टुडे न्यूज़राजनीतिसंपादकीय

सांपला रैली से बढ़ा चौधरी बीरेंद्र सिंह का राजनीतिक कद

Hisar Today

पुरे देश में रहबरे-आजम दीनबंधू सर छोटूराम के नाम से विख्यात की 64 फूट ऊंची प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथो 9 अक्टूबर को सांपला में संम्पन हुई। बता दें पिछले 9 महीनों से उद्घाटन की प्रतीक्षा में सर छोटूराम जी की प्रतिमा के अनावरण की तारीखें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने में केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह का हाथ प्रमुख रूप से रहा है। उनकी पहल पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांपला में स्थापित होने वाली सर छोटूराम की प्रतिमा का अनावरण करने पर सहमति प्रकट की थी। बता दें की केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह दीनबंधु सर छोटूराम के नाती हैं। इसलिए दीनबंधु सर छोटूराम कि प्रतिमा के अनावरण में मोदी का आना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिर पर पगड़ी पहनना इस बात का सबूत है कि पार्टी के अंदर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने चौधरी बीरेंद्र सिंह का न केवल कद बढ़ा है बल्कि यही बढ़ता कद उनके पार्टी में विशेष स्थान प्रदान करने के लिए भी मददगार साबित हो सकता है।

फिलहाल इस सभा के बाद बीरेंद्र सिंह डूमरखां का देश और प्रदेश में राजनीतिक कद बढ़ा है। गौरतलब है कि सर छोटूराम की प्रतिमा के अनावरण को लेकर इनेलो के सांसद दुष्यंत चौटाला ने सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि या तो प्रतिमा का शीघ्र अनावरण करा दिया जाए नहीं तो पार्टी के कार्यकर्ता अनावरण खुद कर देंगे। इस पर जिला प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया था कि प्रतिमा का अनावरण शीघ्र करा दिया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी प्रधानमंत्री मोदी से मूर्ति अनावरण के लिए समय मांग चुके थे लेकिन किन्हीं कारणों के चलते यह सिरे नहीं चढ़ सका सर छोटूराम के नाती बीरेंद्र सिंह ने अपने नाना सर छोटूराम की प्रतिमा का अनावरण कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सहमति लेकर हरियाणा की राजनीति में अपना कद और ऊंचा कर लिया।

बीरेंद्र सिंह ने हमेशा प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा को कभी नहीं दबाया, जब वो कांग्रेस के विधायक थे तब भी वो मुख्यमंत्री की दौड़ में रहे लेकिन मुख्यमंत्री पद की कुर्सी उनसे हमेशा दूर रही। इस बात का उन्हें आज भी मलाल है और दर्द गाहे-बगाहे प्रकट करने से भी नहीं चूकते। वो अक्सर कहते हैं कि उन्होंने प्रदेश के अनेक नेताओं को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है लेकिन स्वयं मुख्यमंत्री पद से सदा वंचित रहे।सर छोटूराम की प्रतिमा अनावरण को लेकर एक बार फिर से बीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे पहुंच गए हैं। राजनीतिक लोगों का कहना है कि प्रदेश के अगले आम चुनाव में अगर भाजपा बहुमत प्राप्त करती है तो बीरेंद्र सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हो सकते है। बीरेंद्र सिंह के प्रयासों से ही सांपला में सर छोटूराम संग्रहालय में उनकी विशाल आदमकद प्रतिमा स्थापित हो सकी है।

सांपला में आयोजित कार्यक्रम की सफलता ने ही बीरेंद्र सिंह के राजनीतिक भविष्य तय किया है। बता दें की चौधरी बीरेंद्र सिंह भाजपा में रहते हुए भी उन्होंने अपनी आवाज कभी नहीं दबाई। उन्होंने हमेशा ही अपनी आवाज़ बुलंद कर कई सभाओं में खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भी खरी खोटी सुना चुके हैं। उन्होंने पार्टी गुटबाजी और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को लेकर भी कई बार पार्टी के अंदर ही आवाज उठाकर पार्टी के टॉप लीडरों पर लोगों के सामने सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। बीरेंद्र सिंह अपनी राजकीय विरासत संभालना चाहते है। बीरेंद्र सिंह सर छोटू राम की विरासत के साथ किसानों और साथ ही साथ जाट वोटरों को भी रिझाने का काम कई बार कर चुके हैं। बता दे की केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह ने आरक्षण के लिए जाट समुदाय की मांग का समर्थन किया था और कहा कि हरियाणा सरकार इस संबंध में एक विधेयक लाने को प्रतिबद्ध है। इतना ही नहीं बीरेंद्र सिंह हमेशा अपने बयानों के कारण भी विवादों में बने रहते है। कई वर्षो पहले राज्यसभा की एक सीट 100 करोड़ रुपये में मिलने की बात कहकर उन्होंने विवाद पैदा कर दिया था, उस समय वह कांग्रेस सांसद थे।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close