संपादकीयहरियाणा

हुड्डा और किरण के साथ आने से कांग्रेस में चढ़ा सियासी पारा

Today News

हरियाणा में कांग्रेस कई गुटों में बंट चुकी है। हरियाणा में कांग्रेस के गुटों की बात करे तो चर्चाओं में एक तरफ हुड्डा समर्थक, अशोक तंवर गुट, रणदीप सुरजेवाला गुट, कुमारी शैलजा गुट और किरण चौधरी का नाम चर्चाओं में हैं। हर नेता एक दूसरे की सभाओं और रैलियों से दूरियां बनाए रखते हुए अपना अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। हुड्डा की जनक्रांति यात्रा की चर्चा तो हरियाणा से लेकर दिल्ली तक है, वहीं अशोक तंवर भी अपनी साईकिल यात्रा द्वारा पार्टी हाईकमान तक अपना संदेश पहुंचा रहा है। कांग्रेस के सभी दिग्गज अपना वर्चस्व दिखाने की होड़ में लगे हंै। सभी नेता चाहते थे की 2019 चुनाव के पूर्व आलाकमान हरियाणा में मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा कर दे परन्तु पार्टी हाईकमान ने यह स्पष्ट संकेत दे दिए की जो प्रदर्शन दिखाएगा, उसकी दावेदारी अधिक मजबूत होगी।

एक जमाने में भूपेंद्र हुड्डा और किरण चौधरी के बीच छत्तीस का आंकड़ा हुआ करता था। इन दोंनो गुटों के समर्थक एक-दूसरे को एक आंख नहीं भाते थे। इनकी तनातनी इतनी अधिक हो गई थी की मामला सोनिया गांधी तक पहुंच गया था। उन दिनों किरण चौधरी अशोक तंवर के करीब मानी जाती थी, मगर जब से 2019 चुनावों को लेकर पार्टी हाईकमान से संकेत मिले हैं उसके बाद से किरण चौधरी अपनी सियासी बाजी जमाने में लगी हुई हैं। काफी समय से वह अशोक तंवर और हुड्डा खेमे से दूर रही। मगर अब समय के साथ समीकरण बदलने लगे हैं। हाल में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बाकी खेमों पर हावी होता जा रहा है। गत दिवस जो नजारे सामने आए उसने नए रिश्तों की शुरूआत कर दी है। कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राजनैतिक रूप से विधानसभा में एक साथ चलने के लिए हाथ मिला लिया है।

हाल ही में विधानसभा सत्र के दूसरे दिन हुड्डा की करीबी विधायक शकुंतला खटक द्वारा महंगाई के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन के लिए खच्चर बुग्गी का प्रबंध किया गया था। तभी किरण चौधरी का फोन कुलदीप शर्मा के पास आया की वह भी वहां पहुंच रही हैं। जैसे ही किरण चौधरी वहां पहुंची तो हुड्डा ने भी उन्हें पूर्ण मान-सम्मान देते हुए अपने साथ बिठाया। वहां पर हुड्डा समर्थित विधायक भी कह रहे थे कि “हम साथ साथ हैं।” चर्चा है कि अभी तक हुड्डा की जनक्रांति यात्रा से दूरी बना कर चल रही किरण चौधरी संभावित रूप से विधानसभा में विधायक दल की नेता होने के नाते यहां आई हो, क्योंकि विधायक हुड्डा खेमे में हैं। कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद से लगातार वह प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर के खेमे में नजर आ रही थी, लेकिन पिछले काफी अरसे से तंवर की साइकिल यात्रा या अन्य कार्यक्रमों से वह दूर चलती नजर आई थी। अटकले लगनी शुरू हो गई हैं कि किरण ने अब हुड्डा खेमे का हाथ थाम लिया है।

महाभारत की भूमि हरियाणा में कांग्रेस के यही दो गुटों के शक्ति प्रदर्शन की गवाह बनी। एक तरफ पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा जनक्रांति रथयात्रा लेकर रैली करने पेहोवा मंडी पहुंचे थे तो वहीं कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में परिर्वतन रैली की। विधायक दल की नेता की रैली में पूर्व विधायक-मंत्री व नए उभरते नेता पहुंचे। उन्होंने किरण को भावी सीएम बताया। जबकि हुड्डा के मंच पर कई मौजूदा विधायकों के साथ पूर्व विधायक व मंत्री पहुंचे थे। अक्सर इस प्रकार का शक्ति प्रदर्शन करते हुड्डा और किरण चौधरी भले ही नजर आये हों लेकिन उन्हें पता है की जो मिलकर काम करेगा सीएम की कुर्सी तक पहुंचना उतना ही आसान होगा। इसलिए खुद किरण चौधरी इन दिनों भूपेंद्र हुड्डा से अपनी पिछली नाराजगी भुलाकर काम करने और हुड्डा बड़ा दिल रख कर किरण चौधरी को मान सम्मान देने में कोई परहेज नहीं कर रहे। यह दृश्य दिखा रहा है की हुड्डा और किरण की जुगलबंदी जरूर कुछ असर दिखाएगी। हालांकि इन दोनों के बीच अशोक तंवर अब भी इसी असमंजस में है की वह ऐसा क्या करे की पार्टी हाईकमान की नजरो में आए।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close