संपादकीय

भाजपा की शेरनी सुनीता दुग्गल के सामने तंवर ‘फेल’

HISAR TODAY

रोहतक में मतदान के दिन एक हिस्‍ट्रीशीटर बदमाश के रोहतक में पकड़े जाने के बाद अब कांग्रेस ने रोहतक, फरीदाबाद, सिरसा और करनाल लोकसभा सीटों पर मतदान के दौरान गड़बड़ियों के आरोप लगाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई पार्टी नेताओं ने मतदान के दौरान धांधली होने के खुले आरोप जड़ना शुरू कर दिया। कांग्रेस अब केंद्रीय चुनाव आयोग के दरवाजे खटखटाने लगी है।
बता दें कि आरोप लगाने में अशोक तंवर भी पीछे नहीं रहे। रानियां के सरपंच के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंच गए। अशोक कहते हैं कि रानियां हलके के गांव मंगाला के सरपंच पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन किया है। तंवर ने सरपंच को निलंबित करने व गांव के संबंधित बूथों पर दोबारा से मतदान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर गांव मंगाला के सरपंच की एक वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें वह भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल के पक्ष में डाली गई वोट की जानकारी दे रहा है। बता दें कि दो दिनों पहले एक ऐसी गाड़ी भी चर्चा में आई थी, जिसमें ईवीएम रखी थी। इसके बाद तंवर ने बयान दिया था कि यदि फिर ऐसी गाड़ी दिखाई दे तो उसमें आग लगा दें।
वैसे इस चुनाव में महिला की दहाड़ क्या होती है यह भाजपा की सिरसा की प्रत्याशी सुनीता दुग्गल ने बखूबी बयान किया है। सुनीता दुग्गल ने अब सीधे-सीधे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर से भिड़ रही है।
उन्होंने तो उनको अपने दिमाग का इलाज तक करवाने की सलाह देकर यह दिखा दिया कि उन्हें कोई कमजोर महिला की तरह न ले। बता दें कि सुनीता दुग्गल सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा है। वैसे पिछली बार ही वह 2014 में मोदी लहार के दौरान टिकट की मांग कर रही थी, मगर उस समय यह मुमकिन नहीं हुआ, उन्होंने विधासभा चुनाव लड़ा मगर उन्हें कामयाबी नहीं मिली। हालांकि 2019 में वह दुगने आत्मविश्वास के साथ नजर आयी। वैसे मुझे पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुड बुक में सुनीता दुग्गल का हमेशा से नाम रहा है इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अमित शाह की चुनावी सभा इस बात का सबुत है कि सुनीता दुग्गल को जिताने के लिए पार्टी हाईकमान भी सीधे तौर पर लगा हुआ था। मगर याद है कि इस चुनाव के दौरान सुनीता दुग्गल के पति पर सरकारी तंत्र का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया, किसान विरोधी बताया और यह पूरी कोशिश की कि उनको चुनाव में भटकाया जा सके और शायद इसी चक्कर में अशोक तंवर खुद ही अपने जाल में फंस गए है।
क्योंकि सिरसा लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुगगल ने तो ऐसा बयान दे दिया है जो प्रदेशाध्यक्ष के लिए शर्मनाक बात से कम नहीं। उन्होंने कहा कि अशोक तंवर अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं क्योंकि वह मान गए हैं कि उनकी हार निश्चित है। पहली बार है कि सुनीता दुग्गल ने 12 तारीख खत्म होने का इंतजार किया और चुनाव के बाद खुलकर अपनी भड़ास निकाली और दिखा दिया कि बयानबाजी और प्रदेशाध्यक्ष की भी धज्जियां उड़ाने में वह पीछे नहीं है। दुग्गल ने चुनाव के बाद जो अपनी भड़ास निकाली शायद अशोक तंवर यह सुनकर मुंह दिखाने के काबिल भी न रहंे।
दुग्गल ने कहा हद्द तब हो गई जब उनके पति और भाई पर रूपए और शराब वितरित कराने के आधारहीन आरोप लगाए। ताज्जुब तब हुआ जब दुग्गल ने कहा कि अगर वो लिखित माफी नहीं मांगी तो मानहानि का सामना तंवर को करना पड़ेगा। भाई तंवर जी अब सोच समझ कर पंगा लीजिये। क्योंकि यह वह महिला नहीं जिन्हे आपने कुछ भी बोल दिया और निकल गए। सुनीता दुग्गल भाजपा की वह शेरनी है जिसके सामने तंवर भी भीगी… नजर आ रहे हैं। इसलिए भाजपा की इस महिला प्रत्याशी को कोई हल्केे में न ले।

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