राष्ट्रीयसंपादकीय

हमारे बिना कुछ नहीं होगा तुम्हारा

हिसार लोकसभा की बात करते ही सबसे पहले जहन में यह बात आती है कि क्या यह चुनाव इतना हॉट हो गया है कि सभी की सांसे अटकी हुयी हैं कि ‘जाने क्या होगा हमारा रे।’ जब मैं शहरों में घूमता हंु, लोगों से मिलता हुं, हर जगह लोग कोई न कोई पार्टी को जिताने में लगे हुए हैं। कोई कहता है कि इस पार्टी का जोर ज्यादा, कोई कहता है वो पार्टी आगे जाएगी। सब जगह लोगों में कन्फूजन है। अब तक लावारिस से दिखते दफ्तरों में रौनक आ गयी है और किसी का घर ही दफ्तर बन गया है। परीक्षा की जो घडी है, दिन-रात एक करके परीक्षा में पास जो होना है। साम-दाम-दंड-भेद हर रास्ता अख्तियार किया जाएगा।
मुझे तो लगता है कि हिसार लोकसभा चुनाव में टक्कर जोरदार होगी और माहौल गर्म होने वाला है। गर्म इसलिए क्योंकि किसी की सोशल इंजिनियरींग की टीम सोशल मीडिया में काम कर रही है, तो कोई अनूठे प्रचार के माध्यम से लोगों के दिल में राज करने की कोशिश कर रहा है। कोई यहां भावनात्मक वोट लेने की कोशिश कर रहा है, तो कोई अपने काम पर वोट मांग रहा है। पूरा का पूरा माथापच्ची हो गयी है। सुना है एक पार्टी अकेले ही प्रचार में उतरी है और किसी अन्य नेता को पूछ भी नहीं रही। खैर अब यह चुनाव रोचक इसलिए भी हो गया है क्योंकि इस बार चुनाव में विभिन्न पार्टी के प्रत्याशी यानिकी सभी पार्टी में खड़े बेटों को जीताने के लिए अब उनकी मां ने कमान संभाल ली है।
यह तो सभी जानते है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह की मां विधायक प्रेमलता पहले ही अपने बेटे के प्रचार में गली-गली गांव-गांव धूल फांक रही है। वहीं जननायक जनता पार्टी के प्रत्याशी दुष्यंत चौटाला की मां नैना चौटाला भी अपने बेटे के लिए चुनाव में वोट मांगने के लिए निकल पड़ी है। उनके साथ एक और पार्टी है जिसने एक ऐसे उम्मीदवार को लांच किया है जो हिसार को राजधानी बनाना चाहता है उसकी भी मां अपने लाडले के लिए वोट मांगने निकल पड़ी है। दुकानदारों के पास जाकर मुलाकात कर रहे हैं, वोट मांग रहे हैं। हद्द तो तब हो जाती है कि कुछ लोग भावनात्मक वोट की भी आस देख रहे हैं। खैर यह चुनाव है यह उनका फैसला है कि वह कैसे अपने बच्चों के लिए अधिक से अधिक वोट मांगे।
मगर आपने क्या गौर किया है कि अब माताओं के अलावा प्रत्याशियों की पत्नी भी मैदान में उतर गयी है। आपको पता है भाजपा प्रत्याशी बृजेन्द्र की पत्नी ने हिसार में प्रचार कर चुकी है। वहीं हरियाणा की बात करें तो दीपेंद्र हुड्डा के लिए उनकी पत्नी श्वेता हुड्डा भी प्रचार करने में जुटी हुयी हैं। रोहतक से ही भाजपा प्रत्याशी डॉ. अरविंद शर्मा की पत्नी रीटा शर्मा ने प्रचार कर रही है। अंबाला में भाजपा प्रत्याशी रतनलाल कटारिया की धर्मपत्नी बंतो कटारिया चुनावी समर में प्रचार कर रहीं तो वही करनाल में संजय भाटिया के हक में उनकी पत्नी अंजू भाटिया कूद पड़ी हैं। सिरसा में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर की पत्नी अवंतिका माकन भी अपने पति तंवर के प्रचार में उतर आयी है। भिवानी में कांग्रेस की उम्मीदवार श्रुति चौधरी के लिए उनकी विधायक मां किरण चौधरी इस तरह से चुनाव प्रचार कर रहीं मानों वह खुद ही चुनाव लड़ रही हैं। जननायक जनता पार्टी के हिसार से प्रत्याशी दुष्यंत चौटाला और सोनीपत से प्रत्याशी दिग्विजय सिंह चौटाला के लिए उनकी विधायक मां नैना चौटाला ने पति अजय चौटाला के साथ मोर्चा संभाल लिया है। वहीं सोनीपत से चुनाव लड़ रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चुनाव प्रचार की कमान उनकी पत्नी आशा हुड्डा के हाथों में है। आशा हुड्डा दोहरे मोर्चे पर डटी हुई है। उन पर अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा के भी चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी है। जिसे वह बखूबी निभा रही है।
अब मां और पत्नी प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार की कुछ टेंशन जरूर कम करना चाहती है और इसमें दो राह नहीं कि नारी शक्ति ही प्रत्याशियों के लिए चुनाव में संजीवनी बूटी का काम करेंगी। इस बार मां, बहुओं और पत्नियों के चुनावी मैदान में एक्टिव रहने के कारण इस बार हरियाणा का सभी चुनाव बेहद रोचक हो गया है।

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