल कुलदीप बिश्नोई को जोरदार झटका देने का काम किया। इतना ही नहीं स्वर्गीय अमीरचंद मक्कड़ के चौधरी ओमप्रकाश चौटाला से भी जबरदस्त तालुक्कात रहे।

यही कारण है कि भाजपा का गेम बिगाड़ने के लिए जननायक जनता पार्टी नेता दुष्यंत चौटाला ने पंजाबी समाज के सबसे कद्दावर नेता स्वर्गीय अमीरचंद मक्कड़ के पोते राहुल मक्कड़ को जननायक जनता पार्टी की टिकट देकर मैदान में उतार कर भाजपा को दमदार चुनौती देने का काम किया है। राहुल मक्कड़ के मामले में कहा जाता है कि हांसी में मक्कड़ परिवार का अच्छा ख़ास दबदबा रहा है। मगर 2005 के बाद से इस सीट पर कुलदीप बिश्नोई के एक जमाने में खासमखास रहे विनोद भयाना को मैदान में उतारा गया और उसके बाद इस सीट पर कुलदीप बिश्नोई ने अपनी पत्नी रेणुका बिश्नोई को मैदान में उतारा यही कारण है कि 10 साल से राजनीति से दूर रहने का खामियाजा राहुल मक्कड़ को भुगतना पड़ सकता है। मगर राहुल बिलकुल सही रणनीति के साथ अपनी जमीन तैयार करने में व्यस्त है। इतना ही नहीं राहुल मक्कड़ को हांसी में विनोद भयाना की खिलाफत का भी फायदा मिल रहा है। काफी जगहों में लोग भयाना का विरोध कर रहे है। अगर इस विरोध को राहुल अपने पक्ष में वोटों के तौर पर तब्दील करने में कामयाब रहे तो इसका बहुत बड़ा फायदा राहुल मक्कड़ को जीत के साथ मिल सकता है। इतना ही नहीं दादा की राजनीतिक विरासत का लाभ भी राहुल को चुनाव में मिल सकता है।
राहुल के पक्ष में :

पंजाबी वोटरों का साथ, शहरी और ग्रामीण इलाको में मक्कड़ परिवार का नाम, राहुल को अपने दादा स्वर्गीय अमीरचंद मक्कड़ के 3 बार हांसी विधानसभा चुनाव में विधायक रहने का मिलेगा लाभ, – पंजाबी और शहरी वोटर भाजपा से नहीं विनोद भयाना से नाराज। जिसका फायदा जजपा प्रत्याशी राहुल मक्कड़ को।

कांग्रेस, आप चुनाव प्रचार में प्रेम मालिक से भी पीछे

बता दें की कांग्रेस प्रत्याशी ओमप्रकाश पंघाल को चुनावी मैदान में कांग्रेस पार्टी ने उतार तो दिया मगर जिस प्रकार से हांसी के लिए अपरिचित चेहरा और कोई चुनाव लड़ने का अनुभव न होनेके कारण उनकी दमदार प्रत्याशियों में गिनती नहीं हो रही। इतना ही नहीं माना जाता है कि हांसी में कुछ दिनों पहले हुए उनके रोड शो में भी जनता की कम भीड़ इस बात की तरफ इशारा कर रही थी कि कांग्रेस प्रत्याशी के लिए इस चुनाव में अपनी जमानत तक बचाना मुश्किल न हो जाए, ठीक यही हाल आम आदमी पार्टी प्रत्याशी मनोज राठी का है। माना जा रहा है कि आप के प्रत्याशी और कांग्रेस के प्रत्याशी से ज्यादा चर्चे हांसी में निर्दलीय उम्मीदवार प्रेम मालिक के हो रहे है। प्रेम मालिक के मामले में कहा जाता है कि उनका गांव में अच्छा ख़ासा वोट बैंक है। यहां के स्थानीय होने के साथ वह व्यक्तिगत अपने लिए वोट जुटा रहे है। ऐसे में अगर प्रेम मालिक कांग्रेस या आप प्रत्याशी से भी ज्यादा वोट ले आये तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं।

भयाना को भाजपा नेताओ से भितरघात का खतरा

विनोद भयाना जिनका नाम सीडी काण्ड में कथित तौर पर लिया जाता रहा है। मगर मन जा रहा है कि भाजपा पार्टी की टिकट के लिए काफी लोग कतार में थे। मगर पार्टी ने एक बार विधानसभा चुनाव जीत चुके और कुलदीप बिश्नोई का साथ छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले भयाना को चुनावी मैदान में उतारकर काफी हसरतों से टिकट की लालच में बैठे भाजपा नेताओं को नाराज कर दिया। मगर आरोप लगाया जा रहा है कि इसी नाराजगी का खामियाजा विनोद भयाना को चुनावी रण में भुगतना पड़ेगा। क्योंकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस बार माना जाता है कि यह नाराज नेता विनोद भयाना के खिलाफ कार्य कर रहे है। उनके खिलाफ वोट डालने को कह रहे है। अगर ऐसा होता है तो विनोद भयाना को हारने का काम भाजपा के नाराज नेता ही करेंगे। दरअसल इसी का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में हालांकि भाजपा नेता किसी पार्टी के उम्मीदवार के लिए वोट मांगते नहीं दिख रहे, लेकिन अन्य पार्टी के नेता के साथ खड़े दिख रहे हैं।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close