संपादकीय

बिल्लू क्यों नहीं लड़ा चुनाव?

Hisar Today

आखिरकार बिल्लू भाई साहब ने लोकसभा की 10 में से छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर उन लोगो का मुंह बंद कराने की कोशिश की जो यह बोलते थे कि बिल्लू की पार्टी में उम्मदवारो का टोटा है। मगर वाह भाई साहब क्या बात है। पार्टी ने सिरसा से मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी को छोड़कर बाकी पांच सीटों पर नये चेहरों को मैदान में उतारा है। “नए चेहरे ? बिलकुल ठीक सुना आपने नए चेहरे।
भाई जब बिल्लू के पास उम्मीदवार ही नहीं तो नए को ही तो मौका देंगे। मगर यह क्या भाईसाहब आप तो इतने डरपोक निकले की आपको खुद चुनाव में उतारकर अपने भतीजों को दिखाना चाहिए था की आपके पास कितना दम ख़म है, मगर आपने तो न खुद खड़े होने का साहस दिखाया न ही अपने बेटों को खड़ा किया और न ही अपने वफादार सिपहसलारों को? क्या इसका मतलब मैं मान लूं आप कडर गए हो या आपके वफादार चुनाव में खड़े होने से घबरा रहे हैं ?
वैसे आप मेरे जैसे आलोचकों का मुंह अब भी बंद कर सकते हैं कुरुक्षेत्र, रोहतक, गुरुग्राम और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट पर से अपने किसी वफादार को टिकट देकर के। मगर सवाल यही उठ खड़ा होता है कि आपके साथ हर कदम साथ देने का दावा करने वाले आपके वफादार सांसद का चुनाव लड़ेंगे ? खैर छोड़िये जवाब सभी समझदार वोटरों को पता है।
वैसे 2009 के विधानसभा चुनावों में चरणजीत रोड़ी ने अकाली दल के टिकट पर कालांवाली से विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 2014 में इनेलो ने रोड़ी को सिरसा संसदीय सीट से चुनाव मैदान में उतारा। अब पार्टी ने अपने मौजूदा सांसद को ही दोबारा से चुनाव लड़वाने का फैसला कर चुकी है। रिजर्व अंबाला सीट पर पार्टी ने यमुनानगर निगम में डिप्टी मेयर रहे रामपाल वाल्मीकि को टिकट दिया है। इसी तरह से करनाल से पार्टी ने असंध के हलका अध्यक्ष धर्मबीर को चुनाव लड़वाने का ऐलान किया है। धर्मबीर पुराने वर्कर और स्वतंत्रता सेनानी परिवार से हैं। सोनीपत से कार्यकारी जिलाध्यक्ष रह चुके सुरेंद्र छिक्कारा को प्रत्याशी घोषित किया गया है। सबसे हॉट मानी जा रही हिसार सीट पर कौथ गांव के सुरेश कौथ को लड़वाने का निर्णय लिया है। सुरेश कौथ जाट आरक्षण आंदोलन में काफी सक्रिय रहे थे। वही फरीदाबाद से इनेलो ने प्रदेश सचिव महेंद्र चौहान को उम्मीदवार बनाया है।
वहीं दूसरा सुनने में तो यह भी आया है कि पार्टी अंबाला से सेवानिवृत्त आईएएस बीडी ढालिया और सोनीपत से पूर्व डीजीपी महेंद्र सिंह मलिक को चुनाव लड़वाना चाहती थी। इसी तरह से कुरुक्षेत्र से रामपाल माजरा के नाम की चर्चा थी। बताते हैं कि पार्टी के ये बड़े चेहरे लोकसभा चुनाव के मैदान में जाने के लिए राजी नहीं हुये। इसी वजह से पार्टी ने नये चेहरों को मैदान में उतारने का निर्णय लिया।
अभय ने बड़ा खुलासा किया कि सिरसा से सांसद चरणजीत रोड़ी ने ईमानदारी का परिचय देकर पार्टी की साख बढ़ाई है। स्टिंग ऑपरेशन के तहत रोड़ी को फंसाने की कोशिश हुई। उन्हें 10 करोड़ रुपये की पेशकश इसलिए की गई ताकि वे लोकसभा में सवाल पूछ सकें। रोड़ी ने पैसा लेने से इनकार कर दिया।
वैसे बिल्लू का एक दिन नहीं जाता जब वह अपने भतीजों के खिलाफ कुछ न कहे। ऐसा ही हुआ जब पत्रकार परिषद् का आयोजन किया था तब उन्होंने जजपा-आप गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनका सिर्फ एक ही मकसद है चौ. ओमप्रकाश चौटाला को जेल से बाहर आने से रोकना। आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल तो एसवाईएल का पानी हरियाणा को मिलने के खिलाफ रहे हैं। ऐसे ही भाजपा ने अकाली दल से गठबंधन किया है। साफ है कि भाजपा किसानों के खिलाफ है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close