राजनीतिसंपादकीय

जाटलैंड में मोदी और अमित शाह की नजर

हरियाणा की 10 लोकसभा सीटें जीतने का मिशन लेकर मैदान में उतरी भारतीय जनता पार्टी का सारा ध्यान उन सीटों पर केंद्रित कर रखा है जो पिछली बार उनके हाथों से निकल गई थी। भाजपा के लिए हर सीट जीतना इसलिए भी मुश्किल है क्योंकि इस बार 2014 जैसी मोदी लहर देश में नहीं चल रही है। इतना ही नहीं इस बार भाजपा को कई जगह विरोध का सामना भी करना पड़ेगा। किसानों की समस्या, बेरोजगारी, देश का पैसा लूटकर दूसरे देशों में फरार पूंजीपतियों का मसला हो, हर मामले में भाजपा को हर जगह रोष का सामना करना पड़ रहा है।
एक तरफ उत्तरप्रदेश में भाजपा की स्थिति खराब है तो वहीं ठीक दूसरी तरफ भाजपा के खिलाफ हरियाणा में जाट आरक्षण को लेकर आवाज बुलंद करवाने वाले यशपाल मलिक समेत इन्हांसमेंट के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरने को लेकर हवा चल रही है। ऐसे में किसान अनाज की सही कीमत न मिलने से व्यथित हंै तो ठीक दूसरी तरफ छोटे व्यापारी भी व्यापार ठप्प होने से परेशान हैं। यही कारण है कि भाजपा को यह चिंता खाये जा रही है कि कहीं हरियाणा में उनको हार का सामना न करना पड़े, यही कारण है कि अब हरियाणा पर भाजपा ने पूरा फोकस कर रखा है। अमित शाह के साथ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चुनावी प्रचार सभाओं को सम्बोधित करने के लिए विशेषकर हरियाणा के दौरे पर हैं। भूपेंद्र हुड्डा के गढ़ में साथ ही जाट लैंड पर सेंध लगाने के लिए अब भाजपा के दिग्गज हरियाणा की सरजमी पर कदम रखने जा रहे हैं। क्योंकि आपको तो पता ही है कि यह उनके शान और अहम का सवाल बन गया है।
बता दें कि लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हरियाणा में रैली करेंगे। 5 मई को शाह सोनीपत के हुडा मैदान में सेक्टर-15 में रैली को संबोधित करेंगे। सोनीपत के बाद पानीपत और यमुनानगर में रैली भी करेंगे। हरियाणा में शाह की रैली को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं में भी काफी जोश देखने को मिल रहा है। वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 और 10 मई को हरियाणा आएंगे। 10 मई को रोहतक में हुड्डा के गढ़ को वह प्रभावित करने की कोशिश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां रैली लेकर हुड्डा के गढ़ को सेंध लगाने की कोशिश करेंगे।
मोदी जहां जाट लैंड को प्रभावित करेंगे, वहीं ठीक दूसरी तरफ अपने गढ़ को बचाने के लिए हिसार से सांसद एवं जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के साझे उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला और आम आदमी पार्टी और जेजेपी के इस गठबंधन से लड़े जा रहे चुनाव में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 7 मई को हिसार में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने हिसार आएंगे। ऐसे में सवाल यह उठखडा होता है कि कौन सी रैली से हवा बदलेगी?
बता दें कि आज भाजपा के सामने चुनौतियां भरपूर हैं। मगर भाजपा की हिसार टीम का यह दावा है कि उनकी नैया मोदी लहर में पार होगी। खुद बीरेंद्र सिंह ने कहा था कि आज का दौर ऐसा है कि लोग मोदी के नाम पर वोट देंगे। क्योंकि सब मोदी को देख रहे हैं, प्रत्याशी को नहीं। हर चुनाव में प्रत्याशियो को गलतफैमी होती है।
जो प्रत्याशी खुद के काम पर वोट नहीं मांगता, वो खुद की दुर्बलता को उजागर करता है। कुछ प्रत्याशी ऐसे होते हैं जिनके पास खुद के गिनाने का काम नहीं ऐसे में अगर यह प्रत्याशी आपसे वोटों की भीख मांगते है तो आप किस कार्यों को देखकर वोट करोगे? एक छोटी सी बात है कि अगर आपके आस-पास कुछ होता है और आपको अपने कार्यों को करवाने के लिए सांसद के हस्ताक्षर या मदद की जरुरत है, तो की आप केंद्र के पास जायेंगे? या ऐसे लोगों के पास जाएंगे जो घर से ज्यादा विदेशी दौरे में रहते हैं? या उसके पास जो आपके कार्यों के लिए सदैव उपस्थित रहता है। यही सवाल आज मेरे नहीं सभी के जहन से निकलकर सामने आ रहा है। खैर कुछ भी हो मगर इस रैलियों ने इस बार सभी को सभी दिग्गजों के भाषण जरूर सुनने को मिलेंगे, मगर वो कितना असर डालेंगे यह देखने योग्य बात होगी।

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