संपादकीय

भाजपा का मीडिया मैनेजमेंट बृजेन्द्र को ले डूबा !

Hisar Today

कभी सोचा है कि सोशल मीडिया में 2014 तक छायी भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग टीम ने क्या माहौळ बनाया था। कभी सोचा है कि सोशल मीडिया में छायी भाजपा ने लोगों के दिमाग में क्या असर डाला था, यह भाजपा की सोशल मीडिया का करिश्मा ही था कि मोदी वेव की चर्चा सुर्खिया बनी। मगर क्या ऐसे हालात आज हैं? आजकी हिसार लोकसभा चुनाव की स्थिति देखकर लगता है कि भाजपा सोशल मीडिया मैनेजमेंट और प्रेस नोट भिजवाने में अन्य पार्टियों की तुलना में बेहद कमजोर और फीका नजर आ रहा है। भाई मैंने तो सुना था जब अमित शाह ने कहा था कि हिसार सबसे हॉट सीट है, हमारा पूरा फोकस है, तब मैंने सोचा कि इस बार भाजपा हिसार में 2014 से भी ज्यादा तिगुनी ताकत से हिसार लोकसभा में फतेह करने का सोचेगी। परन्तु आज 2019 में हिसार लोकसभा चुनाव की तरफ देखें तो लगता नहीं कि भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग टीम कोई ज्यादा गंभीर है। यह मैं नहीं उनकी टीम की लापरवाही और काम करने का तरीका बोल रहा है।
आज सुना है कोई नई एजेंसी को नियुक्त किया है मीडिया तक हिसार लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह की सारी खबरंे पहुंचाने के लिए। मगर यह एजेंसिया जिस प्रकार से काम कर रही हैं लगता है कि वो हिसार में भाजपा प्रत्याशी को जितवाने नहीं बल्कि हरवाने में तुली हुयी हैं, भला हो भाजपा के प्रवकताओं का कम से कम पत्रकारों को भाजपा की पीआर एजेंसी द्वारा भेजी खबरों को कन्फर्म करने का मौका तो मिलता है, मगर न जाने यह लोग क्या चेप दंे।
वैसे एक मशहूर अखबार में खबर छपी थी ओमप्रकाश महाजन ने दिया भाजपा को समर्थन। अब यह भाजपा के हिसार लोकसभा क्षेत्र के लिए चुने गए मीडिया एजेंसी की गलती है या अखबार की समझदारी। ज्ञात हो कि इस खबर में लिखा गया “पूर्व मंत्री महाजन ने दिया बीरेंद्र को समर्थन।” खबर पढ़ते ही मैं तो चौंक गया कि भाई ऐसा कैसे हुआ? सुना है पूर्व मंत्री ओमप्रकाश महाजन का तो स्वगर्वास बहुत वर्षों पहले हो चुका है। ऐसे में खबर छपी की “पूर्व मंत्री ओमप्रकश महाजन ने अपने आवास पर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि उनका पूरा स्पोर्ट बृजेन्द्र सिंह के साथ है, हैरत की बात है जिनका कई साल पूर्व स्वर्गवास हो चुका है वो कैसे जीवित होकर समर्थन दे सकते हैं? भाई यह तो खबर भेजने और खबर लिखने वाले जानें। वैसे इस खबर को पढ़ने के बाद उनके परिवार के सदस्य भी यह कहने लगे है कि भाई यह चल क्या रहा है। लगता है नए लोगों को भर्ती कर रखा है जिनको हिसार के इतिहास का कुछ ज्ञान नहीं।
खैर आगे बढ़ते हैं भाजपा की हिसार में नियुक्त मीडिया एजेंसी की तरफ महाशय जी ने खबर भेजी बृजेन्द्र सिंह को व्यापारियों, सामाजिक संगठन और राजनीतिक घरानों ने दिया समर्थन। कुछ देर बाद गलती सुधारने के लिए दुबारा मेल भेजा “Plz गलती को सुधारना है। भूतपूर्व सीपीएस श्री विनोद भयाना को गलती से मनोज भयाना लिखा गया। गलती के लिए खेद है।” हद्द यहीं खत्म नहीं होती इनकी सोशल मीडिया ग्रुप ऐसी बेकार तस्वीर निकालकर पत्रकारों को भेज रहा है जो लगता है किसी नौसिखिये ने खींची हो। खुद प्रत्यशी की तस्वीर भी सही प्रकार से नहीं खींची जा रही। जिसको देखकर लगता है कि क्या कुछ भाजपा के लोगों ने क्या सुपारी ले रखी है बृजेन्द्र की छवि खराब करने और उनका अनियोजित प्रचार करके। बार-बार गलती से जहां वह यह दर्शा रहे हैं कि उनके लिए यह चुनाव जीतना जरुरी है या नहीं, बल्कि वह यह भी साबित कर रहे हैं पैसा आ गया प्रत्याशी जीते या हारे क्या करना है! भाजपा इतनी कमजोर सोशल इंजीनियरिंग में हो सकती है यह यकीन ही नहीं होता। यह तो सीधे तौर पर खराब मीडिया मैनेजमेंट के कारण बृजेन्द्र की हार करवाने में तुले हैं। शायद पार्टी के वरिष्ठ यह पढ़कर कुछ सबक तो लेंगे, यही आशा है वरना आगे बृजेन्द्र का राम जाने।

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